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Bijnor News: खरीफ फसलों की बुआई से पहले बीज व भूमि शोधन जरूरी
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बिजनौर। खरीफ फसलों की बुआई से पहले किसान बीज और भूमि शोधन करें। इसके लिए ट्राइकोडर्मा हरजेनियम और ब्यूवेरिया बेसियाना सस्ते, सुरक्षित और प्रभावी जैविक एजेंट हैं, जिनके प्रयोग से फसलों को फफूंदी और कीटों से बचाया जा सकता है।
यह जानकारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने दी। बताया कि ट्राइकोडर्मा हरजेनियम फफूंद आधारित जैविक फफूंदीनाशक है, जो जड़ सड़न, तना सड़न, डैम्पिंग ऑफ, उकठा और झुलसा जैसे रोगों की रोकथाम में लाभकारी है। यह हानिकारक फफूंद को नष्ट कर बीजों के चारों ओर सुरक्षा कवच बनाता है, जिससे बीजों का अंकुरण बेहतर होता है और फसल स्वस्थ रहती है। उन्होंने बताया कि ब्यूवेरिया बेसियाना जैविक कीटनाशक है, जो दीमक, सफेद गिडार, पत्ती लपेटक और चूसक कीटों की रोकथाम में कारगर है। इसके प्रयोग के दौरान रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
ऐसे करें बीज शोधन
जिला कृषि अधिकारी ने बीज शोधन के लिए 5 से 10 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करने की सलाह दी। वहीं नर्सरी पौध उपचार के लिए 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति लीटर पानी में घोलकर पौधों की जड़ों को शोधित करने को कहा गया है। भूमिशोधन के लिए 2.5 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा को 75 से 100 किलोग्राम गोबर की खाद में मिलाकर प्रयोग करने की सलाह दी गई।
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यह जानकारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने दी। बताया कि ट्राइकोडर्मा हरजेनियम फफूंद आधारित जैविक फफूंदीनाशक है, जो जड़ सड़न, तना सड़न, डैम्पिंग ऑफ, उकठा और झुलसा जैसे रोगों की रोकथाम में लाभकारी है। यह हानिकारक फफूंद को नष्ट कर बीजों के चारों ओर सुरक्षा कवच बनाता है, जिससे बीजों का अंकुरण बेहतर होता है और फसल स्वस्थ रहती है। उन्होंने बताया कि ब्यूवेरिया बेसियाना जैविक कीटनाशक है, जो दीमक, सफेद गिडार, पत्ती लपेटक और चूसक कीटों की रोकथाम में कारगर है। इसके प्रयोग के दौरान रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
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ऐसे करें बीज शोधन
जिला कृषि अधिकारी ने बीज शोधन के लिए 5 से 10 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करने की सलाह दी। वहीं नर्सरी पौध उपचार के लिए 5 ग्राम ट्राइकोडर्मा प्रति लीटर पानी में घोलकर पौधों की जड़ों को शोधित करने को कहा गया है। भूमिशोधन के लिए 2.5 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा को 75 से 100 किलोग्राम गोबर की खाद में मिलाकर प्रयोग करने की सलाह दी गई।