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Budaun News: जनगणना के लिए 6,257 प्रगणक व 1,014 सुपरवाइजर तैनात
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बदायूं। देश के सबसे बड़े प्रशासनिक अभियानों में शामिल जनगणना इस बार जिले में बिल्कुल नए और आधुनिक स्वरूप में दिखाई देगी। पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्रणाली पर आधारित होगी, जिससे आम नागरिकों को न केवल सुविधा मिलेगी, बल्कि वे खुद भी इस प्रक्रिया में सीधे भागीदारी कर सकेंगे। केंद्र सरकार की पहल पर शुरू किए गए इस बदलाव को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इस नई व्यवस्था के तहत जनता को 7 मई से 21 मई तक स्वगणना (Self Enumeration) का विशेष अवसर दिया गया है, जिसमें कोई भी व्यक्ति घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा एक विशेष पोर्टल https://se.census.gov.in/ तैयार किया गया है, जहां आसान प्रक्रिया के जरिए डेटा भरा जा सकता है। प्रशासन का मानना है कि इससे लोगों का समय बचेगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
दो चरणों में पूरा होगा जनगणना अभियान
जनगणना का यह व्यापक अभियान दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहला चरण (7 मई-21 मई) : स्वगणना, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे। दूसरा चरण (22 मई–20 जून) : घर-घर सर्वे, जिसमें प्रगणक हर परिवार तक पहुंचकर डेटा एकत्र करेंगे। दूसरे चरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति, परिवार या वर्ग जनगणना से वंचित न रह जाए। यदि किसी ने स्वगणना नहीं की है, तो प्रगणक उसके घर जाकर पूरी जानकारी दर्ज करेंगे।
बड़े पैमाने पर तैनाती, सख्त निगरानी व्यवस्था
इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने मजबूत मानव संसाधन तंत्र तैयार किया है। 6,257 प्रगणक अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं, जो सीधे लोगों से जानकारी जुटाएंगे। इनके कार्यों की निगरानी के लिए 1,014 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। इसके अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर्मचारियों को रिजर्व रखा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में काम प्रभावित न हो। प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया है, जिससे डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा संग्रह में कोई परेशानी न आए।
इस बार की जनगणना में डिजिटल तकनीक का उपयोग होने से डेटा संग्रहण की गति बढ़ेगी, त्रुटियों में कमी आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। लोगों से अपील है कि वे स्वगणना के विकल्प का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी सही व पूरी तरह से भरें। इससे न केवल सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन में मदद मिलेगी, बल्कि जिले के विकास की सटीक तस्वीर भी सामने आएगी। - डॉ. वैभव शर्मा, एडीएम (एफआर)
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इस नई व्यवस्था के तहत जनता को 7 मई से 21 मई तक स्वगणना (Self Enumeration) का विशेष अवसर दिया गया है, जिसमें कोई भी व्यक्ति घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा एक विशेष पोर्टल https://se.census.gov.in/ तैयार किया गया है, जहां आसान प्रक्रिया के जरिए डेटा भरा जा सकता है। प्रशासन का मानना है कि इससे लोगों का समय बचेगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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दो चरणों में पूरा होगा जनगणना अभियान
जनगणना का यह व्यापक अभियान दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहला चरण (7 मई-21 मई) : स्वगणना, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करेंगे। दूसरा चरण (22 मई–20 जून) : घर-घर सर्वे, जिसमें प्रगणक हर परिवार तक पहुंचकर डेटा एकत्र करेंगे। दूसरे चरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति, परिवार या वर्ग जनगणना से वंचित न रह जाए। यदि किसी ने स्वगणना नहीं की है, तो प्रगणक उसके घर जाकर पूरी जानकारी दर्ज करेंगे।
बड़े पैमाने पर तैनाती, सख्त निगरानी व्यवस्था
इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने मजबूत मानव संसाधन तंत्र तैयार किया है। 6,257 प्रगणक अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं, जो सीधे लोगों से जानकारी जुटाएंगे। इनके कार्यों की निगरानी के लिए 1,014 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। इसके अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर्मचारियों को रिजर्व रखा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में काम प्रभावित न हो। प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया है, जिससे डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा संग्रह में कोई परेशानी न आए।
इस बार की जनगणना में डिजिटल तकनीक का उपयोग होने से डेटा संग्रहण की गति बढ़ेगी, त्रुटियों में कमी आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। लोगों से अपील है कि वे स्वगणना के विकल्प का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी सही व पूरी तरह से भरें। इससे न केवल सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन में मदद मिलेगी, बल्कि जिले के विकास की सटीक तस्वीर भी सामने आएगी। - डॉ. वैभव शर्मा, एडीएम (एफआर)
