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Bijnor News: महाविद्यालयों में हर सेमेस्टर में 90 शिक्षण दिवस अनिवार्य
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बिजनौर। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय मुरादाबाद ने संबद्ध महाविद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जारी शैक्षणिक कैलेंडर का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के मानकों के अनुरूप प्रत्येक सेमेस्टर में न्यूनतम 90 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना सभी महाविद्यालयों की जिम्मेदारी होगी।
मुरादाबाद यूनिवर्सिटी के कुलसचिव गिरीश कुमार द्विवेदी ने सभी प्राचार्यों को निर्देश जारी किए। पत्र में कहा कि उप्र राज्य उच्च शिक्षा परिषद और उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के क्रम में कुलपति के आदेशानुसार सभी महाविद्यालयों को शैक्षणिक गतिविधियां निर्धारित कैलेंडर के अनुसार संचालित करनी होंगी। शिक्षण दिवसों में किसी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।
सत्र 2026-27 में केवल उन्हीं पाठ्यक्रमों और विषयों में प्रवेश एवं पंजीकरण किए जाएंगे, जिनमें संबंधित महाविद्यालय को विश्वविद्यालय से वैध संबद्धता प्राप्त है। साथ ही प्रवेश प्रक्रिया विषयवार स्वीकृत सीटों के अनुरूप ही पूरी करनी होगी। स्वीकृत क्षमता से अधिक प्रवेश को अवैध और विधि शून्य माना जाएगा।
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विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों से कहा है कि प्रवेश, पंजीकरण, सीट लॉकिंग और शैक्षणिक गतिविधियों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। शैक्षणिक कैलेंडर का समयबद्ध अनुपालन कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।
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मुरादाबाद यूनिवर्सिटी के कुलसचिव गिरीश कुमार द्विवेदी ने सभी प्राचार्यों को निर्देश जारी किए। पत्र में कहा कि उप्र राज्य उच्च शिक्षा परिषद और उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के क्रम में कुलपति के आदेशानुसार सभी महाविद्यालयों को शैक्षणिक गतिविधियां निर्धारित कैलेंडर के अनुसार संचालित करनी होंगी। शिक्षण दिवसों में किसी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।
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सत्र 2026-27 में केवल उन्हीं पाठ्यक्रमों और विषयों में प्रवेश एवं पंजीकरण किए जाएंगे, जिनमें संबंधित महाविद्यालय को विश्वविद्यालय से वैध संबद्धता प्राप्त है। साथ ही प्रवेश प्रक्रिया विषयवार स्वीकृत सीटों के अनुरूप ही पूरी करनी होगी। स्वीकृत क्षमता से अधिक प्रवेश को अवैध और विधि शून्य माना जाएगा।
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विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों से कहा है कि प्रवेश, पंजीकरण, सीट लॉकिंग और शैक्षणिक गतिविधियों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। शैक्षणिक कैलेंडर का समयबद्ध अनुपालन कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।