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Bijnor News: दावों में पर्याप्त यूरिया हकीकत में लंबी कतार
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बिजनौर। भीषण गर्मी में घंटों लाइन में खड़े किसानों को एक हेक्टेयर के हिसाब से पांच से सात कट्टे यूरिया के दिए जा रहे हैं। अफसर खाद की व्यवस्था सामान्य होने का दावा कर रहे हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है।
सहकारी समितियों और गोदामों पर पुरुष व महिला किसानों की लंबी कतारें लगी हैं। किसान कई घंटे खाद के लिए धक्के खाने को मजबूर हैं, फिर भी जरूरत के मुताबिक यूरिया नहीं मिल पा रहा। गन्ना उत्पादक किसानों का कहना है कि सात कट्टों से उनकी फसल की जरूरत पूरी नहीं हो सकती, जबकि अधिकारी नियमों का हवाला देकर सीमित वितरण कर रहे हैं। किसान अजयपाल सिंह और परवेंद्र सिंह ने बताया कि वह सुबह से समिति गोदाम पर डटे हुए हैं। कागज जमा कराने के बाद भी उन्हें केवल पांच से सात कट्टे यूरिया देने की बात कही जा रही है।
किसानों ने कहा कि भीषण गर्मी में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन उनकी परेशानी समझने को तैयार नहीं है।
वहीं कृषि विभाग लगातार जिले में खाद की उपलब्धता सामान्य होने का दावा कर रहा है। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया के अनुसार जिले में यूरिया की 20,848 मीट्रिक टन और डीएपी की 6,968 मीट्रिक टन उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में 2680 मीट्रिक टन व दूसरी 3168 मीट्रिक टन यूरिया की रैक आ गई है। यूरिया की एक और रैक बुधवार को 1325 मीट्रिक टन पहुंचने की पूरी संभावना है। इसके अलावा एक डीएपी रैक 2668 मीट्रिक टन की रैक आ गई
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सहकारी समितियों और गोदामों पर पुरुष व महिला किसानों की लंबी कतारें लगी हैं। किसान कई घंटे खाद के लिए धक्के खाने को मजबूर हैं, फिर भी जरूरत के मुताबिक यूरिया नहीं मिल पा रहा। गन्ना उत्पादक किसानों का कहना है कि सात कट्टों से उनकी फसल की जरूरत पूरी नहीं हो सकती, जबकि अधिकारी नियमों का हवाला देकर सीमित वितरण कर रहे हैं। किसान अजयपाल सिंह और परवेंद्र सिंह ने बताया कि वह सुबह से समिति गोदाम पर डटे हुए हैं। कागज जमा कराने के बाद भी उन्हें केवल पांच से सात कट्टे यूरिया देने की बात कही जा रही है।
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किसानों ने कहा कि भीषण गर्मी में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन उनकी परेशानी समझने को तैयार नहीं है।
वहीं कृषि विभाग लगातार जिले में खाद की उपलब्धता सामान्य होने का दावा कर रहा है। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया के अनुसार जिले में यूरिया की 20,848 मीट्रिक टन और डीएपी की 6,968 मीट्रिक टन उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में 2680 मीट्रिक टन व दूसरी 3168 मीट्रिक टन यूरिया की रैक आ गई है। यूरिया की एक और रैक बुधवार को 1325 मीट्रिक टन पहुंचने की पूरी संभावना है। इसके अलावा एक डीएपी रैक 2668 मीट्रिक टन की रैक आ गई