{"_id":"696fd896e1461417a9035605","slug":"pollution-control-boards-noc-on-handicrafts-cfc-is-a-hurdle-bijnor-news-c-27-1-bij1007-170426-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: हैंडीक्राफ्ट के सीएफसी पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी का अड़ंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: हैंडीक्राफ्ट के सीएफसी पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी का अड़ंगा
विज्ञापन
विज्ञापन
बनकर तैयार हो चुका है कॉमन फैसिलिटी सेंटर, बॉयलर के कारण नहीं मिल रही अनुमति
नगीना के शिल्पकारों के लिए काफी महत्वपूर्ण है यह सेंटर
नगीना। विश्वविख्यात हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा देने के लिए दस करोड़ रुपये की लागत से नगीना में स्थापित हुए कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) के प्रारंभ होने से पहले ही सरकारी विभाग उसमें बाधा बन गए हैं। प्रदूषण विभाग की एनओसी नहीं मिलने से प्रदेश सरकार की ओडीओपी योजना के अंतर्गत बनकर तैयार हुए इस सीएफसी में उद्घाटन से पहले ही ताले लटक गए हैं।
नगीना का हैंडीक्राफ्ट उद्योग किसी पहचान का मोहताज नहीं है। प्रदेश सरकार की एक जनपद, एक उत्पाद योजना के अंतर्गत नगीना में देवदार एसोसिएशन को जिले के प्रथम सीएफसी स्थापना को 14 जुलाई 2021 को स्वीकृति मिली थी। नगीना कोतवाली हाईवे के किनारे सिटी डिग्री कॉलेज के पास सेंटर का दो साल पहले निर्माण हो गया। सेंटर में मशीनें, संयंत्र एवं बॉयलर आदि स्थापित किए जा चुके हैं। करीब दो वर्षों से प्रदूषण नियंत्रण विभाग की एनओसी नहीं मिलने के चलते इसका उद्घाटन व संचालन अटका हुआ है।
-- बॉयलर पर आपत्ति, दूसरे जिलों में मिल चुकी है अनुमति
सीएफसी के लिए अधिकृत देवदार एसोसिएशन के संचालक विपुल रस्तोगी बताते हैं कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को छोड़ अन्य सभी विभागों की एनओसी मिल गई है। बॉयलर को छोड़कर शेष पूरी इकाई की अनुमति मिल गई है। उन्होंने दावा किया कि सेंटर पर 30 मीटर ऊंची चिमनी लगाई गई है। दूसरे जनपदों में ऐसे केंद्र संचालित हैं। वहां बॉयलर लगे होने के बावजूद अनुमति मिल गई है।
-- क्या है कॉमन फैसिलिटी सेंटर
हैंडीक्राफ्ट कारीगरों के लिए सीएफसी काफी मदद साबित होते हैं। यह केंद्र शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक, बुनियादी ढांचा और बाजार तक सीधी पहुंच प्रदान करते हैं। इनमें अत्याधुनिक नक्काशी, मशीन, टेस्टिंग लैब, प्रोसेसिंग यूनिट आदि की सुविधा होती है।
-- बोले शिल्पकार...
नगीना हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष इरशाद अली मुल्तानी बताते हैं कि सरकार ने नगीना में सीएफसी खुलवाकर सराहनीय कार्य किया है। सरकारी विभाग ही इसमें रोड़ा अटका रहे हैं। उनका कहना है कि यह हाल तब है जब इस योजना में 90 प्रतिशत सब्सिडी सरकार को देनी है।
हैंडीक्राफ्ट के मुख्य निर्यातक जुल्फिकार आलम बताते हैं कि सीएफसी की स्थापना की मांग करीब 15 वर्षों से करते आ रहे थे। प्रदेश सरकार ने उनकी मांग मानी तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसमें अड़ंगा लगा रहा है। शिल्पकारों के हित में सरकार को कदम उठाने चाहिए।
-- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी नहीं मिलने के चलते सीएफसी का उद्घाटन रुका हुआ है। विभाग ने अपने उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया है। शीघ्र समस्या के समाधान का रास्ता निकाला जाएगा। - अमित कुमार, उपायुक्त , जिला उद्योग केंद्र बिजनौर
Trending Videos
नगीना के शिल्पकारों के लिए काफी महत्वपूर्ण है यह सेंटर
नगीना। विश्वविख्यात हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा देने के लिए दस करोड़ रुपये की लागत से नगीना में स्थापित हुए कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) के प्रारंभ होने से पहले ही सरकारी विभाग उसमें बाधा बन गए हैं। प्रदूषण विभाग की एनओसी नहीं मिलने से प्रदेश सरकार की ओडीओपी योजना के अंतर्गत बनकर तैयार हुए इस सीएफसी में उद्घाटन से पहले ही ताले लटक गए हैं।
नगीना का हैंडीक्राफ्ट उद्योग किसी पहचान का मोहताज नहीं है। प्रदेश सरकार की एक जनपद, एक उत्पाद योजना के अंतर्गत नगीना में देवदार एसोसिएशन को जिले के प्रथम सीएफसी स्थापना को 14 जुलाई 2021 को स्वीकृति मिली थी। नगीना कोतवाली हाईवे के किनारे सिटी डिग्री कॉलेज के पास सेंटर का दो साल पहले निर्माण हो गया। सेंटर में मशीनें, संयंत्र एवं बॉयलर आदि स्थापित किए जा चुके हैं। करीब दो वर्षों से प्रदूषण नियंत्रण विभाग की एनओसी नहीं मिलने के चलते इसका उद्घाटन व संचालन अटका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएफसी के लिए अधिकृत देवदार एसोसिएशन के संचालक विपुल रस्तोगी बताते हैं कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को छोड़ अन्य सभी विभागों की एनओसी मिल गई है। बॉयलर को छोड़कर शेष पूरी इकाई की अनुमति मिल गई है। उन्होंने दावा किया कि सेंटर पर 30 मीटर ऊंची चिमनी लगाई गई है। दूसरे जनपदों में ऐसे केंद्र संचालित हैं। वहां बॉयलर लगे होने के बावजूद अनुमति मिल गई है।
हैंडीक्राफ्ट कारीगरों के लिए सीएफसी काफी मदद साबित होते हैं। यह केंद्र शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक, बुनियादी ढांचा और बाजार तक सीधी पहुंच प्रदान करते हैं। इनमें अत्याधुनिक नक्काशी, मशीन, टेस्टिंग लैब, प्रोसेसिंग यूनिट आदि की सुविधा होती है।
नगीना हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष इरशाद अली मुल्तानी बताते हैं कि सरकार ने नगीना में सीएफसी खुलवाकर सराहनीय कार्य किया है। सरकारी विभाग ही इसमें रोड़ा अटका रहे हैं। उनका कहना है कि यह हाल तब है जब इस योजना में 90 प्रतिशत सब्सिडी सरकार को देनी है।
हैंडीक्राफ्ट के मुख्य निर्यातक जुल्फिकार आलम बताते हैं कि सीएफसी की स्थापना की मांग करीब 15 वर्षों से करते आ रहे थे। प्रदेश सरकार ने उनकी मांग मानी तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसमें अड़ंगा लगा रहा है। शिल्पकारों के हित में सरकार को कदम उठाने चाहिए।
