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Budaun News: 50 हजार के इनामी साजिशकर्ता केशव और चंद्रशेखर का सरेंडर
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पुलिस हिरासत में आरोपी केशव व चंद्रशेखर। स्रोत- सोशल मीडिया
- फोटो : 1
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बदायूं। मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी स्थित एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में बीती 12 मार्च को दो अधिकारियों की हत्या से जुड़े मामले में 50 हजार रुपये के इनामी साजिशकर्ता केशव सिंह और उसके सगे भाई चंद्रशेखर उर्फ नन्हें ने बुधवार को नाटकीय घटनाक्रम के बीच न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्या अरुण की अदालत में सरेंडर कर दिया। सरेंडर की भनक पुलिस को देर से लगी, जिसके चलते कुछ देर के लिए कोर्ट परिसर के बाहर अफरातफरी का माहौल बन गया। अदालत में आत्मसमर्पण के बाद दोनों आरोपियों का पुलिस लाइन स्थित जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद न्यायालय ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के अरैला मोहल्ला वार्ड-4 निवासी राहुल मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 4 दिसंबर 2025 को जब वह एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में कार्यरत था, तभी अजय प्रताप सिंह, केशव सिंह, चंद्रशेखर उर्फ नन्हें, शिवम प्रताप सिंह और अभय प्रताप सिंह ने मिलकर उस पर हमला बोल दिया। आरोप है कि सभी ने उसे घेरकर लाठी-डंडों और अन्य साधनों से पीटा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित के अनुसार, जब उसने घटना की शिकायत पुलिस से करने की बात कही तो आरोपियों ने उसे घेरकर जान से मारने की धमकी दी। घटना के तुरंत बाद मूसाझाग थाने में शिकायत दी गई, लेकिन उस समय केस दर्ज नहीं किया गया। बाद में जब एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या का मामला सामने आया, तब पुलिस ने पुराने प्रकरण को भी गंभीरता से लेते हुए इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की।
इस मामले में दोनों भाइयों ने किया सरेंडर
यह मामला एचपीसीएल प्लांट के कर्मचारी के साथ मारपीट और जानलेवा हमले से जुड़ा है, जिसमें इन दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई थी। इस प्रकरण में पहले से ही अजय प्रताप सिंह, अभय प्रताप सिंह सहित उसके पांचों भाइयों के खिलाफ मूसाझाग थाने में 25 मार्च को केस दर्ज किया जा चुका है।
बोले आरोपी- हमारे साथ अन्याय हुआ
कोर्ट में सरेंडर करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का पुलिस लाइन स्थित अस्पताल में मेडिकल कराया इसके बाद उनको पैदल ही चंद कदम दूर जेल ले जाया गया। जेल गेट पर मीडिया के सवालों पर केशव ने कहा- इस मामले के बारे में हमारे वकील ही बताएंगे। वहीं चंद्रशेखर ने कहा कि अन्याय हुआ है। इसके बाद केशव ने उसे चुप रहने का इशारा किया और दोनों को जेल भेज दिया गया।
जेल पहुंचे तीन सगे भाई, पिता व मां पर भी तलवार लटकी
इस मामले में मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह उसके सगे भाई केशव व चंद्रशेखर अब जेल पहुंच चुके है। जबकि इनके पिता राजेश सिंह व मां किरन देवी पर भी विभिन्न आरोपों में केस दर्ज है। ऐसे में अब मां व पिता को भी जेल जाने का खतरा बना हुआ है। इस घटना ने इस पूरे परिवार को सलाखों तक ला दिया है।
सरेंडर के दौरान पुलिस की चूक, हमशक्ल युवकों को पकड़ा
बुधवार को दोपहर करीब एक बजे दोनों आरोपियों के कोर्ट में सरेंडर करने की सूचना पुलिस को समय पर नहीं मिल सकी। जैसे ही सूचना मिली, पुलिस टीम कोर्ट परिसर पहुंची और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने उनके हुलिए से मिलते-जुलते दो युवकों को संदिग्ध समझकर पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने उन युवकों को कोर्ट गेट के बाहर से दौड़ाते हुए महाराणा प्रताप चौक तक ले जाकर जीप में बैठा लिया। हालांकि बाद में जब उनकी पहचान स्पष्ट हुई और वे निर्दोष निकले, तो पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम के चलते कोर्ट परिसर के आसपास कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और भ्रम की स्थिति बनी रही।
जमानत पर पुलिस की सख्त आपत्ति, नहीं मिली राहत
सरेंडर के साथ ही दोनों आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी भी न्यायालय में दाखिल की गई, लेकिन पुलिस ने इसका कड़ा विरोध किया। पुलिस का तर्क था कि आरोपी गंभीर अपराधों में शामिल हैं और उनकी रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है। अदालत ने पुलिस की आपत्ति को संज्ञान में लेते हुए तत्काल जमानत पर कोई राहत नहीं दी और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
