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Bijnor News: धामपुर डिपो में थम गए 57 बसों के पहिए, केवल नाै चलीं
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धामपुर। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मार्ग डायवर्जन के कारण रविवार को दिन भर धामपुर रोडवेज बस डिपों पर बसों का चक्का जाम रहा। बसों के न चलने से आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
66 बसों में केवल नौ बसों का ही संचालन हो पाया। केवल 10 परिचालकों की ही ड्यूटी लगी। बाकी अन्य की ड्यूटी न लगने से कर्मचारी मायूस है। कर्मचारियों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उन्हें ड्यूटी नहीं दी तो आंदोलन को विवश होंगे। उनका कहना है कि ड्यूटी करेंगे तो सरकार की ओर से तभी उन्हें मानदेय मिलेगा।
सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा कठिनाई आम यात्रियों एवं उत्तर प्रदेश रोडवेज परिवहन निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों को हो रही है। तीन दिन पहले प्रशासन द्वारा मार्ग डायवर्ट कर दिए जाने की वजह से धामपुर डिपों की 66 बसों का संचालन थम गया है। इस वजह से अधिकांश बसें रोडवेज डिपो पर खड़ी रही। बसों का चक्का जाम रहने की वजह से आने-जाने वालों को भी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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संविदा परिचालक गजेंद्र सिंह, नौबहार सिंह, निर्भय कुमार, पवन कुमार, गौरव कुमार आदि का कहना है कि बसों के पहिए थमने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। प्रशासन की ओर से सुनवाई नहीं हो रही है। शनिवार के दिन 20 बसों का संचालन हुआ था। रविवार को 66 में केवल नौ बसों का ही संचालन हो सका है। बाकी 130 से ज्यादा कर्मचारियों को ड्यूटी नहीं मिली, जिससे उनमें असंतोष है।
रोडवेज स्टेशन के प्रभारी महावीर सिंह का कहना है कि व्यवस्था को लेकर वह और उनके निगम के अधिकारी खुद परेशान हैं। हर स्तर पर प्रयास करने के बाद भी सफल नहीं हो पा रहे हैं। सबसे अधिक नुकसान निगम के संविदा चालक और परिचालकों को हो रहा है। निगम की आय सात लाख रुपये से घटकर 90 हजार तक पहुंच गई है।
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66 बसों में केवल नौ बसों का ही संचालन हो पाया। केवल 10 परिचालकों की ही ड्यूटी लगी। बाकी अन्य की ड्यूटी न लगने से कर्मचारी मायूस है। कर्मचारियों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उन्हें ड्यूटी नहीं दी तो आंदोलन को विवश होंगे। उनका कहना है कि ड्यूटी करेंगे तो सरकार की ओर से तभी उन्हें मानदेय मिलेगा।
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सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा कठिनाई आम यात्रियों एवं उत्तर प्रदेश रोडवेज परिवहन निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों को हो रही है। तीन दिन पहले प्रशासन द्वारा मार्ग डायवर्ट कर दिए जाने की वजह से धामपुर डिपों की 66 बसों का संचालन थम गया है। इस वजह से अधिकांश बसें रोडवेज डिपो पर खड़ी रही। बसों का चक्का जाम रहने की वजह से आने-जाने वालों को भी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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संविदा परिचालक गजेंद्र सिंह, नौबहार सिंह, निर्भय कुमार, पवन कुमार, गौरव कुमार आदि का कहना है कि बसों के पहिए थमने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। प्रशासन की ओर से सुनवाई नहीं हो रही है। शनिवार के दिन 20 बसों का संचालन हुआ था। रविवार को 66 में केवल नौ बसों का ही संचालन हो सका है। बाकी 130 से ज्यादा कर्मचारियों को ड्यूटी नहीं मिली, जिससे उनमें असंतोष है।
रोडवेज स्टेशन के प्रभारी महावीर सिंह का कहना है कि व्यवस्था को लेकर वह और उनके निगम के अधिकारी खुद परेशान हैं। हर स्तर पर प्रयास करने के बाद भी सफल नहीं हो पा रहे हैं। सबसे अधिक नुकसान निगम के संविदा चालक और परिचालकों को हो रहा है। निगम की आय सात लाख रुपये से घटकर 90 हजार तक पहुंच गई है।