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Bijnor News: उपेक्षा से बदहाल हुआ खैरपुर-ढेला गुर्जर मार्ग
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हीमपुर दीपा। विकास खंड हल्दौर के गांव खैरपुर-ढेला गुर्जर संपर्क मार्ग अधिकारियों की उपेक्षा से बेहद खस्ताहाल हो गया है। यह मार्ग सहकारी समिति सिसौना, विकासखंड हल्दौर, अम्हेड़ा-नूरपुर-मुरादाबाद हाईवे को जोड़ता है। मार्ग से लगभग आधा दर्जन स्कूली वाहन निकलते हैं। बरसात में यह संपर्क मार्ग भारी कीचड़ और जल भराव से खराब हो जाता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस संपर्क मार्ग को बनवाने के लिए कई बार गुहार लगाई लेकिन मामले में कोई सुनवाई नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व गांव पुट्ठा से खैरपुर तक बनाए गए मार्ग के दौरान लोक निर्माण विभाग ने खैरपुर से ढ़ेला गुर्जर तक भी मार्ग निर्माण के लिए पैमाइश की थी।
गांव खैरपुर निवासी आशीष कुमार का कहना है कि वास्तव में यह संपर्क मार्ग क्षेत्रवासियों के लिए अहम माना जाता है। मार्ग से रोजाना आधा दर्जन से अधिक स्कूली वाहनों का आना-जाना है। 20 वर्ष पूर्व इस मार्ग पर खड़ंजा लगाया गया था जिस पर अब जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ हो गया है।
गांव ढ़ेला गुर्जर के प्रगतिशील किसान मुन्नू सिंह बताते हैं कि गन्ना पेराई सत्र के दौरान किसान अपना गन्ना इसी मार्ग से क्रय केद्रों को लेकर जाते हैं। गन्ने से भरी बोगियों निकालना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण इस मार्ग के निर्माण के लिए काफी समय से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनता ही नहीं।
गांव खैरपुर निवासी राजीव कुमार का कहना है कि उनकी जायज मांग पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को एकजुट होकर आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
सेवानिवृत्त एसआई डालचंद बताते हैं कि बड़े हैरत की बात है कि ग्रामीणों की जनहितकारी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। जबकि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास के लिए सड़कों के निर्माण की बात करती है।
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ प्रयोश कुमार बिजनौर ने बताया कि यदि इस संपर्क मार्ग की पैमाइश की गई है तो पता लगाकर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस संपर्क मार्ग को बनवाने के लिए कई बार गुहार लगाई लेकिन मामले में कोई सुनवाई नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व गांव पुट्ठा से खैरपुर तक बनाए गए मार्ग के दौरान लोक निर्माण विभाग ने खैरपुर से ढ़ेला गुर्जर तक भी मार्ग निर्माण के लिए पैमाइश की थी।
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गांव खैरपुर निवासी आशीष कुमार का कहना है कि वास्तव में यह संपर्क मार्ग क्षेत्रवासियों के लिए अहम माना जाता है। मार्ग से रोजाना आधा दर्जन से अधिक स्कूली वाहनों का आना-जाना है। 20 वर्ष पूर्व इस मार्ग पर खड़ंजा लगाया गया था जिस पर अब जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ हो गया है।
गांव ढ़ेला गुर्जर के प्रगतिशील किसान मुन्नू सिंह बताते हैं कि गन्ना पेराई सत्र के दौरान किसान अपना गन्ना इसी मार्ग से क्रय केद्रों को लेकर जाते हैं। गन्ने से भरी बोगियों निकालना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण इस मार्ग के निर्माण के लिए काफी समय से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनता ही नहीं।
गांव खैरपुर निवासी राजीव कुमार का कहना है कि उनकी जायज मांग पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को एकजुट होकर आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।
सेवानिवृत्त एसआई डालचंद बताते हैं कि बड़े हैरत की बात है कि ग्रामीणों की जनहितकारी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। जबकि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास के लिए सड़कों के निर्माण की बात करती है।
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ प्रयोश कुमार बिजनौर ने बताया कि यदि इस संपर्क मार्ग की पैमाइश की गई है तो पता लगाकर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।