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Bijnor News: मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में कर दी नियम विरुद्ध नियुक्ति
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ईएनटी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर का एक पद है स्वीकृत, दो कर रहे काम
- अगस्त 2025 में संविदा पर की गई थी असिस्टेंट प्रोफेसर की तैनाती
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बिजनौर। महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में नियम विरुद्ध नियुक्ति कर दी गई। जी हां, ईएनटी (ओटो-राइनो-लैरिंगोलॉजी) विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर का एक पद स्वीकृत है। जबकि, इसी पद पर दो चिकित्सक काम कर रहे हैं।
ईएनटी विभाग में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के एक-एक पद हैं। अभी प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर का पद रिक्त चल रहे हैं। जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर दो चिकित्सक काम कर रहे हैं। इनमें डॉ. अंशु सिंह नियमित और डॉ. मोहिनी त्यागी संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब असिस्टेंट प्रोफेसर का एक पद है और उस पर पहले से ही डॉ. अंशु कार्य कर रहीं हैं। तो डॉ. मोहिनी की संविदा पर तैनाती कैसे कर ली गई। डॉ. मोहिनी त्यागी की नियुक्ति अगस्त 2025 को की गई थी। उनकी नियुक्ति वॉकऑन इंटरव्यू के आधार पर की गई। इससे साफ जाहिर है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की मिलीभगत से नियम विरुद्ध तैनाती की गई।
- इतना ही नहीं, एक पद के लिए दो चिकित्सकों को दिया वेतन
मिली जानकारी के अनुसार, ईएनटी विभाग में कार्यरत डॉ. मोहिनी त्यागी का मानदेय एक लाख 20 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित है। ऐसे में साफ जाहिर है कि एक पद के लिए दो चिकित्सकों को वेतन दिया गया। इससे सरकार को भी राजस्व की हानि हुई।
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- छह माह का मातृत्व अवकाश नहीं देने पर भेजा नोटिस
डॉ. तुहीन वशिष्ठ ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में संविदा पर एक साल के लिए संकाय सदस्यों की नियुक्ति की जाती है। ऐसे में उनकी संविदा सितंबर में समाप्त हो रही है। डॉ. मोहिनी छह माह के लिए मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया। उनके आवेदन पत्र पर नियमानुसार अवकाश के लिए लिख दिया है। ऐसे में छह माह का मातृत्व अवकाश नहीं देने पर डॉक्टर की तरफ से मेडिकल कॉलेज प्रशासन को नोटिस भेजा गया है।
वर्जन::
यह नियुक्ति उनके कार्यकाल से पहले हुई है। इसकी जानकारी महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को दी गई है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मानवता के लिए उन्हें तीन माह का मातृत्व अवकाश दिया गया है। - डॉ. तुहीन वशिष्ठ, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
- अगस्त 2025 में संविदा पर की गई थी असिस्टेंट प्रोफेसर की तैनाती
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बिजनौर। महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में नियम विरुद्ध नियुक्ति कर दी गई। जी हां, ईएनटी (ओटो-राइनो-लैरिंगोलॉजी) विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर का एक पद स्वीकृत है। जबकि, इसी पद पर दो चिकित्सक काम कर रहे हैं।
ईएनटी विभाग में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के एक-एक पद हैं। अभी प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर का पद रिक्त चल रहे हैं। जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर दो चिकित्सक काम कर रहे हैं। इनमें डॉ. अंशु सिंह नियमित और डॉ. मोहिनी त्यागी संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब असिस्टेंट प्रोफेसर का एक पद है और उस पर पहले से ही डॉ. अंशु कार्य कर रहीं हैं। तो डॉ. मोहिनी की संविदा पर तैनाती कैसे कर ली गई। डॉ. मोहिनी त्यागी की नियुक्ति अगस्त 2025 को की गई थी। उनकी नियुक्ति वॉकऑन इंटरव्यू के आधार पर की गई। इससे साफ जाहिर है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की मिलीभगत से नियम विरुद्ध तैनाती की गई।
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- इतना ही नहीं, एक पद के लिए दो चिकित्सकों को दिया वेतन
मिली जानकारी के अनुसार, ईएनटी विभाग में कार्यरत डॉ. मोहिनी त्यागी का मानदेय एक लाख 20 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित है। ऐसे में साफ जाहिर है कि एक पद के लिए दो चिकित्सकों को वेतन दिया गया। इससे सरकार को भी राजस्व की हानि हुई।
- छह माह का मातृत्व अवकाश नहीं देने पर भेजा नोटिस
डॉ. तुहीन वशिष्ठ ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में संविदा पर एक साल के लिए संकाय सदस्यों की नियुक्ति की जाती है। ऐसे में उनकी संविदा सितंबर में समाप्त हो रही है। डॉ. मोहिनी छह माह के लिए मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया। उनके आवेदन पत्र पर नियमानुसार अवकाश के लिए लिख दिया है। ऐसे में छह माह का मातृत्व अवकाश नहीं देने पर डॉक्टर की तरफ से मेडिकल कॉलेज प्रशासन को नोटिस भेजा गया है।
वर्जन::
यह नियुक्ति उनके कार्यकाल से पहले हुई है। इसकी जानकारी महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा को दी गई है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मानवता के लिए उन्हें तीन माह का मातृत्व अवकाश दिया गया है। - डॉ. तुहीन वशिष्ठ, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर