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Bhadohi News: ईयरफोन-बड्स लगाने से युवाओं में सुनने की क्षमता हो रही कम
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ज्ञानपुर। सफर के दौरान या कंप्यूटर के बोर्ड पर अंगुलियां चलाते वक्त युवा वर्ग शौक से ईयरफोन-बड्स का इस्तेमाल करते हैं।
घंटों भर कान में ईयरफोन लगे रहते हैं, यदि आप भी ऐसा करते हैं, तो सतर्क हो जाइए, क्योंकि ऐसे लोगों में उम्र के साथ सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। 18-35 साल के युवा इन समस्याओं के साथ जिला अस्पताल के ओपीडी में रोजाना 10 से 12 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं। जिन्हें जांच करके चिकित्सक दवा दे रहे हैं। करीब लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाला महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में हर दिन औसतन 800 की ओपीडी होती है। यहां नाक, कान, गला के डॉक्टर नहीं है, इसके बाद भी ईएनटी की ओपीडी 20 से 25 तक होती है। इन मरीजों को फिजिशियन देखते हैं।
अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि इन दिनों ईएनटी के 10 से 12 मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें कम सुनाई देता है। इसका मुख्य कारण है कि ऐसे लोग ज्यादा समय तक कान में ईयरफोन लगाते हैं। जब आवाज लगातार कुछ समय तक कान में गूंजता है। उससे निकले वाला धमक, साउंड, ध्वनि नुकसान करता है। बताया कि काम न होने पर एक घंटे से कम ही ईयरफोन का उपयोग करें।
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घंटों भर कान में ईयरफोन लगे रहते हैं, यदि आप भी ऐसा करते हैं, तो सतर्क हो जाइए, क्योंकि ऐसे लोगों में उम्र के साथ सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। 18-35 साल के युवा इन समस्याओं के साथ जिला अस्पताल के ओपीडी में रोजाना 10 से 12 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं। जिन्हें जांच करके चिकित्सक दवा दे रहे हैं। करीब लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाला महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में हर दिन औसतन 800 की ओपीडी होती है। यहां नाक, कान, गला के डॉक्टर नहीं है, इसके बाद भी ईएनटी की ओपीडी 20 से 25 तक होती है। इन मरीजों को फिजिशियन देखते हैं।
अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि इन दिनों ईएनटी के 10 से 12 मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें कम सुनाई देता है। इसका मुख्य कारण है कि ऐसे लोग ज्यादा समय तक कान में ईयरफोन लगाते हैं। जब आवाज लगातार कुछ समय तक कान में गूंजता है। उससे निकले वाला धमक, साउंड, ध्वनि नुकसान करता है। बताया कि काम न होने पर एक घंटे से कम ही ईयरफोन का उपयोग करें।
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