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Budaun News: बगैर परमिट और फिटनेस दौड़ रहे 56 स्कूली वाहन
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बदायूं। शहर के ज्यादातर स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र की तैयारियां चल रहीं हैं। इस बीच 56 स्कूली वाहन बगैर परमिट व फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। एआरटीओ ने इन वाहनों पर कार्रवाई के लिए अभियान शुरू किया है।
जिलेभर में 550 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें बसों की संख्या 212 है। इनमें से 22 की फिटनेस तो 18 वाहनों के परमिट एक्सपायर हो चुके हैं। टैक्सी वाले वाहनों में मैजिक, ईको वाहनों की संख्या 110 है। इसमें नौ की फिटनेस तो सात की परमिट एक्सपायर हो चुकी है। विभाग का दावा है कि इनको नोटिस भेजे गए हैं।
बगैर फिटनेस दौड़ रहे वाहनों पर पांच हजार तो परमिट के बिना संचालित वाहनों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। कई स्कूली वाहन ऐसे हैं जो सवारियां भी ढोते हैं। स्कूल बसों में अग्निशमन किट, फर्स्ट एड बॉक्स सहित तमाम बिंदुओं पर ही फिटनेस प्रमाणपत्र विभाग जारी करता है। वास्तविक हालात इससे अलग हैं। ऐसे वाहनों में बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने के लिए विवश हैं।
स्कूल की बस से कुचलकर हो चुकी है एक बच्ची की मौत
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव पड़रिया निवासी नरेश की बड़ी बेटी माही स्कूल गई थी। 17 दिसंबर को जब वह लौटी तो उसकी छोटी बहन सृष्टि उसको लेने बस के पास आ गई। स्कूल की बस की चपेट में आकर छह साल की सृष्टि की मौत हो गई थी।
दो साल पहले चार छात्र व चालक की जा चुकी है जान
जिले के उसावां थाना क्षेत्र में दो साल पहले स्कूल वैन के ड्राइवर और चार बच्चों की हादसे में मौत हो चुकी है। हादसा उसावां थाना क्षेत्र में असधरमई और गौंतरा गांव के बीच स्कूल वैन और स्कूल बस की आमने-सामने हुई टक्कर से हुआ था। हादसे में वैन सवार चार छात्र-छात्राओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि बस में सवार 23 छात्र-छात्राएं घायल हो गए थे। बस में सवार एक छात्रा के भी चोटें आईं थीं।
पेड़ से टकराई थी बच्चों से भरी स्कूली बस
उघैती थाना क्षेत्र के गांव दारानगर के नजदीक तेज रफ्तार स्कूल बस पिकअप से बचने की कोशिश में सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई थी। गनीमत रही कि बस में सवार बच्चों को चोट नहीं आई थी। हादसे में बस चालक सत्यवीर को काफी चोट आई थी। हादसा गत वर्ष सुबह आठ बजे हुआ था।
स्कूली वाहनों को पांच साल के लिए परमिट की अनुमति दी जाती है। समय-समय पर फिटनेस की जांच भी की जाती है। पकड़े जाने पर वाहनों का चालान करते हुए उन्हें सीज करने की कार्रवाई भी की जाती है। - हरिओम कुमार, उप संभागीय परिवहन अधिकारी
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जिलेभर में 550 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इसमें बसों की संख्या 212 है। इनमें से 22 की फिटनेस तो 18 वाहनों के परमिट एक्सपायर हो चुके हैं। टैक्सी वाले वाहनों में मैजिक, ईको वाहनों की संख्या 110 है। इसमें नौ की फिटनेस तो सात की परमिट एक्सपायर हो चुकी है। विभाग का दावा है कि इनको नोटिस भेजे गए हैं।
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बगैर फिटनेस दौड़ रहे वाहनों पर पांच हजार तो परमिट के बिना संचालित वाहनों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। कई स्कूली वाहन ऐसे हैं जो सवारियां भी ढोते हैं। स्कूल बसों में अग्निशमन किट, फर्स्ट एड बॉक्स सहित तमाम बिंदुओं पर ही फिटनेस प्रमाणपत्र विभाग जारी करता है। वास्तविक हालात इससे अलग हैं। ऐसे वाहनों में बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने के लिए विवश हैं।
स्कूल की बस से कुचलकर हो चुकी है एक बच्ची की मौत
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव पड़रिया निवासी नरेश की बड़ी बेटी माही स्कूल गई थी। 17 दिसंबर को जब वह लौटी तो उसकी छोटी बहन सृष्टि उसको लेने बस के पास आ गई। स्कूल की बस की चपेट में आकर छह साल की सृष्टि की मौत हो गई थी।
दो साल पहले चार छात्र व चालक की जा चुकी है जान
जिले के उसावां थाना क्षेत्र में दो साल पहले स्कूल वैन के ड्राइवर और चार बच्चों की हादसे में मौत हो चुकी है। हादसा उसावां थाना क्षेत्र में असधरमई और गौंतरा गांव के बीच स्कूल वैन और स्कूल बस की आमने-सामने हुई टक्कर से हुआ था। हादसे में वैन सवार चार छात्र-छात्राओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि बस में सवार 23 छात्र-छात्राएं घायल हो गए थे। बस में सवार एक छात्रा के भी चोटें आईं थीं।
पेड़ से टकराई थी बच्चों से भरी स्कूली बस
उघैती थाना क्षेत्र के गांव दारानगर के नजदीक तेज रफ्तार स्कूल बस पिकअप से बचने की कोशिश में सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई थी। गनीमत रही कि बस में सवार बच्चों को चोट नहीं आई थी। हादसे में बस चालक सत्यवीर को काफी चोट आई थी। हादसा गत वर्ष सुबह आठ बजे हुआ था।
स्कूली वाहनों को पांच साल के लिए परमिट की अनुमति दी जाती है। समय-समय पर फिटनेस की जांच भी की जाती है। पकड़े जाने पर वाहनों का चालान करते हुए उन्हें सीज करने की कार्रवाई भी की जाती है। - हरिओम कुमार, उप संभागीय परिवहन अधिकारी
