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Bijnor News: राशन कार्ड में लाचार, धरातल पर मिला लाखों का व्यापार
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। सरकार राशन कार्ड धारकों को फ्री राशन दे रही है। जब आपूर्ति विभाग ने 16 श्रेणी बनाकर जांच की तो 35503 अपात्र ऐसे मिले, जो नियमों के विरुद्ध फ्री राशन ले रहे थे। इनमें 9210 ऐसे राशनकार्ड धारक मिले, जो आयकर दाता थे। वहीं 98 लोगों का जीएसटी में 25 लाख से ज्यादा का टर्नओवर का रजिस्ट्रेशन था।
जिले में शहरों में 62 और देहात क्षेत्र की 79 फीसदी आबादी को खाद्य सुरक्षा गारंटी के राशन दिया जा रहा है। जिले में कुल राशन कार्डों की बात करें तो इनकी संख्या 6,46,605 है। वहीं इन राशन कार्ड पर कुल 27,68,725 यूनिट दर्ज हैं। प्रत्येक यूनिट पर तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल दिया जा रहा है। वहीं अन्त्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए 21 किलोग्राम गेहूं और 14 किलोग्राम चावल दिया जा रहा है। वहीं जांच की बात करें तो शासन ने 18 बिंदुओं पर जांच की जिम्मेदारी आपूर्ति विभाग को सौंपी थी। इनमें से 16 बिंदुओं पर अपात्र बिजनौर जिले में मिले हैं। इस जांच के बाद 35,503 राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। इनमें 9210 आयकर दाता हैं जबकि 98 ऐसे राशन कार्ड धारक भी थे जो 25 लाख से ज्यादा का टर्नओवर वाला व्यापार कर रहे थे। वहीं 2454 लोग लाइट मोटर व्हीकल रखे हुए थे। इनका भी राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया।
क्रय केंद्रों पर भी बेच रहे राशन का अनाज
आपूर्ति विभाग के अनुसार जो राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, उनमें कई ऐसी श्रेणी हैं, जो चौंकाने वाली है। 462 ऐसे लोग जांच में सामने आए जो अपना अनाज सरकार के बनाए क्रय केंद्रों पर बेच रहे थे। वहीं 2440 राशन कार्ड धारकों के पास पांच एकड़ से ज्यादा जमीन पाई गई।
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इन श्रेणी में भी मिले अपात्र
श्रेणी निरस्त राशन कार्ड
12 माह से ज्यादा तक निष्क्रिय 1732
06 माह से ज्यादा तक निष्क्रिय 11505
एलएमवी वाहन धारक 2454
डुप्सीकेसी 1623
ऐसे जिनकी मृत्यु हो गई 73313
नियमित रूप से राशन कार्ड धारकों का सत्यापन कराया जा रहा है। यह जांच आगे भी चलेगी। जो अपात्र हैं, उनके नाम काटे जाएंगे। इनके स्थान पर पात्रों को जगह दी जा रही है।
-अभय प्रताप सिंह, डीएसओ बिजनौर
बिजनौर। सरकार राशन कार्ड धारकों को फ्री राशन दे रही है। जब आपूर्ति विभाग ने 16 श्रेणी बनाकर जांच की तो 35503 अपात्र ऐसे मिले, जो नियमों के विरुद्ध फ्री राशन ले रहे थे। इनमें 9210 ऐसे राशनकार्ड धारक मिले, जो आयकर दाता थे। वहीं 98 लोगों का जीएसटी में 25 लाख से ज्यादा का टर्नओवर का रजिस्ट्रेशन था।
जिले में शहरों में 62 और देहात क्षेत्र की 79 फीसदी आबादी को खाद्य सुरक्षा गारंटी के राशन दिया जा रहा है। जिले में कुल राशन कार्डों की बात करें तो इनकी संख्या 6,46,605 है। वहीं इन राशन कार्ड पर कुल 27,68,725 यूनिट दर्ज हैं। प्रत्येक यूनिट पर तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल दिया जा रहा है। वहीं अन्त्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए 21 किलोग्राम गेहूं और 14 किलोग्राम चावल दिया जा रहा है। वहीं जांच की बात करें तो शासन ने 18 बिंदुओं पर जांच की जिम्मेदारी आपूर्ति विभाग को सौंपी थी। इनमें से 16 बिंदुओं पर अपात्र बिजनौर जिले में मिले हैं। इस जांच के बाद 35,503 राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं। इनमें 9210 आयकर दाता हैं जबकि 98 ऐसे राशन कार्ड धारक भी थे जो 25 लाख से ज्यादा का टर्नओवर वाला व्यापार कर रहे थे। वहीं 2454 लोग लाइट मोटर व्हीकल रखे हुए थे। इनका भी राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया।
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क्रय केंद्रों पर भी बेच रहे राशन का अनाज
आपूर्ति विभाग के अनुसार जो राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, उनमें कई ऐसी श्रेणी हैं, जो चौंकाने वाली है। 462 ऐसे लोग जांच में सामने आए जो अपना अनाज सरकार के बनाए क्रय केंद्रों पर बेच रहे थे। वहीं 2440 राशन कार्ड धारकों के पास पांच एकड़ से ज्यादा जमीन पाई गई।
इन श्रेणी में भी मिले अपात्र
श्रेणी निरस्त राशन कार्ड
12 माह से ज्यादा तक निष्क्रिय 1732
06 माह से ज्यादा तक निष्क्रिय 11505
एलएमवी वाहन धारक 2454
डुप्सीकेसी 1623
ऐसे जिनकी मृत्यु हो गई 73313
नियमित रूप से राशन कार्ड धारकों का सत्यापन कराया जा रहा है। यह जांच आगे भी चलेगी। जो अपात्र हैं, उनके नाम काटे जाएंगे। इनके स्थान पर पात्रों को जगह दी जा रही है।
-अभय प्रताप सिंह, डीएसओ बिजनौर