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Bijnor News: बिजनौर डिपो में खरीदे गए 50 फर्स्ट एड बॉक्स
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बिजनौर। रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र नहीं होने की समस्या सबसे आम है। लेकिन अब बसों में यह कमी दूर करने के लिए बिजनौर डिपो में 50 फर्स्ट एड बॉक्स खरीदे गए। जिसके चलते अब यात्रियों को परेशानी होने पर तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सकेगा।
परिवहन निगम की अनदेखी से रोडवेज बसों में अव्यवस्था का बोलबाला रहता है। अमर उजाला में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र नहीं होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। 11 अप्रैल को रोडवेज बस परिचालक बोली, ये फर्स्ट एड बॉक्स क्या होता है शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई। जबकि, पांच मई को भी पड़ताल करने के बाद आसान नहीं गड्ढों भरी सड़क पर खटारा बस में सफर शीर्षक से खबर छपी। खबर छपने के बाद परिवहन निगम के अधिकारियों ने कमियों का संज्ञान लिया। जिसके बाद बिजनौर डिपो में 50 फर्स्ट एड बॉक्स खरीदे गए।
जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं थे, उन बसों में कार्यरत परिचालकों को ये बॉक्स लगाने के लिए दिए गए। इसके अलावा बसों में निरीक्षण कर अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता भी परखी। जिन बसों में अग्निशमन यंत्रों की तारीख निकल गई थी, उन्हें दोबारा भरवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चालक, परिचालकों को कमी दूर करने के बाद रोडवेज बसों को रूट पर ले जाने के लिए निर्देशित किया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था, उनमें खरीदे गए बॉक्स लगवा दिए हैं। यात्रियों को सफर में कोई परेशानी न हो, इसका ख्याल रखने के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं थे, उन बसों में कार्यरत परिचालकों को ये बॉक्स लगाने के लिए दिए गए। इसके अलावा बसों में निरीक्षण कर अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता भी परखी। जिन बसों में अग्निशमन यंत्रों की तारीख निकल गई थी, उन्हें दोबारा भरवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चालक, परिचालकों को कमी दूर करने के बाद रोडवेज बसों को रूट पर ले जाने के लिए निर्देशित किया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था, उनमें खरीदे गए बॉक्स लगवा दिए हैं। यात्रियों को सफर में कोई परेशानी न हो, इसका ख्याल रखने के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।