बदायूं दोहरा हत्याकांड: अब दोहरे सुरक्षा कवच के बीच होगा एचपीसीएल प्लांट का संचालन, अफसरों ने तैयार किया खाका
बदायूं में एचपीसीएल प्लांट के दो अफसरों की हत्या के बाद से बंद प्लांट को दोबारा शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में कंपनी के अफसरों ने मंगलवार को प्लांट में डीएम और एसएसपी के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की। प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचा।
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बदायूं के सैंजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट का संचालन अब दोहरे सुरक्षा कवच के बीच होगा। एक तो कंपनी के सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे, वहीं पुलिस की टीम भी सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहेगी। यदि जरूरत पड़ी तो यहां पर सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) भी लगाई जा सकती है। मंगलवार को मुंबई व दिल्ली से यहां पहुंचे कंपनी के सुरक्षा सलाहकार, ईडी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) व डीएम-एसएसपी ने प्लांट परिसर में ही बैठक कर इसकी रणनीति तैयार की।
प्रशासन का दावा है कि एक सप्ताह में प्लांट संचालन शुरू करने का प्रयास है। हालांकि दावे के विपरीत इसका संचालन जल्दी शुरू कराना आसान नहीं होगा। कंपनी अब बेदाग छवि वाले कर्मचारियों की तलाश कर रही है। नए वेंडर के जरिये इनकी तैनाती होगी। सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन भी कराया जाएगा। इसमें काफी वक्त लग सकता है।
मंगलवार को दिन में करीब 12 बजे सैजनी के प्लांट पहुंचे एचपीसीएल के ईडी मोहित धवन व कंपनी के सुरक्षा सलाहकार महाराष्ट्र सरकार के पूर्व डीजीपी केपी रघुवंशी व अन्य अफसरों ने पहले तो यहां हुई वारदात के बारे में जानकारी ली। इसके बाद डीएम अवनीश राय व एसएसपी अंकिता शर्मा के साथ कंपनी से जुड़े अधिकारियों को साथ लेकर बैठक की।
प्लांट में सुरक्षा को लेकर हुई गहना चर्चा
प्लांट संचालन में जो बाधाएं आ रही है, उन्हें दूर करने के लिए चर्चा की गई। प्लांट पर सुरक्षा से लेकर मैनपावर व अन्य सभी गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। तय हुआ कि इस बार ऐसी सुरक्षा-व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी वारदात सामने न आने पाए। यह भी तय हुआ कि प्लांट में आने-जाने वाले हर व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। करीब एक घंटे तक डीएम व एसएसपी यहां रहे। उन्होंने प्लांट परिसर का भ्रमण कर वहां के हालात का भी जायजा लिया।
सुरक्षा में चूक करने वाले अधिकारी भी जांच के दायरे में
बदायूं के एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के मामले में डीएम अवनीश राय और तत्कालीन एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह समेत कई अधिकारियों को एसआईटी ने अपनी जांच के दायरे में रखा है। डीएम और एसएसपी से 14 जनवरी को मिलकर दोनों अफसरों ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद सुरक्षा क्यों नहीं दी गई, किस स्तर पर ढिलाई हुई, इसकी जांच की जा रही है। क्या किसी वजह से जानबूझकर लापरवाही की गई, यह भी जांच का बिंदु है।
डीएम अवनीश राय ने बताया कि एचपीसीएल के अफसरों व सुरक्षा सलाहकार के साथ बैठक कर प्लांट संचालन को लेकर चर्चा की गई है। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द प्लांट का संचालन शुरू कराया जाए।
एचपीसीएल प्लांट संचालन के लिए मंगलवार को तय हुआ कि एक सप्ताह में सुरक्षा ऑडिट तैयार करके उसके अनुसार ही खाका तैयार किया जाएगा। यह ऑडिट पुलिस और कंपनी के अधिकारी मिलकर करेंगे। उसके बाद सभी सुझाव पर विचार कर चिह्नित स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर प्लांट का संचालन शुरू किया जाएगा।
कंपनी के अधिकारियों व डीएम-एसएसपी के बीच हुई बैठक में तय हुआ कि सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर ऑडिट कराया जाना जरूरी है। ताकि सुरक्षा इंतजाम करने में कोई चूक न रह जाए। इसके लिए पुलिस व कंपनी के अधिकारियों की टीम भी तय कर दी गई। निर्णय लिया गया कि जितने भी प्रमुख इंट्री प्वांइट है, उनके पास सशस्त्र सुरक्षा गार्डों की तैनाती की जाएगी। कहां कितने सुरक्षाकर्मी रहना चाहिए, यह भी ऑडिट में तय होगा।
बैठक में इस पर भी गौर किया गया कि 12 मार्च को जब प्लांट के अंदर चल रही बैठक के दौरान दो अफसरों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की हत्या की गई तो मौके पर सीसीटीवी कैमरा न होने से वहां की रिकॉर्डिंग सामने नहीं आ सकी। इसका कारण था कि प्लांट के सामने गेट के पास लगे सीसी कैमरे साइड में थे। इस कारण उनके फुटेज में हमलावर का चेहरा का सामने नहीं आ सका। ऐसे में अब कंपनी प्लांट के चारों तरफ हर स्थान पर सीसी कैमरे लगाएगी।
प्लांट के बाहर बने कमरे में फिलहाल पुलिस चौकी का संचालन शुरू करा दिया गया है। यहां आठ सिपाही व दो दरोगा तैनात किए हैं। इसके पास ही एक बीघा भूमि चिह्नित कर स्थायी पुलिस चौकी बनाई जानी है। इस चौकी का निर्माण भी जल्द से जल्द हो इसको लेकर भी चर्चा की गई है।
जरूरत पड़ी तो सीआईएसएफ की भी की जाएगी तैनात
यह भी बात सामने आई है कि यदि यहां पर सुरक्षा को लेकर जरूरत पड़ती है तो सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के जवानाें को भी तैनात किया जाएगा। पहले पुलिसकर्मी व कंपनी के निजी सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके बाद यदि काेई कमी रहती है तो सीआईएसएफ भी तैनात होगी।
कर्मचारियों की तैनाती में बरती जाएगी पारदर्शिता
प्लांट परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों की तैनाती में काफी पारदर्शिता बरती जाएगी। यहां करीब 150 कर्मचारी तैनात होंगे। बीते दिनों यहां पर 122 कर्मचारी रहे हैं। इनमें से 85 हटाए जा चुके है। जबकि पुरानी एजेंसी का लाइसेंस भी निरस्त हो चुका है। ऐसे में कंपनी में तैनात होने वाले सभी 150 या फिर उससे ज्यादा कर्मचारियों की तैनाती अब नए सिरे से ही होगी। इसके लिए जो भी वेंडर सामने आएगा, उसकी भी पूरी तहकीकात करने के बाद उसे काम को सौंपा जाएगा।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि प्लांट संचालन को लेकर कंपनी के अफसरों से वार्ता हुई है। सुरक्षा-व्यवस्था का खाका तैयार किया जा रहा है। कड़े सुरक्षा प्रबंध व भयमुक्त माहौल के बीच जल्द से जल्द प्लांट का संचालन शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।