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Bijnor News: ओडीओपी से संवरी जिले की काष्ठकला, निर्यात 300 करोड़ के पार
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बिजनौर। सरकार की ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना ने बिजनौर की पारंपरिक काष्ठ कला और ब्रश उद्योग को नई उड़ान दी है। जिले में इस समय 500 से अधिक इकाइयों के जरिए करीब 20 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है जबकि, सालाना कारोबार 250 से 300 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। इसमें से करीब 250 करोड़ रुपये के उत्पाद अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में निर्यात हो रहे हैं।
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त अमित कुमार के अनुसार, ओडीओपी योजना के तहत कारीगरों और उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराई गई है। अब तक 1500 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही करीब 10 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की गई है। 2023 में नगीना वुड क्राफ्ट एसोसिएशन को जीआई टैग मिलने के बाद इस कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। इससे उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ने के साथ ही निर्यात को भी मजबूती मिली है।
नगीना की काष्ठकला के अलावा शेरकोट का ब्रश उद्योग भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत स्थिति में है। देश में ब्रश की कुल खपत का करीब 50 प्रतिशत उत्पादन शेरकोट से होता है। उद्योग को और आधुनिक बनाने के लिए 30 करोड़ रुपये की लागत से तीन कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) बनाए जा रहे हैं। इनमें सरकार 90 प्रतिशत अनुदान दे रही है।ा
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नगीना की काष्ठकला के अलावा शेरकोट का ब्रश उद्योग भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत स्थिति में है। देश में ब्रश की कुल खपत का करीब 50 प्रतिशत उत्पादन शेरकोट से होता है। उद्योग को और आधुनिक बनाने के लिए 30 करोड़ रुपये की लागत से तीन कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) बनाए जा रहे हैं। इनमें सरकार 90 प्रतिशत अनुदान दे रही है।ा
