भदोही। भारतीय ऊनी कालीनों पर शीघ्र ही ऊनी कालीन मार्क का लेबल लगना शुरू हो जाएगा। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने इसे लागू करने की जिम्मेदारी भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) को दी थी। लेबल को लागू करने के लिए कालीन निर्यातकों के साथ कई दौर के वार्ता की गई। जल्द ही नई दिल्ली में इसे लॉन्च किया जाएगा। नगर स्थित आईआईसीटी में बैठक में ऊनी कालीन लेबल के फायदों पर चर्चा की गई। आईआईसीटी निदेशक डॉ. राजीव कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि लंबे समय से ऊनी कालीनों की गुणवत्ता तय करने वाले लेबल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। जिसके लिए वस्त्र मंत्रालय के निर्देश पर हमने काम लगभग पूरा कर लिया है। यह लेबल आरएफ आईडी कोड आधारित होगा।
जिसका चिप प्रत्येक कालीन में लगा होगा। देश-विदेश में खरीदारों को मिनटों में बता देगा कि किसी कालीन में कितनी मात्रा में ऊन का प्रयोग हुआ है। निदेशक ने बताया कि इस लेबल का उद्देश्य ही है कि ऊनी कालीनों की महत्ता बची रहे और खरीदार को ऊनी कालीन बताकर गलत माल न बेचा जा सके। निदेशक ने बताया कि कालीन लेबल को नई दिल्ली में लॉन्च किया जाएगा, लेकिन मंत्रालय का मानना है कि हितधारकों के साथ एक और बैठक नई दिल्ली में करने के बाद लॉन्चिंग की तिथि तय की जाए। बताया कि शीघ्र ही हम नई दिल्ली में इसके लिए बैठक करेंगे। जिसमें उप्र, पानीपत, दिल्ली, कश्मीर, जयपुर, समेत देश के अन्य राज्यों के हित धारक भी शामिल होंगे। बैठक में रवि पाटोदिया, यादवेंद्र कुमार राय, आलोक बरनवाल, आरके बोथरा, ओपी गुप्ता, सुजीत जायसवाल, प्रत्युष बरनवाल, मो. दानिश, आफताब अंसारी, दीप गुप्ता, अब्दुल अजीज खां आदि रहे।