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Bijnor News: फर्जी जांच रिपोर्ट लेकर अस्पताल संचालक तक पहुंचा था हत्यारोपी

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2026 12:27 AM IST
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The murder accused had reached the hospital operator with a fake investigation report.
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नगीना। नगीना में अस्पताल संचालक राजकुमार की हत्या में पुलिस को अहम सुराग मिला है। प्राथमिक जांच में सामने आया कि हत्यारोपी ग्राम तिवड़ी निवासी विकास उर्फ छोटू ने सात दिन पहले कोतवाली देहात की एक पैथोलोजी लैब पर फर्जी रिपोर्ट बनवाई। इसके जरिए हत्यारोपी राजकुमार के केबिन में दाखिल हुआ और गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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सीओ ने बताया कि हत्यारोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने चार टीमों का गठन किया है। रात में करीब तीन बजे आरोपी का मोबाइल ऑन हुआ, उस वक्त उसकी लोकेशन हरिद्वार में मिली, जिसके बाद से उसका मोबाइल बंद है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि गोली सीने में सामने से लगी और अंदर ही फंसी रह गई।
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बृहस्पतिवार की शाम करीब सात बजे मरीज बनकर शिवालय हेल्थ केयर सेंटर में हत्यारोपी पहुंचा। उसने खून की जांच रिपोर्ट दिखाने के बहाने केबिन में बैठे अस्पताल संचालक राजकुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी बाइक अस्पताल के बाहर ही छोड़कर भाग निकला था। पुलिस ने उक्त बाइक और सीसीटीवी कैमरे की मदद से हमलावर की पहचान ग्राम तिवड़ी निवासी विकास उर्फ छोटू के रूप में की। उधर गाजियाबाद से नगीना पहुंची मृतक की बहन निशा ने नगीना थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस हत्यारोपी विकास को ढूंढने में लगी हुई है।
पूर्व साझेदार से भी की पूछताछ : पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि राजकुमार को गाजियाबाद से नगीना प्राइवेट नर्सिंग होम खुलवाने के लिए ग्राम तिवड़ी निवासी एक व्यक्ति लाया था। दोनों ने साथ मिलकर करीब एक साल तक संयुक्त रूप से एक निजी अस्पताल का संचालन किया। बाद में किसी बात को लेकर दोनों में अनबन हो गई। जिसके बाद दोनों वर्तमान में अलग-अलग निजी अस्पताल चला रहे थे। पूर्व में मृतक राजकुमार के साथ अस्पताल में साझेदार रहा संचालक शक के दायरे में है। पुलिस उससे पूछताछ भी कर चुकी है।
मास्टर देव के नाम से बनी थी फर्जी रिपोर्ट : वारदात के बाद पुलिस को राजकुमार की मेज पर खून की जांच की रिपोर्ट रखी मिली। यह रिपोर्ट मास्टर देव नाम के मरीज की थी। रिपोर्ट के जरिए पुलिस कोतवाली देहात की एक पैथोलौजी लैब तक पहुंची। लैब संचालक ने बताया कि उसने तीबड़ी के कथित चिकित्सक के कहने पर तैयार की थी, जिसके लिए खून का भी कोई नमूना नहीं लिया गया।
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