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Budaun News: बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट आई, ढालू की पिस्टल-तमंचा और पुलिस की पिस्टलों से चली थीं गोलियां

Sun, 09 Aug 2026 01:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2026 01:38 AM IST
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Ballistic examination report received: shots were fired from Dhalu's pistol and country-made gun, as well as from police pistols.
बदायूं। 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू की एनकाउंटर में मौत के मामले में बैलिस्टिक जांच ने पुलिस के दावे को महत्वपूर्ण आधार दिया है। फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की जांच में घटनास्थल से बरामद खोखों का एसपी सिटी, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस, तत्कालीन इंस्पेक्टर सहसवान की सरकारी पिस्टलों और बदमाश से बरामद तमंचा और सेमी पिस्टल से मिलान किया गया। जांच में दोनों पक्षों के हथियारों से फायरिंग करने की पुष्टि हुई। इससे मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग के दावे को वैज्ञानिक साक्ष्य मिला है।
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एक जुलाई को बिल्सी रोड पर जेल के लिए प्रस्तावित भूमि के पास पुलिस और ढालू के बीच एनकाउंटर हुआ था। इसमें ढालू की मौत हो गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से मिले खोखे, कारतूस और एसपी सिटी, दो इंस्पेक्टर और ढालू के पास से बरामद हथियारों को सुरक्षित कर सील किया था। पुलिस की ओर से फायर किए गए हथियारों को भी केस प्रॉपर्टी बनाकर एफएसएल भेजा गया।
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बैलिस्टिक विशेषज्ञों ने बरामद खोखों पर मौजूद फायरिंग के विशिष्ट निशानों का संबंधित हथियारों से मिलान किया। परीक्षण में हथियार के चैम्बर, फायरिंग पिन, एक्सट्रैक्टर और इजेक्टर से बने निशानों का अध्ययन किया गया। इन निशानों के आधार पर विशेषज्ञ पता लगाते हैं कि खोखा किस हथियार से फायर हुआ था। बैलिस्टिक जांच में घटनास्थल से मिले खोखों में कुछ खोखे पुलिस की सरकारी पिस्टलों से फायर हुए थे, जबकि कुछ खोखों का संबंध बदमाश के कब्जे से बरामद हथियारों से पाया गया। जांच में पाया गया कि एनकाउंटर के दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई थी।
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घटनास्थल पर मिले खोखों ने खोला फायरिंग का राज

बैलिस्टिक जांच में सबसे अहम भूमिका घटनास्थल से बरामद खोखों की रही। प्रत्येक फायर आर्म फायरिंग के बाद खोखे पर सूक्ष्म और विशिष्ट निशान छोड़ता है। विशेषज्ञ इन निशानों की तुलना संबंधित हथियार से टेस्ट फायरिंग के दौरान मिले खोखों से करते हैं। दोनों में पर्याप्त समानता मिलने पर खोखे के हथियार से चलने की पुष्टि की जाती है। इसी वैज्ञानिक प्रक्रिया से इस मामले में पुलिस और बदमाश, दोनों पक्षों के हथियारों से फायरिंग की पुष्टि हुई है।


बैलिस्टिक जांच में दोनों ओर से फायरिंग होने की पुष्टि हुई। बैलिस्टिक जांच की रिपोर्ट को केस डायरी का हिस्सा बनाकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - अंकिता शर्मा, एसएसपी
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