केशव को हत्याकांड में अहम कड़ी मान रही पुलिस
पुलिस अब 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी केशव सिंह को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। पुलिस का मानना है कि केशव हत्याकांड का अहम साजिशकर्ता है और उससे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि दोनों आरोपियों ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया है। उनकी जमानत अर्जी पर पुलिस ने आपत्ति दर्ज कराई है। केशव सिंह को रिमांड पर लेने के लिए सीजेएम कोर्ट में आवेदन किया जा रहा है। रिमांड मिलने के बाद उससे एचपीसीएल हत्याकांड समेत अन्य संबंधित मामलों में पूछताछ की जाएगी।
हत्याकांड से जुड़े आरोपियों पर पुलिस की नजर, आगे और हो सकते हैं खुलासे
बता दें कि एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के बाद से ही यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश और साक्ष्य जुटाने में लगी है। केशव सिंह और उसके भाई के सरेंडर को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से पूरे घटनाक्रम की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा हो सकता है, जिससे मामले की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
अभय व केशव बने 50-50 हजार के इनामी शातिर अपराधी
डबल मर्डर केस में वांछित आरोपियों अभय प्रताप उर्फ कल्लू और केशव उर्फ मिचकू के खिलाफ बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी अजय साहनी के द्वारा 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। इसके पहले इन दोनों के खिलाफ 25-25 हजार का इनाम एसएसपी अंकिता शर्मा ने घोषित किया था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं और गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के अभ्यस्त हैं। बता दें कि आरोपी अभय व केशव की गिरफ्तारी के लिए 2 अप्रैल को पहले 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी नहीं होने पर 7 अप्रैल को पुलिस उपमहानिरीक्षक, बरेली परिक्षेत्र ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी थी। इनाम की राशि बढ़ने और लगातार दबाव के चलते आरोपी केशव ने गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से 8 अप्रैल को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
कोर्ट ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इस मामले में दूसरे वांछित आरोपी अभय प्रताप की तलाश जारी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रहीं हैं। आरोपी केशव को भी पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। - अंकिता शर्मा, एसएसपी
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दातागंज कोतवाली क्षेत्र के अरैला मोहल्ला वार्ड-4 निवासी राहुल मिश्रा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 4 दिसंबर 2025 को जब वह एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में कार्यरत था, तभी अजय प्रताप सिंह, केशव सिंह, चंद्रशेखर उर्फ नन्हें, शिवम प्रताप सिंह और अभय प्रताप सिंह ने मिलकर उस पर हमला बोल दिया। आरोप है कि सभी ने उसे घेरकर लाठी-डंडों और अन्य साधनों से पीटा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं।
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पीड़ित के अनुसार, जब उसने घटना की शिकायत पुलिस से करने की बात कही तो आरोपियों ने उसे घेरकर जान से मारने की धमकी दी। घटना के तुरंत बाद मूसाझाग थाने में शिकायत दी गई, लेकिन उस समय केस दर्ज नहीं किया गया। बाद में जब एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या का मामला सामने आया, तब पुलिस ने पुराने प्रकरण को भी गंभीरता से लेते हुए इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की।
इस मामले में दोनों भाइयों ने किया सरेंडर
यह मामला एचपीसीएल प्लांट के कर्मचारी के साथ मारपीट और जानलेवा हमले से जुड़ा है, जिसमें इन दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई थी। इस प्रकरण में पहले से ही अजय प्रताप सिंह, अभय प्रताप सिंह सहित उसके पांचों भाइयों के खिलाफ मूसाझाग थाने में 25 मार्च को केस दर्ज किया जा चुका है।
बोले आरोपी- हमारे साथ अन्याय हुआ
कोर्ट में सरेंडर करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का पुलिस लाइन स्थित अस्पताल में मेडिकल कराया इसके बाद उनको पैदल ही चंद कदम दूर जेल ले जाया गया। जेल गेट पर मीडिया के सवालों पर केशव ने कहा- इस मामले के बारे में हमारे वकील ही बताएंगे। वहीं चंद्रशेखर ने कहा कि अन्याय हुआ है। इसके बाद केशव ने उसे चुप रहने का इशारा किया और दोनों को जेल भेज दिया गया।
