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Bijnor News: प्रधान पर 18 बीघा जमीन पर कब्जा करने का आरोप
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धामपुर। अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मकसूदाबाद निवासी रिटायर्ड फौजी राम सिंह पत्नी राखी और चार बच्चों के साथ एसडीएम कार्यालय के बाहर बृहस्पतिवार को दूसरी बार धरने पर बैठे। पीड़ित परिवार ने चार दिन पहले भी एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर जमीन कब्जामुक्त कराने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
पीड़ित राम सिंह ने बताया कि उनकी बुआ रामकली ने उनके नाम अपनी करीब 18 बीघा खेती की जमीन की की थी। लेकिन गांव के प्रधान हरगोविंद ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से फर्जी दस्तावेजों को तैयार कर उसकी वसीयत को निरस्त करा कर जमीन अपने नाम करा ली। बताया कि वह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की मांग करते रहे लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरी में अपनी पत्नी राखी, दो पुत्री सोनी, प्रेरणा और दो पुत्रों सुरजीत सिंह व युवराज को साथ लेकर एसडीएम दफ्तर के बाहर धरना देने को विवश होना पड़ा।
बताया कि चार दिन पहले भी समस्या का समाधान कराने की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ितों का कहना है कि वह प्रधान के डर की वजह से अपने गांव भी नहीं जा पा रहे हैं। वह पास के गांव सुआवाला में मंदिर आदि स्थानों पर परिवार के साथ रात्रि गुजराने को विवश हैं। सुआवाला गांव के लोग उनका सहयोग करना चाहते हैं तो उन्हें भी आरोपी धमकी दे रहे हैं। गांव के खूब सिंह चौहान का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो वह भी उनके साथ मिलकर आंदोलन का समर्थन करेंगे। उधर प्रधान हरगोविंद ने लगे आरोपों को गलत बताया है।
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पीड़ित परिवार पेश नहीं कर पा रहा जमीन संबंधी अभिलेख
एसडीएम नितिन कुमार का कहना है कि वह कई बार राम सिंह व उसके परिवार को जमीन संबंधी कागजात दिखाने के लिए कह चुके हैं लेकिन पीड़ित परिवार अभी तक कोई अभिलेख नहीं दिखा पाया। पीड़ित परिवार अभिलेखों के साथ शिकायत दर्ज करे तो वह मामले की जांच कर पीड़ित परिवार का स्थायी समाधान करने का प्रयास करेंगे।
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पीड़ित राम सिंह ने बताया कि उनकी बुआ रामकली ने उनके नाम अपनी करीब 18 बीघा खेती की जमीन की की थी। लेकिन गांव के प्रधान हरगोविंद ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से फर्जी दस्तावेजों को तैयार कर उसकी वसीयत को निरस्त करा कर जमीन अपने नाम करा ली। बताया कि वह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की मांग करते रहे लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरी में अपनी पत्नी राखी, दो पुत्री सोनी, प्रेरणा और दो पुत्रों सुरजीत सिंह व युवराज को साथ लेकर एसडीएम दफ्तर के बाहर धरना देने को विवश होना पड़ा।
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बताया कि चार दिन पहले भी समस्या का समाधान कराने की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ितों का कहना है कि वह प्रधान के डर की वजह से अपने गांव भी नहीं जा पा रहे हैं। वह पास के गांव सुआवाला में मंदिर आदि स्थानों पर परिवार के साथ रात्रि गुजराने को विवश हैं। सुआवाला गांव के लोग उनका सहयोग करना चाहते हैं तो उन्हें भी आरोपी धमकी दे रहे हैं। गांव के खूब सिंह चौहान का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो वह भी उनके साथ मिलकर आंदोलन का समर्थन करेंगे। उधर प्रधान हरगोविंद ने लगे आरोपों को गलत बताया है।
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पीड़ित परिवार पेश नहीं कर पा रहा जमीन संबंधी अभिलेख
एसडीएम नितिन कुमार का कहना है कि वह कई बार राम सिंह व उसके परिवार को जमीन संबंधी कागजात दिखाने के लिए कह चुके हैं लेकिन पीड़ित परिवार अभी तक कोई अभिलेख नहीं दिखा पाया। पीड़ित परिवार अभिलेखों के साथ शिकायत दर्ज करे तो वह मामले की जांच कर पीड़ित परिवार का स्थायी समाधान करने का प्रयास करेंगे।