{"_id":"6a6e50d8dbb02ea87709fbea","slug":"crowds-of-kanwariyas-on-the-highway-no-measures-in-place-to-protect-against-stray-cattle-and-bulls-badaun-news-c-123-1-sbly1001-169835-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़, गोवंशों और सांड़ों से बचाव के इंतजाम नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़, गोवंशों और सांड़ों से बचाव के इंतजाम नहीं
विज्ञापन
बदायूं अलापुर मार्ग पड़ौआ के पास सड़क पर घूमते संरक्षित गोवंश। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही बरेली-बदायूं हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़ बढ़ गई है। बावजूद इसके हाईवे पर कांवड़ लेकर पैदल जाने और वाहनों से जा रहे कांवड़ियों को संरक्षित गोवंशों और सांड़ों से बचाने के इंतजाम नहीं किए गए हैं। कछला-बदायूं मुख्य मार्ग पर सड़क पर बैठे सांड़ों के बीच से होकर भोले के भक्त गुजर रहे हैं। पशु पालन विभाग के अनुसार, करीब एक हजार गोवंश निराश्रित हैं, जो सड़कों पर घूम रहे हैं।
कांवड़ मार्गों पर कांवड़ियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव से लेकर कमिश्नर आदि अफसरों ने गोवंशों और सांड़ को पकड़कर कांवड़ मार्गों से दूर संरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके जिले के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर सांड़ और गोवंशों को पकड़ने के लिए वृहद स्तर पर अभियान नहीं चलाया गया।
जिले में सबसे अधिक खराब स्थिति कछला से बदायूं, करीब 30 किलोमीटर तक के मुख्य कांवड़ मार्ग की है। प्रतिदिन सैकड़ों कांवड़िये इसी रास्ते से गुजरते हैं। कई स्थानों पर संरक्षित गोवंश सड़क के बीचोंबीच बैठकर यातायात बाधित कर रहे हैं, जिससे कांवड़ियों और अन्य वाहन चालकों के सामने हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके अलावा बदायूं शहर में कई स्थानों पर गोवंश खतरा बने हुए हैं। पशु पालन विभाग के मुताबिक, कछला, उझानी, बदायूं, उसावां आदि कांवड़ मार्गों पर सैकड़ाें की संख्या में सांड़ और गोवंश डेरा जमाए हैं। इससे हादसे की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन
कई जगहाें पर सांड़ लड़ते और छुट्टा पशु बैठे मिले
शनिवार सुबह कछला से उझानी के बीच में बितरोई मोड़ के पास कई सांड़ आपस में लड़ते मिले, जिससे वहां पर यातायात कुछ देर के लिए ठहर गया। वहां पर अफरातफरी की स्थिति बन गई थी। बुटला बोर्ड के पास काफी गोवंश बैठे मिले। उझानी बाइपास, नौशेरा पर भी संरक्षित पशु बैठे मिले। इससे कांवड़िया और राहगीरों को काफी दिक्कत महसूस हुई।
बारिश में फिसलन का बढ़ा खतरा
सड़क के बीच बैठे गोवंशों के कारण दोपहिया वाहन चालक, कांवड़िया और चार पहिया वाहन चालक जोखिम उठाकर गुजर रहे हैं। बारिश के मौसम में फिसलन के कारण खतरा और बढ़ गया। लोगों ने प्रशासन से तत्काल विशेष अभियान चलाकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
सभी बीडीओ और सभी ईओ को मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर गोवंशों को संरक्षित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पशुपालन विभाग की सहायता से जगह-जगह गोवंशों को संरक्षित किया जा रहा है। - डॉ. पूरन चंद्र, प्रभारी जिला मुख्य चिकित्साधिकारी
जिले में लगातार छुट्टा गोवंशों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सीवीओ को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान में तेजी लाएं, जिन रास्तों से कांवड़ जाएंगी, उन रास्तों पर छुट्टा गोवंश दिखाई नहीं देने चाहिए। उन्हें गोशालाओं में पकड़कर रखने को निर्देशित किया गया है। - अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन, नोडल अधिकारी कांवड़ यात्रा
विज्ञापन
कांवड़ मार्गों पर कांवड़ियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव से लेकर कमिश्नर आदि अफसरों ने गोवंशों और सांड़ को पकड़कर कांवड़ मार्गों से दूर संरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके जिले के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर सांड़ और गोवंशों को पकड़ने के लिए वृहद स्तर पर अभियान नहीं चलाया गया।
विज्ञापन
जिले में सबसे अधिक खराब स्थिति कछला से बदायूं, करीब 30 किलोमीटर तक के मुख्य कांवड़ मार्ग की है। प्रतिदिन सैकड़ों कांवड़िये इसी रास्ते से गुजरते हैं। कई स्थानों पर संरक्षित गोवंश सड़क के बीचोंबीच बैठकर यातायात बाधित कर रहे हैं, जिससे कांवड़ियों और अन्य वाहन चालकों के सामने हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके अलावा बदायूं शहर में कई स्थानों पर गोवंश खतरा बने हुए हैं। पशु पालन विभाग के मुताबिक, कछला, उझानी, बदायूं, उसावां आदि कांवड़ मार्गों पर सैकड़ाें की संख्या में सांड़ और गोवंश डेरा जमाए हैं। इससे हादसे की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन
कई जगहाें पर सांड़ लड़ते और छुट्टा पशु बैठे मिले
शनिवार सुबह कछला से उझानी के बीच में बितरोई मोड़ के पास कई सांड़ आपस में लड़ते मिले, जिससे वहां पर यातायात कुछ देर के लिए ठहर गया। वहां पर अफरातफरी की स्थिति बन गई थी। बुटला बोर्ड के पास काफी गोवंश बैठे मिले। उझानी बाइपास, नौशेरा पर भी संरक्षित पशु बैठे मिले। इससे कांवड़िया और राहगीरों को काफी दिक्कत महसूस हुई।
बारिश में फिसलन का बढ़ा खतरा
सड़क के बीच बैठे गोवंशों के कारण दोपहिया वाहन चालक, कांवड़िया और चार पहिया वाहन चालक जोखिम उठाकर गुजर रहे हैं। बारिश के मौसम में फिसलन के कारण खतरा और बढ़ गया। लोगों ने प्रशासन से तत्काल विशेष अभियान चलाकर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
सभी बीडीओ और सभी ईओ को मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर गोवंशों को संरक्षित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पशुपालन विभाग की सहायता से जगह-जगह गोवंशों को संरक्षित किया जा रहा है। - डॉ. पूरन चंद्र, प्रभारी जिला मुख्य चिकित्साधिकारी
जिले में लगातार छुट्टा गोवंशों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सीवीओ को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान में तेजी लाएं, जिन रास्तों से कांवड़ जाएंगी, उन रास्तों पर छुट्टा गोवंश दिखाई नहीं देने चाहिए। उन्हें गोशालाओं में पकड़कर रखने को निर्देशित किया गया है। - अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन, नोडल अधिकारी कांवड़ यात्रा

बदायूं अलापुर मार्ग पड़ौआ के पास सड़क पर घूमते संरक्षित गोवंश। संवाद