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Budaun News: लोड होने को आई मालगाड़ी, मक्का लदे ट्रक मंडियों में खड़े, देरी पर पड़ेगा जुर्माना
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उझानी रैक प्वाइंट पर मक्का लोडिंग के इंतजार में खड़ी मालगाड़ी। संवाद
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उझानी। कांवड़ यात्रा के दौरान रैक प्वाइंट पर मक्का लोडिंग के लिए शनिवार शाम आई मालगाड़ी ने गल्ला व्यापारियों को परेशानी में डाल दिया। रुट डायवर्जन के चलते जिले की मंडियों और व्यापारियों के गोदाम परिसरों में खड़े मक्का लदे वाहन रैक प्वाइंट तक नहीं पहुंच सकते। ऐसे में अगर सोमवार शाम से मालगाड़ी में लोडिंग शुरू नहीं हुई तो व्यापारियों को लाखों रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।
गल्ला व्यापारी स्टेशन के वाणिज्य अधीक्षक केपी सिंह से भी मिले। उन्हें अपनी दिक्कतों से अवगत कराया। व्यापारी अमित अग्रवाल आयुष बंसल और अमित मित्तल ने बताया कि मालगाड़ी लोडिंग के लिए उन्हें नौ घंटे का फ्री टाइम मिलता है, जबकि इन दिनों शनिवार से सोमवार तक बरेली-मथुरा हाईवे पर रूट डायवर्जन लागू है। ऐसे में स्थानीय मंडी समिति जिले की अन्य मंडियों और गोदामों से मक्का लदे ट्रक रेलवे के रैक प्वाइंट तक नहीं पहुंच सकते। मंडियों और गोदामों में खड़े मक्का लदे ट्रकों को उनके चालक हादसा होने की आशंका की वजह से रैक प्वाइंट पर आने से इंकार कर रहे हैं।
गल्ला व्यापारी अमित वार्ष्णेय ने बताया कि शनिवार से सोमवार शाम तक रैक लोड कराया जाना बहुत मुश्किल है। ऐसे में अगर सोमवार रात में रैक लोड कराके मंगलवार सुबह तक उसे तय स्थान पर भेजा जाता है तो व्यापारियों को फ्री टाइम के बाद रेलवे को प्रति घंटा करीब सात हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। मालगाड़ी 48 घंटे लेट हुई तो व्यापारियों को 3.36 लाख का नुकसान होगा।
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डीएम के संज्ञान में भी पहुंचाया मामला
रूट डायवर्जन के दौरान रैक प्वाइंट पर मालगाड़ी की लोडिंग में होने वाली दिक्कतों को लेकर व्यापारियों ने अपने पैरोकारों के जरिये डीएम को भी हकीकत से अवगत करा दिया है। व्यापारियों में अतुल जिंदल ने बताया कि डीएम से कार्रवाई के लिए गुहार लगाई है। रूट डायवर्जन में बदायूं, बिल्सी, दातागंज, कासगंज और सहसवान आदि से मक्का लदे भारी वाहन उझानी स्थित रैक प्वाइंट तक नहीं आ सकते।
मंडी सचिव की ओर से जारी पत्र प्राप्त हो चुका है। रेलवे के अधिकारियों को भी व्यापारियों की मांग से अवगत कराया गया है। डिमांड के बाद रेलवे प्रशासन मालगाड़ी भेजता है। रैक प्वाइंट को खाली भी नहीं रखा जा सकता। रही बाद रूट डायवर्जन की तो अफसर भी हकीकत से वाकिफ हैं। - केपी सिंह, वाणिज्य अधीक्षक
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गल्ला व्यापारी स्टेशन के वाणिज्य अधीक्षक केपी सिंह से भी मिले। उन्हें अपनी दिक्कतों से अवगत कराया। व्यापारी अमित अग्रवाल आयुष बंसल और अमित मित्तल ने बताया कि मालगाड़ी लोडिंग के लिए उन्हें नौ घंटे का फ्री टाइम मिलता है, जबकि इन दिनों शनिवार से सोमवार तक बरेली-मथुरा हाईवे पर रूट डायवर्जन लागू है। ऐसे में स्थानीय मंडी समिति जिले की अन्य मंडियों और गोदामों से मक्का लदे ट्रक रेलवे के रैक प्वाइंट तक नहीं पहुंच सकते। मंडियों और गोदामों में खड़े मक्का लदे ट्रकों को उनके चालक हादसा होने की आशंका की वजह से रैक प्वाइंट पर आने से इंकार कर रहे हैं।
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गल्ला व्यापारी अमित वार्ष्णेय ने बताया कि शनिवार से सोमवार शाम तक रैक लोड कराया जाना बहुत मुश्किल है। ऐसे में अगर सोमवार रात में रैक लोड कराके मंगलवार सुबह तक उसे तय स्थान पर भेजा जाता है तो व्यापारियों को फ्री टाइम के बाद रेलवे को प्रति घंटा करीब सात हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। मालगाड़ी 48 घंटे लेट हुई तो व्यापारियों को 3.36 लाख का नुकसान होगा।
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डीएम के संज्ञान में भी पहुंचाया मामला
रूट डायवर्जन के दौरान रैक प्वाइंट पर मालगाड़ी की लोडिंग में होने वाली दिक्कतों को लेकर व्यापारियों ने अपने पैरोकारों के जरिये डीएम को भी हकीकत से अवगत करा दिया है। व्यापारियों में अतुल जिंदल ने बताया कि डीएम से कार्रवाई के लिए गुहार लगाई है। रूट डायवर्जन में बदायूं, बिल्सी, दातागंज, कासगंज और सहसवान आदि से मक्का लदे भारी वाहन उझानी स्थित रैक प्वाइंट तक नहीं आ सकते।
मंडी सचिव की ओर से जारी पत्र प्राप्त हो चुका है। रेलवे के अधिकारियों को भी व्यापारियों की मांग से अवगत कराया गया है। डिमांड के बाद रेलवे प्रशासन मालगाड़ी भेजता है। रैक प्वाइंट को खाली भी नहीं रखा जा सकता। रही बाद रूट डायवर्जन की तो अफसर भी हकीकत से वाकिफ हैं। - केपी सिंह, वाणिज्य अधीक्षक