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Budaun News: फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैनामा करने में महिला समेत छह लोगों पर रिपोर्ट
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उझानी। फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्लॉट का बैनामा करने के आरोप में पुलिस ने महिला और प्रलेखक मुंशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में से एक ने रकम लौटाने का भरोसा दिलाया था। बाद में वह भी मुकर गया।
बैनामा करने का मामला दिसंबर- 2024 का है। बदायूं की जिला पंचायत कॉलोनी निवासी निवासी शीतल पुत्री जगत सिंह की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि उझानी स्थित प्लॉट का बैनामा किए जाने से करीब 15 दिन पहले विक्की उर्फ विक्रम सिंह राठौर और गौतमपुरी निवासी प्रवेश भारती उनके पिता के पास पहुंचे।
प्रवेंद्र ने दिल्ली हाईवे स्थित बाइपास पर 106.48 वर्गगज का प्लॉट बताकर उसे बेचने का सौदा किया। शीतल और उनके पिता दोनों को पहले से जानते थे, इसलिए प्लॉट की बात पक्की कर दी गई। प्रवेंद्र, उसके भाई आकाश और विशाल समेत उसकी मां माला देवी ने भी होटल में वार्ता के दौरान प्लॉट आपसी सहमति से बेचे जाने का विश्वास दिलाया था।
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चेक से 15 लाख रुपये भी दिए। इसी के साथ आरोपियों ने बैनामा कर दिया। प्लॉट खसरा नंबर- 236, 237 में दर्शाया गया, लेकिन बैनामा प्रलेखक मुंशी चेतन ने किस खसरा नंबर में कितनी भूमि है, इसका जिक्र नहीं किया। प्लॉट का दाखिल-खारिज भी नहीं हो पाया। शीतल के पिता कोर्ट में स्टेनो हैं, उन्होंने प्रलेखक मुंशी से संपर्क साधा।
आरोप है कि मुंशी ने दाखिल-खारिज कराने के नाम पर शीतल और उनके पिता से दो बार में 3.5 लाख रुपये और ले लिए। शक होने पर शीतल और उनके पिता ने आरोपियों के बारे में जानकारी की तो पता लगा कि वह ऐसे ही लोगों को ठगते रहते हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर शीतल के नाम बैनामा किया गया। प्रवेंद्र के पिता स्व. छत्रपाल जीवित रहते इसी प्लॉट का बैनामा जुलाई- 2002 में रामचंद्र के नाम और रामचंद्र उसी साल नवंबर में इस प्लॉट को छोटेलाल को बेच चुके हैं।
फरवरी में मामला कोतवाली पुलिस के संज्ञान में पहुंचा तो आरोपियों में प्रवेंद्र के भाई आकाश ने रुपये लौटाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद भी रुपये नहीं लौटाए। इसके बाद शीतल ने सीओ सिटी से शिकायत की। आरोप है कि बेइमानी की नीयत से शीतल और उनके पिता के साथ धोखाधड़ी की गई।
सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद प्रवेंद्र, उसके भाई आकाश और विशाल, मां माला देवी, चेतन और विक्की के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने का आरोप
- कोर्ट के आदेश पर चार के खिलाफ केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। अलापुर थाना क्षेत्र में पारिवारिक संपत्ति पर कब्जे और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का बैनामा कराने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
अलापुर कस्बा निवासी भूदेव ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पैतृक संपत्ति को लेकर उसके चाचा प्रकाश चंद्र के साथ विवाद चल रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने प्रकाश चंद्र को गुमराह कर विवादित भूमि के संबंध में फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और करीब 15 लाख रुपये में बैनामा करा दिया।
आरोप है कि बैनामे की रकम भी वास्तविक मालिक को नहीं दी गई, बल्कि आपस में बांट ली गई। आरोप है कि 10 अप्रैल 2026 की रात आरोपी अन्य लोगों के साथ उसके घर में जबरन घुस आए। उन्होंने मकान खाली करने का दबाव बनाया, सामान फेंकने लगे और विरोध करने पर मारपीट की। शोर सुनकर परिजन पहुंचने पर आरोपी जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए भाग गए।
