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Bijnor News: हत्या में चार सगे भाइयों को आजीवन कारावास
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बिजनौर। किरतपुर के बुधबाजार में नौ साल पहले हुई नौशाद की हत्या के दोषी चार सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। करीब नौ साल पहले मामूली कहासुनी के बाद चाकू से गोद कर नौशाद की हत्या कर दी गई थी। अपर जिला जज प्रथम प्रशांत मित्तल की अदालत ने सोनू उर्फ रिजवान, इमरान, हिफजान और इरफान को दोषी माना और चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन पर 45 हजार का जुर्माना भी लगाया गया।
एडीजीसी जितेंद्र पाल राजपूत ने बताया के किरतपुर थानाक्षेत्र के भनेड़ा निवासी बाबू पुत्र कल्लू ने प्राथमिकी में कहा था कि 18 अक्तूबर 2017 को उसकी चचेरी बहन समरीन के रिश्ते की बात सोनू पुत्र मकसूद भनेड़ा किरतपुर से चल रही थी। रिश्ते के दौरान उसके चाचा जहूर व मकसूद में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
इसके बाद मकसूद के पुत्र सोनू उर्फ रिजवान, इमरान, हिफजान जावेद और इरफान वहां आ गए। मामला बढ़ा तो बीच बचाव करने नौशाद पहुंच गया। इसी दौरान मकसूद और उसके पांचों पुत्रों ने चाकू से नौशाद पर हमला कर दिया। इस हमले में नौशाद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे किरतपुर सीएचसी पर ले जाया गया, वहां उसकी मौत हो गई।
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पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को नामजद करते हुए जांच की थी। पुलिस ने आरोपी सोनू उर्फ रिजवान की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद भी किया था। इसके बाद मामला कोर्ट में चला। इस बीच आरोपी मकसूद की मौत भी हो गई। वहीं एक आरोपी नाबालिग था। उसकी फाइल किशोर बोर्ड न्यायालय में भेज दी गई। बृहस्पतिवार को अदालत ने चार सगे भाइयों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
एडीजीसी जितेंद्र पाल राजपूत ने बताया के किरतपुर थानाक्षेत्र के भनेड़ा निवासी बाबू पुत्र कल्लू ने प्राथमिकी में कहा था कि 18 अक्तूबर 2017 को उसकी चचेरी बहन समरीन के रिश्ते की बात सोनू पुत्र मकसूद भनेड़ा किरतपुर से चल रही थी। रिश्ते के दौरान उसके चाचा जहूर व मकसूद में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
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इसके बाद मकसूद के पुत्र सोनू उर्फ रिजवान, इमरान, हिफजान जावेद और इरफान वहां आ गए। मामला बढ़ा तो बीच बचाव करने नौशाद पहुंच गया। इसी दौरान मकसूद और उसके पांचों पुत्रों ने चाकू से नौशाद पर हमला कर दिया। इस हमले में नौशाद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे किरतपुर सीएचसी पर ले जाया गया, वहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को नामजद करते हुए जांच की थी। पुलिस ने आरोपी सोनू उर्फ रिजवान की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद भी किया था। इसके बाद मामला कोर्ट में चला। इस बीच आरोपी मकसूद की मौत भी हो गई। वहीं एक आरोपी नाबालिग था। उसकी फाइल किशोर बोर्ड न्यायालय में भेज दी गई। बृहस्पतिवार को अदालत ने चार सगे भाइयों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।