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Budaun News: बीमारी से एक माह की मासूम की मौत, दफनाए जाने को लेकर हुआ हंगामा
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कोतवाली सामने ई- रिक्शा को घेरे खड़े मृत मासूम बच्ची के परिजन। संवाद
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उझानी। एक माह की नवजात बच्ची की मौत के बाद शव को लेकर माता-पिता के बीच खींचतान कोतवाली गेट के सामने तक पहुंच गई। पिता और उसके परिजन शव को कासगंज में गंजडुडबारा स्थित घर ले जाकर दफनाना चाहते थे तो मां के पक्ष के लोग ननिहाल में दफनाए जाने पर जोर दे रहे थे। बाद में मासूम का शव ननिहाल में ही दफनाया गया। इस दौरान करीब एक घंटा हंगामा और कहासुनी होती रही।
मासूम बच्ची कासगंज जिले में गंजडुडबारा में गणेशपुर निवासी मोहम्मद यामीन की बेटी थी। जन्म के 15 दिन बाद ही मां भूरी बेटी को लेकर अपने मायके पठानटोला मोहल्ले में आ गई। शारीरिक रूप से कमजोर मासूम की बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे मौत हो गई। इसकी जानकारी फोन करके पिता यामीन को भी दी गई।
मासूम के शव को दफनाए जाने की कार्रवाई के बीच ही पिता यामीन और उनके परिजन आ गए। उन्होंने भूरी पर मासूम के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठा लिया। वह उसे लेकर कोतवाली गेट तक पहुंच गए। पीछे-पीछे भूरी और मायके पक्ष के लोग थे।
कोतवाली गेट के पास ही दोनों पक्ष में शव को लेकर खींचतान शुरू हो गई। यामीन शव अपने गांव में दफनाने की जिद पर अड़ गए तो रोती- बिलखती भूरी ने इसका विरोध किया। मासूम का शव ई-रिक्शा में सवार पिता की मौसी की गोद में था, सो खींचतान के दौरान दो रिश्तेदारों के कपड़े भी फट गए।
हंगामे और शोर शराबा के बीच कोतवाली से बाहर निकले पुलिस कर्मियों ने दोनों पक्ष को समझाकर शांत किया। इसके बाद ही मासूम के शव को दफनाया गया। इस लेकर स्टेशन रोड पर कोतवाली सामने काफी भीड़ लग गई। अफरातफरी का माहौल बन गया।
रिश्तेदार की वजह से भड़के मासूम के परिजन
एक महीना की मासूम बच्ची की मौत बीमारी की वजह से होना बताई जा रही है। भूरी का दावा है कि शौहर समेत उसके परिवार के लोग उसे परेशान किया करते थे। बच्ची बीमार पड़ी तो पिता ने इलाज कराने की जरूरत महसूस नहीं की। दूसरी तरफ मोहम्मद यामीन ने बताया कि बच्ची को भूरी अपने साथ यह कहकर मायके ले आई थी कि बेहतर इलाज करा लेंगे। फिर भी मासूम की हालत पर गौर नहीं किया गया। वह तो सिर्फ अपने गांव में शव दफनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन एक रिश्तेदार की वजह से हंगामा हो गया।
एक महीने की बच्ची की मौत बीमारी से हुई है। परिवार के लोगों में बेवजह विवाद हो गया था। कोतवाली के सामने पहुंचे तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें समझाया। दोनों पक्ष ने आपसी सहमति से शव दफना दिया है। माता-पिता पक्ष के लोग भी मौजूद रहे।- प्रवीण कुमार, प्रभारी निरीक्षक
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मासूम बच्ची कासगंज जिले में गंजडुडबारा में गणेशपुर निवासी मोहम्मद यामीन की बेटी थी। जन्म के 15 दिन बाद ही मां भूरी बेटी को लेकर अपने मायके पठानटोला मोहल्ले में आ गई। शारीरिक रूप से कमजोर मासूम की बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे मौत हो गई। इसकी जानकारी फोन करके पिता यामीन को भी दी गई।
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मासूम के शव को दफनाए जाने की कार्रवाई के बीच ही पिता यामीन और उनके परिजन आ गए। उन्होंने भूरी पर मासूम के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठा लिया। वह उसे लेकर कोतवाली गेट तक पहुंच गए। पीछे-पीछे भूरी और मायके पक्ष के लोग थे।
कोतवाली गेट के पास ही दोनों पक्ष में शव को लेकर खींचतान शुरू हो गई। यामीन शव अपने गांव में दफनाने की जिद पर अड़ गए तो रोती- बिलखती भूरी ने इसका विरोध किया। मासूम का शव ई-रिक्शा में सवार पिता की मौसी की गोद में था, सो खींचतान के दौरान दो रिश्तेदारों के कपड़े भी फट गए।
हंगामे और शोर शराबा के बीच कोतवाली से बाहर निकले पुलिस कर्मियों ने दोनों पक्ष को समझाकर शांत किया। इसके बाद ही मासूम के शव को दफनाया गया। इस लेकर स्टेशन रोड पर कोतवाली सामने काफी भीड़ लग गई। अफरातफरी का माहौल बन गया।
रिश्तेदार की वजह से भड़के मासूम के परिजन
एक महीना की मासूम बच्ची की मौत बीमारी की वजह से होना बताई जा रही है। भूरी का दावा है कि शौहर समेत उसके परिवार के लोग उसे परेशान किया करते थे। बच्ची बीमार पड़ी तो पिता ने इलाज कराने की जरूरत महसूस नहीं की। दूसरी तरफ मोहम्मद यामीन ने बताया कि बच्ची को भूरी अपने साथ यह कहकर मायके ले आई थी कि बेहतर इलाज करा लेंगे। फिर भी मासूम की हालत पर गौर नहीं किया गया। वह तो सिर्फ अपने गांव में शव दफनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन एक रिश्तेदार की वजह से हंगामा हो गया।
एक महीने की बच्ची की मौत बीमारी से हुई है। परिवार के लोगों में बेवजह विवाद हो गया था। कोतवाली के सामने पहुंचे तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें समझाया। दोनों पक्ष ने आपसी सहमति से शव दफना दिया है। माता-पिता पक्ष के लोग भी मौजूद रहे।- प्रवीण कुमार, प्रभारी निरीक्षक

कोतवाली सामने ई- रिक्शा को घेरे खड़े मृत मासूम बच्ची के परिजन। संवाद