न्यायालय के आदेश पर अलापुर थाना पुलिस ने ओम सिंह, मनोज कुमार गुप्ता, प्रशांत गुप्ता और एक अज्ञात के साथ चार के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीओ दातागंज अशेष नाथ सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। जांच करवा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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बैनामा करने का मामला दिसंबर- 2024 का है। बदायूं की जिला पंचायत कॉलोनी निवासी निवासी शीतल पुत्री जगत सिंह की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि उझानी स्थित प्लॉट का बैनामा किए जाने से करीब 15 दिन पहले विक्की उर्फ विक्रम सिंह राठौर और गौतमपुरी निवासी प्रवेश भारती उनके पिता के पास पहुंचे।
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प्रवेंद्र ने दिल्ली हाईवे स्थित बाइपास पर 106.48 वर्गगज का प्लॉट बताकर उसे बेचने का सौदा किया। शीतल और उनके पिता दोनों को पहले से जानते थे, इसलिए प्लॉट की बात पक्की कर दी गई। प्रवेंद्र, उसके भाई आकाश और विशाल समेत उसकी मां माला देवी ने भी होटल में वार्ता के दौरान प्लॉट आपसी सहमति से बेचे जाने का विश्वास दिलाया था।
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चेक से 15 लाख रुपये भी दिए। इसी के साथ आरोपियों ने बैनामा कर दिया। प्लॉट खसरा नंबर- 236, 237 में दर्शाया गया, लेकिन बैनामा प्रलेखक मुंशी चेतन ने किस खसरा नंबर में कितनी भूमि है, इसका जिक्र नहीं किया। प्लॉट का दाखिल-खारिज भी नहीं हो पाया। शीतल के पिता कोर्ट में स्टेनो हैं, उन्होंने प्रलेखक मुंशी से संपर्क साधा।
आरोप है कि मुंशी ने दाखिल-खारिज कराने के नाम पर शीतल और उनके पिता से दो बार में 3.5 लाख रुपये और ले लिए। शक होने पर शीतल और उनके पिता ने आरोपियों के बारे में जानकारी की तो पता लगा कि वह ऐसे ही लोगों को ठगते रहते हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर शीतल के नाम बैनामा किया गया। प्रवेंद्र के पिता स्व. छत्रपाल जीवित रहते इसी प्लॉट का बैनामा जुलाई- 2002 में रामचंद्र के नाम और रामचंद्र उसी साल नवंबर में इस प्लॉट को छोटेलाल को बेच चुके हैं।
फरवरी में मामला कोतवाली पुलिस के संज्ञान में पहुंचा तो आरोपियों में प्रवेंद्र के भाई आकाश ने रुपये लौटाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद भी रुपये नहीं लौटाए। इसके बाद शीतल ने सीओ सिटी से शिकायत की। आरोप है कि बेइमानी की नीयत से शीतल और उनके पिता के साथ धोखाधड़ी की गई।
सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद प्रवेंद्र, उसके भाई आकाश और विशाल, मां माला देवी, चेतन और विक्की के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने का आरोप
- कोर्ट के आदेश पर चार के खिलाफ केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। अलापुर थाना क्षेत्र में पारिवारिक संपत्ति पर कब्जे और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का बैनामा कराने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
अलापुर कस्बा निवासी भूदेव ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि पैतृक संपत्ति को लेकर उसके चाचा प्रकाश चंद्र के साथ विवाद चल रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने प्रकाश चंद्र को गुमराह कर विवादित भूमि के संबंध में फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और करीब 15 लाख रुपये में बैनामा करा दिया।
आरोप है कि बैनामे की रकम भी वास्तविक मालिक को नहीं दी गई, बल्कि आपस में बांट ली गई। आरोप है कि 10 अप्रैल 2026 की रात आरोपी अन्य लोगों के साथ उसके घर में जबरन घुस आए। उन्होंने मकान खाली करने का दबाव बनाया, सामान फेंकने लगे और विरोध करने पर मारपीट की। शोर सुनकर परिजन पहुंचने पर आरोपी जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए भाग गए।
न्यायालय के आदेश पर अलापुर थाना पुलिस ने ओम सिंह, मनोज कुमार गुप्ता, प्रशांत गुप्ता और एक अज्ञात के साथ चार के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीओ दातागंज अशेष नाथ सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। जांच करवा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।