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Bijnor News: बच्चों के स्वास्थ्य के लिए मां का दूध और पौष्टिक आहार सबसे जरूरी

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 01:02 AM IST
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Breast milk and nutritious food are essential for the health of children.
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अल्पा राठी। (हैलो डॉक्टर की खबर के साथ)
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- बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अल्पा राठी ने फोन पर दी परिजनों का सलाह
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। बदलते मौसम में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में हल्की ठंड लगने से भी बच्चे डायरिया, निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। मां का दूध और पौष्टिक आहार नहीं मिलने से बच्चे जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। ऐसे में हैलो डॉक्टर कार्यक्रम में सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक लोगों ने फोन कर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अल्पा राठी अपने बच्चों की समस्या साझा की। इसके बाद डॉ. अल्पा राठी ने उन्हें बच्चों को पौष्टिक आहार और मां का दूध पिलाने की सलाह दी। साथ ही बिना डॉक्टर परामर्श के बच्चों को दवाई नहीं खिलाने को कहा।
सवाल : उनका पांच माह का बच्चा है। पाउडर दूध दे रहे हैं। क्या अब गाय का दूध दे सकते हैं? (सोनाली, नजीबाबाद)
जवाब : बच्चे को छह माह के बाद ही गाय का दूध पिलाना चाहिए। छह माह तक बच्चों को मां का दूध पिलाना उनकी सेहत के लिए ठीक रहता है। इसके अलावा सूजी की खीर, दलिया दे सकते हैं। गाय के दूध में पानी नहीं मिलाना चाहिए।
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सवाल : उनका 12 साल का बेटा है। बलगम बनने और बार-बार छींक आने की समस्या है। (मुकेश गुप्ता, बिजनौर)
जवाब : अगर, घर में किसी कोई को एलर्जी है तो उस वजह से भी यह समस्या हो सकती है। बच्चों को मौसम बदलने के साथ ही यह समस्या होती है। सर्द मौसम से एलर्जी होने की आशंका है। अस्पताल पहुंचकर ईएनटी और बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। साथ ही टीबी की भी जांच करा सकते हैं।
सवाल : मौसम बदलने से छोटे बच्चों की पसलियां चल रही हैं और उल्टी आती है। (सुमन वर्मा, नजीबाबाद)
जवाब : पांच साल तक के बच्चों में संक्रमण, वायरल होने की समस्या अधिक रहती है। बच्चों को बोतल के स्थान पर चम्मच से दूध पिलाएं। साफ पानी पिलाएं। बुखार की जांच करें। पसली चलने पर अस्पताल पहुंचकर तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
सवाल : छह साल का बच्चा है, जुकाम, खांसी की समस्या है। (कपिल शर्मा, स्योहारा)
जवाब : मौसम में बदलाव की वजह से जुकाम, खांसी की समस्या बच्चों में दिखाई दे रही है। बिना डॉक्टर के परामर्श के बच्चों को दवाई न दें। इससे संक्रमण बढ़ने की आशंका रहती है। अभी बच्चों को सर्दी से बचाकर रखें।
सवाल : बच्चे को डायरिया की शिकायत हो रही है। (पूनम अग्रवाल, नजीबाबाद)
जवाब : बच्चों को दस्त आने पर पानी की कमी न होने दें। उसे ओआरएस का घोल पिलाएं। ओआरएस नहीं होने पर एक लीटर पानी में चुटकी भर नमक और चार चम्मच चीनी का मिश्रण तैयार करें। नब्ज नहीं मिलने, पेट फूलने, खून आने की शिकायत पर चिकित्सक से परामर्श लें।
सवाल : तीन साल का बच्चा है, वह कम बोलता है। शरारत बहुत करता है। (रोहित कुमार, नूरपुर)
जवाब : बच्चे स्क्रीन पर ज्यादा समय बिता रहे हैं। इसलिए, यह समस्या दिखाई देती है। बच्चे को किताब पढ़ाएं, शारीरिक गतिविधियों में व्यस्त रखें। इससे वह धीरे-धीरे नियमित रूप से बोलना शुरू कर देगा।
सवाल : बच्चे के मुंह में छाले हो रहे हैं। (रितु, नजीबाबाद)
जवाब : मल्टी विटामिन की कमी से मुंह में छाले हो सकते हैं। पत्तेदार सब्जी खिलाएं। साथ ही पानी पिलाएं। इसके अलावा तला भुना खाना न दें।
सवाल : उनका दो साल का बेटा है। मिट्टी और दीवार पर लगा सीमेंट खाता है, हर समय मोबाइल देखना चाहता है। (नरेश कुमार, हल्दौर)
जवाब : ऐसे बच्चों को पाइका की समस्या होती है। इसमें बच्चों में खून की कमी होती है। इसलिए बच्चों को कम दूध दें, पौष्टिक आहार बढ़ाएं। खिचड़ी, दलिया, केला, दही खिलाएं। साथ ही कीड़े मारने वाली दवा भी चिकित्सक के परामर्श पर बच्चों को खिलाएं।
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