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Budaun News: बाथरूम में मिला एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. गणेश यादव का शव
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जिला अस्पताल में पहुंची डॉक्टर की मां मिथलेश। स्रोत पुलिस
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बदायूं। जिला अस्पताल में तैनात एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. गणेश यादव (52 वर्ष) का शव शुक्रवार सुबह उनके अस्पताल परिसर के सरकारी आवास के बाथरूम में मिला। इससे स्वास्थ्य विभाग में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण हृदयगति रुकना बताया गया है।
मूल रूप से मैनपुरी जिले के रिठेरा गांव निवासी डॉ. गणेश यादव जुलाई 2023 से जिला अस्पताल में तैनात थे। उन्होंने अपने परिवार को मुरादाबाद के इंदिरा आवास सोसाइटी, मिलन विहार में शिफ्ट कर रखा था, जबकि वह स्वयं बदायूं में सरकारी आवास में रहते थे। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार सुबह लगातार कॉल करने के बावजूद जब उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की तो सुबह करीब 10:30 बजे जिला महिला अस्पताल के पूर्व सीएमएस डॉ. इंदुकांत को जानकारी दी गई।
इसके बाद सीएमएस डॉ. अमित वार्ष्णेय को सूचित किया गया। अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा तो आवास का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी प्रयास के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो कमरों में कोई नहीं मिला, लेकिन बाथरूम अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर डॉ. गणेश यादव का शव फर्श पर पड़ा मिला। उनके शरीर पर कपड़े नहीं थे। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वह नहाने गए थे, तभी अचानक तबीयत बिगड़ गई।
बताया जाता है कि डॉ. गणेश यादव हार्ट पेशेंट थे और उन्हें पहले भी दो बार दिल का दौरा पड़ चुका था। शहर कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि डॉक्टर की पोस्टमार्टम में उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक ही सामने आया है।
मां और बहन अपने साथ ले गईं शव
डॉ. गणेश यादव का परिवार मुरादाबाद के इंदिरा आवास सोसाइटी मिलन विहार में रहता है। दोपहर बाद उनकी मां मिथिलेश, बहन धनधेश, सोनी समेत अन्य परिजन बदायूं पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान परिवार के लोग बदहवास नजर आए और अस्पताल परिसर में माहौल गमगीन हो गया। मां, बहन समेत आए अन्य परिजन अपने साथ शव ले गए। परिवार में पत्नी कविता, 15 वर्षीय बेटी और 10 वर्षीय बेटा शामिल हैं।
जिला अस्पताल के स्टाफ में शोक की लहर
डॉ. गणेश यादव की अचानक मौत की खबर से जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों ने उन्हें एक मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक बताया। उनके निधन से स्वास्थ्य विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा और कर्मचारी स्तब्ध नजर आए। डॉक्टरों और स्टाफ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थिति को देखते हुए अस्पताल में अवकाश भी घोषित कर दिया गया।
जुलाई 2023 से दे रहे थे सेवाएं, मरीजों के बीच लोकप्रिय थे
डॉ. गणेश यादव जुलाई 2023 से जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे और ओपीडी सहित अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। सहकर्मियों के अनुसार वह हमेशा प्रसन्नचित्त रहते थे और मरीजों के साथ बेहद संवेदनशील व्यवहार करते थे। उनकी कार्यशैली और सरल स्वभाव के कारण वह मरीजों और स्टाफ के बीच काफी लोकप्रिय थे। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाया और मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया।
सुबह में डॉ. इंदुकांत का फोन आया था। उन्होंने बताया कि डॉ. गणेश का फोन उठा नहीं रहा है। उनके परिजन परेशान हो रहे हैं। मेरे समेत मौके पर मौजूद स्टाफ डॉ. गणेश के सरकारी आवास पर गए तो गेट बंद था। ऐसे में पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर उनके शव को बाहर निकाला गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक से मौत होना आया है। -डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस जिला अस्पताल
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मूल रूप से मैनपुरी जिले के रिठेरा गांव निवासी डॉ. गणेश यादव जुलाई 2023 से जिला अस्पताल में तैनात थे। उन्होंने अपने परिवार को मुरादाबाद के इंदिरा आवास सोसाइटी, मिलन विहार में शिफ्ट कर रखा था, जबकि वह स्वयं बदायूं में सरकारी आवास में रहते थे। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार सुबह लगातार कॉल करने के बावजूद जब उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की तो सुबह करीब 10:30 बजे जिला महिला अस्पताल के पूर्व सीएमएस डॉ. इंदुकांत को जानकारी दी गई।
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इसके बाद सीएमएस डॉ. अमित वार्ष्णेय को सूचित किया गया। अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा तो आवास का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी प्रयास के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो कमरों में कोई नहीं मिला, लेकिन बाथरूम अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर डॉ. गणेश यादव का शव फर्श पर पड़ा मिला। उनके शरीर पर कपड़े नहीं थे। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वह नहाने गए थे, तभी अचानक तबीयत बिगड़ गई।
बताया जाता है कि डॉ. गणेश यादव हार्ट पेशेंट थे और उन्हें पहले भी दो बार दिल का दौरा पड़ चुका था। शहर कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि डॉक्टर की पोस्टमार्टम में उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक ही सामने आया है।
मां और बहन अपने साथ ले गईं शव
डॉ. गणेश यादव का परिवार मुरादाबाद के इंदिरा आवास सोसाइटी मिलन विहार में रहता है। दोपहर बाद उनकी मां मिथिलेश, बहन धनधेश, सोनी समेत अन्य परिजन बदायूं पहुंचे। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान परिवार के लोग बदहवास नजर आए और अस्पताल परिसर में माहौल गमगीन हो गया। मां, बहन समेत आए अन्य परिजन अपने साथ शव ले गए। परिवार में पत्नी कविता, 15 वर्षीय बेटी और 10 वर्षीय बेटा शामिल हैं।
जिला अस्पताल के स्टाफ में शोक की लहर
डॉ. गणेश यादव की अचानक मौत की खबर से जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों ने उन्हें एक मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक बताया। उनके निधन से स्वास्थ्य विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा और कर्मचारी स्तब्ध नजर आए। डॉक्टरों और स्टाफ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थिति को देखते हुए अस्पताल में अवकाश भी घोषित कर दिया गया।
जुलाई 2023 से दे रहे थे सेवाएं, मरीजों के बीच लोकप्रिय थे
डॉ. गणेश यादव जुलाई 2023 से जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे और ओपीडी सहित अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। सहकर्मियों के अनुसार वह हमेशा प्रसन्नचित्त रहते थे और मरीजों के साथ बेहद संवेदनशील व्यवहार करते थे। उनकी कार्यशैली और सरल स्वभाव के कारण वह मरीजों और स्टाफ के बीच काफी लोकप्रिय थे। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाया और मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया।
सुबह में डॉ. इंदुकांत का फोन आया था। उन्होंने बताया कि डॉ. गणेश का फोन उठा नहीं रहा है। उनके परिजन परेशान हो रहे हैं। मेरे समेत मौके पर मौजूद स्टाफ डॉ. गणेश के सरकारी आवास पर गए तो गेट बंद था। ऐसे में पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर उनके शव को बाहर निकाला गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हार्टअटैक से मौत होना आया है। -डॉ. अमित वार्ष्णेय, सीएमएस जिला अस्पताल

जिला अस्पताल में पहुंची डॉक्टर की मां मिथलेश। स्रोत पुलिस

जिला अस्पताल में पहुंची डॉक्टर की मां मिथलेश। स्रोत पुलिस

जिला अस्पताल में पहुंची डॉक्टर की मां मिथलेश। स्रोत पुलिस