Bhadohi News: फर्जी फर्म और म्यूल खातों से 50 करोड़ की ठगी में दो गिरफ्तार, बिहार में घोटाले से जुड़ा तार
Bhadohi News: भदोही में देशव्यापी इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया गया। इस दौरान फर्जी फर्म और म्यूल खातों से 50 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो ठग गिरफ्तार किए गए।
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भदोही जिले की पुलिस ने मंगलवार को एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया। फर्जी ट्रेडिंग एवं इन्वेस्टमेंट वेबसाइट बनाकर करीब 50 करोड़ रुपये का हेरफेर करने वाले गिरोह के दो सदस्य नंदापुर निवासी मन्नू सिंह और चकसिखारी निवासी ओमप्रकाश गौतम को बनकट छनौरा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के तार बिहार एनएचएआई के 32 करोड़ घोटाले से जुड़े हैं। जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पटना कर रही है। गिरोह के विरुद्ध एनसीआरपी के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से 100 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि साइबर मामलों की जांच में पता चला कि नंदापुर निवासी मन्नू सिंह और चकसिखारी निवासी ओमप्रकाश गौतम के तार साइबर ठगी के एक गिरोह से जुड़े हैं। यह गिरोह फर्जी ट्रेडिंग एवं इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म से देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी कर चुका है।
पुलिस ने दोनों को बनकट छनौरा के पास से गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों ने 50 से अधिक म्यूल बैंक खातों का उपयोग कर साइबर ठगी के आए पैसों को स्थानांतरित किया था। गिरोह के जुड़े विभिन्न खातों से 30 लाख से अधिक की धनराशि फ्रीज कराई गई। इनके पास से पांच मोबाइल फोन, सात जियो सिम कार्ड, पांच एटीएम/डेबिट कार्ड, तीन पासबुक एवं तीन चेकबुक, दो फर्जी आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, दो बैंक खाता खोलने संबंधी फॉर्म, 43 आधार अपडेट फॉर्म समेत अन्य उपकरण बरामद हुए।
फर्जी फर्म बनाकर बनाते थे निशाना, चार और साथी भी हैं सक्रिय
बताया कि दोनों अपने साथियों के साथ मिलकर “एफआईएसडी पीआरओ” नामक फर्जी ट्रेडिंग एवं इन्वेस्टमेंट वेबसाइट संचालित करते थे। वे व्हाट्सएप एवं टेलीग्राम ग्रुप बनाकर लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देते। भागे हुए साथियों की मदद से ही ये दोनों बैक डेट में फर्जी उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र तैयार कर विभिन्न बैंकों में फर्जी फर्मों के नाम से करंट व कॉरपोरेट खाते खुलवाते। जिनमें ठगी की धनराशि प्राप्त की जाती थी। पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करते। अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार करते थे। उन्हीं के आधार पर फर्जी सिम, व्हाट्सएप एवं टेलीग्राम अकाउंट संचालित करते थे।
बिहार में एनएचएआई से जुड़े हैं मुन्नू सिंह के तार
एएसपी ने बताया कि बिहार में एनएचएआई के 32 करोड़ घोटाले के मुख्य आरोपी कोटक महिन्द्रा बैंक के पूर्व मैनेजर सुमित सिंह ने इन पैसों को कई खातों में ट्रांसफर किया था। ईडी की जांच आगे बढ़ी तो गिरफ्तार मन्नू सिंह व उसकी पत्नी रीमा सिंह के खातों में भी उन पैसों के हेरफेर का मामला सामने आया। बताया कि पटना ईडी ने उक्त घोटाले में ज्ञानपुर निवासी मन्नू सिंह व रीमा सिंह का नाम सामने आने के बाद दबिश देकर उनकी संपत्तियों को कुर्क किया था। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में आभूषण एवं नकदी भी बरामद की गई थी।
ओमप्रकाश के खाते से छह दिन में 70 लाख का लेनदेन
गिरफ्तार ओमप्रकाश गौतम के नाम पर संचालित 'सिद्धार्थ इंटरप्राइजेज' के यस बैंक के खाते से मात्र छह दिनों में लगभग 70 लाख रुपये और भागे आरोपी के फर्म के नाम पर संचालित यस बैंक खाता में एक करोड़ तीन लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन हुआ। गिरफ्तार मन्नू सिंह बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी खातों का संचालन कराता था। नेट बैंकिंग आईडी व पासवर्ड गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराता था। इनके खाते में केरल, हरियाणा, दिल्ली, तेलंगाना, बिहार आदि से 100 से अधिक एनसीआरपी शिकायतें आई हैं।
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10वीं पास है मन्नू, ओमप्रकाश करता था मजदूरी
एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार मन्नू सिंह 10वीं पास हैं। उसकी बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान है। वहीं ओमप्रकाश पहले बाहर मजदूरी करता था। उसकी पढ़ाई बीए तक हुई है। वापस लौटने के बाद वह इस गिरोह से जुड़ा और तब से लेकर अब तक यहीं काम करता रहा।
गिरफ्तार मन्नू सिंह ने कई अहम बातें बताई हैं। मामले में अभी चार अन्य अभियुक्त हैं। जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच जैसे आगे बढ़ेगी और भी सुराग मिलेंगे। यह गिरोह के खोले बैंक खातों पर देशभर से 100 अधिक एनसीआरपी शिकायतें मिली हैं। -शुभम अग्रवाल, एएसपी