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Bijnor News: मालन में उफान से दरकने लगा कच्चा तटबंध, अस्थायी पुल पानी में डूबा
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बिजनौर के गांव हमीदपुर के पास दरक रहा मालन नदी का तटबंध। संवाद
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बिजनौर। बरसाती मौसम की पहली ही तेज बारिश के बाद मालन नदी ने रौद्र रूप धारण कर रखा है। नदी में आए उफान से बिजनौर-मंडावर मार्ग पर पुलिस लाइन के पास वाला कच्चा तटबंध दरकने लगा है। वहीं गांव पूंडरी कला के पास बना अस्थायी पुल पानी में समा गया है। नदी के तेज बहाव से कई स्थानों पर भूमि कटान भी शुरू हो गया है।
शनिवार को बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 218.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बैराज से 63,137 क्यूसेक पानी बहता रहा। शाम चार बजे हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से गंगा में 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार से छोड़े गए पानी और सहायक नदियों से आने वाले जल के कारण रात में किसी समय बिजनौर बैराज पर जल प्रवाह एक लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। फिलहाल गंगा खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन मालन नदी उफन रही है।
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मालन नदी के तेज बहाव से बिजनौर-मंडावर मार्ग के समीप स्थित कच्चा तटबंध कई स्थानों पर दरकने लगा है। तटबंध की मिट्टी में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही और नदी का जलस्तर बढ़ा, तो तटबंध टूट सकता है। ऐसी स्थिति में गांव हमीदपुर की तरफ पानी रुख कर सकता है।
उधर गांव पूंडरी कला के पास मालन नदी पर बना अस्थायी पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। पुल डूबने के कारण ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इसके अलावा नदी गांव के समीप खेतों और नदी किनारे की जमीन का कटान कर रही है। इसके साथ ही रावली गांव के पास भी मालन नदी के रपटे पर पानी बह रहा है, खतरा भांपते हुए पुलिस ने इस रास्ते पर आवागमन बंद करा दिया है। इस रपटे पर शुक्रवार को एक व्यक्ति बह गया था।
एसडीएम सदर रितु चाैधरी ने बताया कि बाड़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जा रहा है। जहां तटबंध कमजोर हुए हैं, वहां काम कराया जाएगा।
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शनिवार को बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 218.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बैराज से 63,137 क्यूसेक पानी बहता रहा। शाम चार बजे हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से गंगा में 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार से छोड़े गए पानी और सहायक नदियों से आने वाले जल के कारण रात में किसी समय बिजनौर बैराज पर जल प्रवाह एक लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। फिलहाल गंगा खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन मालन नदी उफन रही है।
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मालन नदी के तेज बहाव से बिजनौर-मंडावर मार्ग के समीप स्थित कच्चा तटबंध कई स्थानों पर दरकने लगा है। तटबंध की मिट्टी में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही और नदी का जलस्तर बढ़ा, तो तटबंध टूट सकता है। ऐसी स्थिति में गांव हमीदपुर की तरफ पानी रुख कर सकता है।
उधर गांव पूंडरी कला के पास मालन नदी पर बना अस्थायी पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है। पुल डूबने के कारण ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इसके अलावा नदी गांव के समीप खेतों और नदी किनारे की जमीन का कटान कर रही है। इसके साथ ही रावली गांव के पास भी मालन नदी के रपटे पर पानी बह रहा है, खतरा भांपते हुए पुलिस ने इस रास्ते पर आवागमन बंद करा दिया है। इस रपटे पर शुक्रवार को एक व्यक्ति बह गया था।
एसडीएम सदर रितु चाैधरी ने बताया कि बाड़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जा रहा है। जहां तटबंध कमजोर हुए हैं, वहां काम कराया जाएगा।