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Bijnor News: आतंक का पर्याय बनी मादा गुलदार पिंजरे में कैद
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शेरकोट। ग्राम मिर्जापुर और आसपास के कई गांवों में पिछले कई महीनों से ग्रामीणों के लिए दहशत का पर्याय बनी मादा गुलदार शनिवार देर रात वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गई है। गुलदार के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों, आसपास के क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
गांव के दिनेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, लखपत सिंह आदि ने बताया कि मिर्जापुर और आसपास के जंगलों में कई महीनों से लगातार गुलदार देखा जा रहा था। गुलदार आबादी क्षेत्र में पालतू पशुओं पर हमला कर रहा था। कुछ दिन पहले गुलदार ने खेत पर जा रहे नसीर दीवाला निवासी युवक पर भी हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। लगातार बढ़ रही घटनाओं से भयभीत ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की। शनिवार की देर रात गुलदार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। जानकारी मिलने पर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए।
वन विभाग के रेंजर अशीष कुमार जोशी का कहना है कि पिंजरे मेें फंसी गुलदार की आयु लगभग पांच वर्ष की है। गुलदार को स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत नियमानुसार सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। उधर गुलदार के पकड़े जाने पर ग्रामीणों ने राहत महसूस की।
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वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से जंगल क्षेत्र में सतर्कता बरतने, किसी भी जंगली जानवर की सूचना तत्काल विभाग को देने का सुझाव दिया है।
गांव के दिनेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, लखपत सिंह आदि ने बताया कि मिर्जापुर और आसपास के जंगलों में कई महीनों से लगातार गुलदार देखा जा रहा था। गुलदार आबादी क्षेत्र में पालतू पशुओं पर हमला कर रहा था। कुछ दिन पहले गुलदार ने खेत पर जा रहे नसीर दीवाला निवासी युवक पर भी हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। लगातार बढ़ रही घटनाओं से भयभीत ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की। शनिवार की देर रात गुलदार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। जानकारी मिलने पर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए।
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वन विभाग के रेंजर अशीष कुमार जोशी का कहना है कि पिंजरे मेें फंसी गुलदार की आयु लगभग पांच वर्ष की है। गुलदार को स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत नियमानुसार सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। उधर गुलदार के पकड़े जाने पर ग्रामीणों ने राहत महसूस की।
वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से जंगल क्षेत्र में सतर्कता बरतने, किसी भी जंगली जानवर की सूचना तत्काल विभाग को देने का सुझाव दिया है।