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Bijnor News: गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचें, हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
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बिजनौर। गर्मी अधिक होने से लोगों में डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगी है। मेडिकल कॉलेज में इस समस्या के रोजाना 15 मरीज तक पहुंच रहे हैं। गर्मी में ज्यादा रहने से शरीर की पसीने की ग्रंथियां निष्क्रिय होने लगती हैं, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
फिजीशियन डॉ. राहुल विश्नोई ने बताया कि सामान्य स्थिति में पसीना शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने का काम करता है लेकिन अधिक गर्मी होने पर कई बार पसीना निकलना बंद हो जाता है। इस स्थिति में पसीने की ग्रंथियां ठीक से काम नहीं कर पातीं और शरीर की आंतरिक गर्मी बाहर नहीं निकलती है। ऐसे में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है, जो हीट स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. राजेश डाबरे ने बताया कि हीट स्ट्रोक के लक्षणों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी और बेहोशी शामिल हैं। समय रहते उपचार न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों अधिक सतर्क रहें। गर्मी में सावधानी बरतनी जरूरी है।
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फिजीशियन डॉ. राहुल विश्नोई ने बताया कि सामान्य स्थिति में पसीना शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने का काम करता है लेकिन अधिक गर्मी होने पर कई बार पसीना निकलना बंद हो जाता है। इस स्थिति में पसीने की ग्रंथियां ठीक से काम नहीं कर पातीं और शरीर की आंतरिक गर्मी बाहर नहीं निकलती है। ऐसे में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है, जो हीट स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
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मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. राजेश डाबरे ने बताया कि हीट स्ट्रोक के लक्षणों में तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी और बेहोशी शामिल हैं। समय रहते उपचार न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों अधिक सतर्क रहें। गर्मी में सावधानी बरतनी जरूरी है।

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