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शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे : अधिग्रहण का सर्वे पूरा, तीन गांव शेष
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बिजनौर। शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अगले माह त्रि-आयामी अधिसूचना जारी करेगा। यह प्रस्तावित एक्सप्रेसवे 747.424 किलोमीटर लंबा होगा, जो शामली से गोरखपुर में सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे पर समाप्त होगा।
परियोजना के लिए करीब 103 गांवों में चल रहा सर्वेक्षण लगभग पूरा हो चुका है। मात्र तीन गांवों का सर्वेक्षण शेष है, जिसे अगस्त माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। सितंबर माह में त्रि-आयामी अधिसूचना जारी होते ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ढाई माह पहले एसएलओ विभाग ने नजीबाबाद, धामपुर और बिजनौर के उप-पंजीयक कार्यालयों को एक सूची भेजी थी। इस सूची के अनुसार, जिलेभर के 103 गांवों की गाटा संख्या लॉक की गई थी। इनमें बिजनौर के 32 गांव, नजीबाबाद तहसील के 16 गांव और धामपुर तहसील के 55 गांव शामिल हैं। जिन किसानों की जमीन एक्सप्रेसवे में आनी है, उनकी सूची तैयार की जा रही है। पिछले दो माह से एनएचएआई की टीम जिले में मिट्टी की जांच कर रही है, जिसके आधार पर एक्सप्रेसवे का संरेखण तैयार किया जा रहा है।
-बिजनौर में एक्सप्रेसवे का स्वरूप
बिजनौर जिले में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 56 किलोमीटर रहेगी। यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग 734 के अंतर्गत किमी 86.860 से किमी 142.195 तक प्रस्तावित है। यह मार्ग मंडावर-चंदक क्षेत्र से होकर गुजरेगा। विशेष रूप से यह धामपुर तहसील क्षेत्र से निकलेगा। इस माह की शुरुआत में स्योहारा क्षेत्र में भी कई जगहों पर मिट्टी की जांच की गई है।
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-औद्योगिक गलियारे का विकास
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के पास ही बिजनौर तहसील में एक औद्योगिक गलियारा भी बनाया जाना है। यह गलियारा पपावर खुर्द, इस्लामपुर जलाल, अलीपुर माखन, खाना पट्टी, उलकपुर, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, यूसुफाबाद, किशनपुर और मुंढाला गांवों में विकसित होगा। इन गांवों की एक हजार हेक्टेयर भूमि में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। प्रशासन की टीम ने इसके लिए सर्वेक्षण कर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को रिपोर्ट भेज दी है।
वर्जन...
प्रथम चरण में गाटा संख्या के साथ जमीनों की खरीद और बिक्री पर रोक लगाई गई थी। एलाइमेंट और जिन किसानों की जमीन जाएगी, उसका सर्वे चल रहा है। जो पूरा होने वाला है। एनएचआई द्वारा थ्री डी नोटिफिकेशन जारी होगा, उसके बाद ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
-जसजीत कौर, डीएम बिजनौर
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परियोजना के लिए करीब 103 गांवों में चल रहा सर्वेक्षण लगभग पूरा हो चुका है। मात्र तीन गांवों का सर्वेक्षण शेष है, जिसे अगस्त माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। सितंबर माह में त्रि-आयामी अधिसूचना जारी होते ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ढाई माह पहले एसएलओ विभाग ने नजीबाबाद, धामपुर और बिजनौर के उप-पंजीयक कार्यालयों को एक सूची भेजी थी। इस सूची के अनुसार, जिलेभर के 103 गांवों की गाटा संख्या लॉक की गई थी। इनमें बिजनौर के 32 गांव, नजीबाबाद तहसील के 16 गांव और धामपुर तहसील के 55 गांव शामिल हैं। जिन किसानों की जमीन एक्सप्रेसवे में आनी है, उनकी सूची तैयार की जा रही है। पिछले दो माह से एनएचएआई की टीम जिले में मिट्टी की जांच कर रही है, जिसके आधार पर एक्सप्रेसवे का संरेखण तैयार किया जा रहा है।
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-बिजनौर में एक्सप्रेसवे का स्वरूप
बिजनौर जिले में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 56 किलोमीटर रहेगी। यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग 734 के अंतर्गत किमी 86.860 से किमी 142.195 तक प्रस्तावित है। यह मार्ग मंडावर-चंदक क्षेत्र से होकर गुजरेगा। विशेष रूप से यह धामपुर तहसील क्षेत्र से निकलेगा। इस माह की शुरुआत में स्योहारा क्षेत्र में भी कई जगहों पर मिट्टी की जांच की गई है।
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-औद्योगिक गलियारे का विकास
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के पास ही बिजनौर तहसील में एक औद्योगिक गलियारा भी बनाया जाना है। यह गलियारा पपावर खुर्द, इस्लामपुर जलाल, अलीपुर माखन, खाना पट्टी, उलकपुर, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, यूसुफाबाद, किशनपुर और मुंढाला गांवों में विकसित होगा। इन गांवों की एक हजार हेक्टेयर भूमि में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। प्रशासन की टीम ने इसके लिए सर्वेक्षण कर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को रिपोर्ट भेज दी है।
वर्जन...
प्रथम चरण में गाटा संख्या के साथ जमीनों की खरीद और बिक्री पर रोक लगाई गई थी। एलाइमेंट और जिन किसानों की जमीन जाएगी, उसका सर्वे चल रहा है। जो पूरा होने वाला है। एनएचआई द्वारा थ्री डी नोटिफिकेशन जारी होगा, उसके बाद ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
-जसजीत कौर, डीएम बिजनौर