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Bijnor News: कोयले की आंच से करारी हो रही गुप्ता जी की जलेबी
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बिजनौर में भट्ठी जलेबी बनाता व्यक्ति। संवाद
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विपिन कुमार
बिजनौर। खाड़ी युद्ध के चलते बढ़ते तनाव से एलपीजी गैस का सकंट खड़ा हो गया है। घरेलू कनेक्शन से लोगों को गैस आपूर्ति होती रहे, इसके लिए कॉमर्शियल सिलिंडर पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद शहर में मशहूर गुप्ता जलेबी की मिठास कम नहीं होगी। यहां कोयले की आंच से जलेबी करारी हो रही है।
कॉमर्शियल सिलिंडर मिलने में रेस्टोरेंट संचालकों को दिक्कत हो रही है। कुछ लोग इधर-उधर से पांच किलो के कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर खरीद रहे हैं। इसके बावजूद लोगों को गर्म खाना और पकवान मिलते रहे। इसके लिए कोयले की भट्ठियां शुरू कर दी गई हैं।
कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने से शहर में जॉनी चौराहे पर गुप्ता जलेबी नाम से मशहूर दुकान पर भी कोयले की भट्ठी पर जलेबी तैयार की जा रही है। दुकान संचालक विपिन गुप्ता ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर के स्थान पर कोयले की भट्ठी शुरू कर दी। बिना दिक्कत रोजाना जलेबी तैयार की जा रही है। जलेबी बनाने के लिए अलग सेे लोहे के स्टैंड वाली भट्ठी भी तैयार करा ली है।
बड़े रेस्टोरेंट में भी दहकने लगी कोयले की भट्ठी : कॉमर्शियल सिलिंडर मिलने में दिक्कत होने से रेस्टोरेंट भी धीरे-धीरे प्रभावित होने लगे हैं। रेस्टोरेंट में लोगों को गर्म भोजन मिलता रहे, इसके लिए कोयले की भट्ठियां चालू कर दी गई हैं। जिन व्यंजनों में गैस का इस्तेमाल होता था, उन्हें या तो बंद कर दिया गया है या उनके तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। शहर में मंडावर रोड स्थित हॉट एंड स्पाइसी रेस्टोरेंट में भट्ठियों पर भी खाना तैयार किया जा रहा है। संचालक शलभ जैन ने बताया कि पहले रेस्टोरेंट में प्रेशर से कॉफी तैयार की जा रही थी। अब चम्मच से घोलकर कॉफी तैयार हो रही है। इसके अलावा तंदूरी रोटी के अलावा अन्य व्यंजन भी भट्ठी पर ही बनाए जा रहे हैं। आवश्यकता के लिए पांच किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलिंडर की व्यवस्था की गई है।
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कॉमर्शियल सिलिंडर मिलने में रेस्टोरेंट संचालकों को दिक्कत हो रही है। कुछ लोग इधर-उधर से पांच किलो के कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर खरीद रहे हैं। इसके बावजूद लोगों को गर्म खाना और पकवान मिलते रहे। इसके लिए कोयले की भट्ठियां शुरू कर दी गई हैं।
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कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने से शहर में जॉनी चौराहे पर गुप्ता जलेबी नाम से मशहूर दुकान पर भी कोयले की भट्ठी पर जलेबी तैयार की जा रही है। दुकान संचालक विपिन गुप्ता ने बताया कि कॉमर्शियल सिलिंडर के स्थान पर कोयले की भट्ठी शुरू कर दी। बिना दिक्कत रोजाना जलेबी तैयार की जा रही है। जलेबी बनाने के लिए अलग सेे लोहे के स्टैंड वाली भट्ठी भी तैयार करा ली है।
बड़े रेस्टोरेंट में भी दहकने लगी कोयले की भट्ठी : कॉमर्शियल सिलिंडर मिलने में दिक्कत होने से रेस्टोरेंट भी धीरे-धीरे प्रभावित होने लगे हैं। रेस्टोरेंट में लोगों को गर्म भोजन मिलता रहे, इसके लिए कोयले की भट्ठियां चालू कर दी गई हैं। जिन व्यंजनों में गैस का इस्तेमाल होता था, उन्हें या तो बंद कर दिया गया है या उनके तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। शहर में मंडावर रोड स्थित हॉट एंड स्पाइसी रेस्टोरेंट में भट्ठियों पर भी खाना तैयार किया जा रहा है। संचालक शलभ जैन ने बताया कि पहले रेस्टोरेंट में प्रेशर से कॉफी तैयार की जा रही थी। अब चम्मच से घोलकर कॉफी तैयार हो रही है। इसके अलावा तंदूरी रोटी के अलावा अन्य व्यंजन भी भट्ठी पर ही बनाए जा रहे हैं। आवश्यकता के लिए पांच किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलिंडर की व्यवस्था की गई है।