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Bijnor News: गरीब कतार में, राशन बाजार में
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बिजनौर। सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में बायोमेट्रिक व्यवस्था का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से राशन पहुंचाना था, लेकिन जिले में कुछ राशन डीलर इसी व्यवस्था को गरीबों के हक पर डाका डालने का जरिया बना रहे हैं।
राशन कार्ड धारक से से पहले ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर राशन बाद में देने का झांसा दिया जाता है और रिकॉर्ड में वितरण दर्शाकर खाद्यान्न की कालाबाजारी कर दी जाती है। शनिवार को शेरकोट के गांव आसफाबाद और स्योहारा क्षेत्र के गांव ठाठ जट के राशन डीलरों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी ने इस गड़बड़ी की फिर पुष्टि कर दी।
जांच में कहीं खाद्यान्न का भारी स्टॉक कम मिला तो कहीं उपभोक्ताओं ने पहले अंगूठा लगवाकर बाद में कम या बिल्कुल राशन नहीं देने के आरोप लगाए। इस वर्ष जिले में राशन डीलरों के खिलाफ दर्ज होने वाली प्राथमिकी की संख्या अब दस तक पहुंच चुकी है।
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n अप्रैल में नहटौर में दर्ज हुई थी प्राथमिकी : चार अप्रैल को पूर्ति निरीक्षक विनीत कुमार की तहरीर पर नहटौर ब्लॉक के ग्राम पंचायत फरीदनगर के गांव मेहरपुर के उचित दर विक्रेता सागर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। 30 मार्च को हुई औचक जांच में दुकान पर गेहूं, चावल और चीनी का कोई स्टॉक नहीं मिला, जबकि ई-पॉस मशीन और पोर्टल पर पर्याप्त खाद्यान्न शेष दर्ज था। जांच में 29.65 क्विंटल चावल, 43.72 क्विंटल गेहूं और तीन किलो चीनी का हिसाब नहीं मिला। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि अंगूठा लगवाने के बाद भी पूरा राशन नहीं दिया जाता था।
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राशन कार्ड धारक से से पहले ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर राशन बाद में देने का झांसा दिया जाता है और रिकॉर्ड में वितरण दर्शाकर खाद्यान्न की कालाबाजारी कर दी जाती है। शनिवार को शेरकोट के गांव आसफाबाद और स्योहारा क्षेत्र के गांव ठाठ जट के राशन डीलरों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी ने इस गड़बड़ी की फिर पुष्टि कर दी।
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जांच में कहीं खाद्यान्न का भारी स्टॉक कम मिला तो कहीं उपभोक्ताओं ने पहले अंगूठा लगवाकर बाद में कम या बिल्कुल राशन नहीं देने के आरोप लगाए। इस वर्ष जिले में राशन डीलरों के खिलाफ दर्ज होने वाली प्राथमिकी की संख्या अब दस तक पहुंच चुकी है।
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n अप्रैल में नहटौर में दर्ज हुई थी प्राथमिकी : चार अप्रैल को पूर्ति निरीक्षक विनीत कुमार की तहरीर पर नहटौर ब्लॉक के ग्राम पंचायत फरीदनगर के गांव मेहरपुर के उचित दर विक्रेता सागर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। 30 मार्च को हुई औचक जांच में दुकान पर गेहूं, चावल और चीनी का कोई स्टॉक नहीं मिला, जबकि ई-पॉस मशीन और पोर्टल पर पर्याप्त खाद्यान्न शेष दर्ज था। जांच में 29.65 क्विंटल चावल, 43.72 क्विंटल गेहूं और तीन किलो चीनी का हिसाब नहीं मिला। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि अंगूठा लगवाने के बाद भी पूरा राशन नहीं दिया जाता था।