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Bijnor News: आंगनबाड़ी कार्यकत्री बताकर गर्भवती के खाते से उड़ाए 29 हजार
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हल्दौर। व्हाट्सएप कॉल करने वाली साइबर ठग ने खुद को आंगनबाड़ी कार्यकत्री बताया और खाते से 29 हजार रुपये उड़ा लिए। पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
गांव जैनुलआबदीनपुर निवासी समीर ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है, बृहस्पतिवार को उसके मोबाइल पर खुद को आंगनबाड़ी कार्यकत्री बताने वाली एक महिला का व्हाट्सएप कॉल आया। कॉलर ने गर्भवती महिलाओं को सरकारी सहायता राशि और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही। इस दौरान उसने किसी अधिकारी से कॉन्फ्रेंस कॉल भी जोड़ दी।
बातचीत के दौरान ठगों ने चालाकी से मोबाइल पर आए ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। कुछ देर बाद खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से 29,276 रुपये निकाल लिए गए। मोबाइल पर रकम कटने के संदेश आने पर परिवार को साइबर ठगी की जानकारी हुई। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने थाना पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और खाते से निकाली गई धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
साइबर ठगी से बचने का तरीका
-पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात एपीके फाइल या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। ऐसे लिंक से मोबाइल हैक हो सकता है और निजी जानकारी चोरी हो सकती है।
-केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही ऐप डाउनलोड करें। अनजान स्रोतों से ऐप इंस्टॉल करने से बचें।
-मोबाइल की सेटिंग में अननोन सोर्सेज विकल्प को बंद रखें।
-किसी भी ऐप को जरूरत से ज्यादा परमिशन न दें।
-ओटीपी, पासवर्ड और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
-वॉट्सऐप, एसएमएस या ईमेल पर आए संदिग्ध लिंक को खोलने से बचें।
-मोबाइल में सुरक्षा के लिए एंटीवायरस या सिक्योरिटी ऐप का उपयोग करें।
-फोन और ऐप्स को समय-समय पर अपडेट करते रहें।
-सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय बैंकिंग या अन्य संवेदनशील काम न करें।
-मोबाइल में स्क्रीन लॉक (पिन/पासवर्ड/फिंगरप्रिंट) जरूर लगाएं।
-फर्जी कॉल या संदेश से सावधान रहें, पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।
साइबर अपराध होने पर यहां करें शिकायत:
हेल्पलाइन नंबर: 1930
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गांव जैनुलआबदीनपुर निवासी समीर ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है, बृहस्पतिवार को उसके मोबाइल पर खुद को आंगनबाड़ी कार्यकत्री बताने वाली एक महिला का व्हाट्सएप कॉल आया। कॉलर ने गर्भवती महिलाओं को सरकारी सहायता राशि और अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही। इस दौरान उसने किसी अधिकारी से कॉन्फ्रेंस कॉल भी जोड़ दी।
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बातचीत के दौरान ठगों ने चालाकी से मोबाइल पर आए ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। कुछ देर बाद खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से 29,276 रुपये निकाल लिए गए। मोबाइल पर रकम कटने के संदेश आने पर परिवार को साइबर ठगी की जानकारी हुई। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने थाना पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और खाते से निकाली गई धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
साइबर ठगी से बचने का तरीका
-पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात एपीके फाइल या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। ऐसे लिंक से मोबाइल हैक हो सकता है और निजी जानकारी चोरी हो सकती है।
-केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही ऐप डाउनलोड करें। अनजान स्रोतों से ऐप इंस्टॉल करने से बचें।
-मोबाइल की सेटिंग में अननोन सोर्सेज विकल्प को बंद रखें।
-किसी भी ऐप को जरूरत से ज्यादा परमिशन न दें।
-ओटीपी, पासवर्ड और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
-वॉट्सऐप, एसएमएस या ईमेल पर आए संदिग्ध लिंक को खोलने से बचें।
-मोबाइल में सुरक्षा के लिए एंटीवायरस या सिक्योरिटी ऐप का उपयोग करें।
-फोन और ऐप्स को समय-समय पर अपडेट करते रहें।
-सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय बैंकिंग या अन्य संवेदनशील काम न करें।
-मोबाइल में स्क्रीन लॉक (पिन/पासवर्ड/फिंगरप्रिंट) जरूर लगाएं।
-फर्जी कॉल या संदेश से सावधान रहें, पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।
साइबर अपराध होने पर यहां करें शिकायत:
हेल्पलाइन नंबर: 1930