जेल पहुंचे तीन सगे भाई, पिता व मां पर भी तलवार लटकी
इस मामले में मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह उसके सगे भाई केशव व चंद्रशेखर अब जेल पहुंच चुके है। जबकि इनके पिता राजेश सिंह व मां किरन देवी पर भी विभिन्न आरोपों में केस दर्ज है। ऐसे में अब मां व पिता को भी जेल जाने का खतरा बना हुआ है। इस घटना ने इस पूरे परिवार को सलाखों तक ला दिया है।
सरेंडर के दौरान पुलिस की चूक, हमशक्ल युवकों को पकड़ा
बुधवार को दोपहर करीब एक बजे दोनों आरोपियों के कोर्ट में सरेंडर करने की सूचना पुलिस को समय पर नहीं मिल सकी। जैसे ही सूचना मिली, पुलिस टीम कोर्ट परिसर पहुंची और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने उनके हुलिए से मिलते-जुलते दो युवकों को संदिग्ध समझकर पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने उन युवकों को कोर्ट गेट के बाहर से दौड़ाते हुए महाराणा प्रताप चौक तक ले जाकर जीप में बैठा लिया। हालांकि बाद में जब उनकी पहचान स्पष्ट हुई और वे निर्दोष निकले, तो पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम के चलते कोर्ट परिसर के आसपास कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और भ्रम की स्थिति बनी रही।
जमानत पर पुलिस की सख्त आपत्ति, नहीं मिली राहत
सरेंडर के साथ ही दोनों आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी भी न्यायालय में दाखिल की गई, लेकिन पुलिस ने इसका कड़ा विरोध किया। पुलिस का तर्क था कि आरोपी गंभीर अपराधों में शामिल हैं और उनकी रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है। अदालत ने पुलिस की आपत्ति को संज्ञान में लेते हुए तत्काल जमानत पर कोई राहत नहीं दी और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
केशव को हत्याकांड में अहम कड़ी मान रही पुलिस
पुलिस अब 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी केशव सिंह को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। पुलिस का मानना है कि केशव हत्याकांड का अहम साजिशकर्ता है और उससे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि दोनों आरोपियों ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया है। उनकी जमानत अर्जी पर पुलिस ने आपत्ति दर्ज कराई है। केशव सिंह को रिमांड पर लेने के लिए सीजेएम कोर्ट में आवेदन किया जा रहा है। रिमांड मिलने के बाद उससे एचपीसीएल हत्याकांड समेत अन्य संबंधित मामलों में पूछताछ की जाएगी।
हत्याकांड से जुड़े आरोपियों पर पुलिस की नजर, आगे और हो सकते हैं खुलासे
बता दें कि एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के बाद से ही यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश और साक्ष्य जुटाने में लगी है। केशव सिंह और उसके भाई के सरेंडर को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से पूरे घटनाक्रम की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा हो सकता है, जिससे मामले की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
अभय व केशव बने 50-50 हजार के इनामी शातिर अपराधी
डबल मर्डर केस में वांछित आरोपियों अभय प्रताप उर्फ कल्लू और केशव उर्फ मिचकू के खिलाफ बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी अजय साहनी के द्वारा 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। इसके पहले इन दोनों के खिलाफ 25-25 हजार का इनाम एसएसपी अंकिता शर्मा ने घोषित किया था। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं और गंभीर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के अभ्यस्त हैं। बता दें कि आरोपी अभय व केशव की गिरफ्तारी के लिए 2 अप्रैल को पहले 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तारी नहीं होने पर 7 अप्रैल को पुलिस उपमहानिरीक्षक, बरेली परिक्षेत्र ने इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी थी। इनाम की राशि बढ़ने और लगातार दबाव के चलते आरोपी केशव ने गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से 8 अप्रैल को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
कोर्ट ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इस मामले में दूसरे वांछित आरोपी अभय प्रताप की तलाश जारी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रहीं हैं। आरोपी केशव को भी पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। - अंकिता शर्मा, एसएसपी