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Bijnor News: गोवंश के अंतरराज्यीय परिवहन पर रोक, पशु मेले भी प्रतिबंधित
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बिजनौर। लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जनपद में गोवंश एवं महिषवंशीय पशुओं के अंतरराज्यीय परिवहन पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संक्रमण की आशंका के मद्देनजर पशु बाजारों और पशु मेलों के आयोजन पर भी आगामी आदेशों तक पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सहित सीमावर्ती राज्यों में गोवंशीय पशुओं में लंपी स्किन रोग की पुष्टि हो चुकी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों में भी संक्रमण के मामले सामने आए हैं। बिजनौर सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि लंपी एक वायरस जनित संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से मच्छरों, मक्खियों और अन्य वाहक कीटों के माध्यम से फैलती है। संक्रमण को रोकने के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को जनपद भर में व्यापक सर्विलांस अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं भी रोग का संदिग्ध या पुष्ट मामला मिलता है तो तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र में रिंग टीकाकरण और संक्रमण को सीमित करने के उपाय किए जाएंगे।
-पूर्ण टीकाकरण का वैध मेडिकल प्रमाण-पत्र पर मिलेगा प्रवेश
डीएम ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत अन्य राज्यों से आने वाले गोवंशीय पशुओं को तभी प्रवेश मिलेगा, जब उनके पास पूर्ण टीकाकरण का वैध मेडिकल प्रमाण-पत्र होगा तथा उसका विवरण भारत पशुधन एप पर अपलोड किया गया होगा। इसके अलावा पशुपालक के आधार नंबर और पशु के ईयर टैग का सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा।
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जिलाधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सहित सीमावर्ती राज्यों में गोवंशीय पशुओं में लंपी स्किन रोग की पुष्टि हो चुकी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों में भी संक्रमण के मामले सामने आए हैं। बिजनौर सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि लंपी एक वायरस जनित संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से मच्छरों, मक्खियों और अन्य वाहक कीटों के माध्यम से फैलती है। संक्रमण को रोकने के लिए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को जनपद भर में व्यापक सर्विलांस अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं भी रोग का संदिग्ध या पुष्ट मामला मिलता है तो तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र में रिंग टीकाकरण और संक्रमण को सीमित करने के उपाय किए जाएंगे।
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-पूर्ण टीकाकरण का वैध मेडिकल प्रमाण-पत्र पर मिलेगा प्रवेश
डीएम ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत अन्य राज्यों से आने वाले गोवंशीय पशुओं को तभी प्रवेश मिलेगा, जब उनके पास पूर्ण टीकाकरण का वैध मेडिकल प्रमाण-पत्र होगा तथा उसका विवरण भारत पशुधन एप पर अपलोड किया गया होगा। इसके अलावा पशुपालक के आधार नंबर और पशु के ईयर टैग का सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा।
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