UP: बदायूं के कदमनगला गांव में कटान का कहर, मेंथा प्लांट का भंडार गृह गंगा में समाया, बिगड़ रहे हालात
बदायूं के उसहैत क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित कदमनगला गांव में गंगा की कटान का कहर जारी है। एक मेंथा प्लांट का भंडार गृह भी नदी में समा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मदद नहीं मिल रही है। तीन सौ बीघा से अधिक कृषि भूमि कटान में बह गई है।
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बदायूं के उसहैत क्षेत्र में बाढ़ के लिहाज से अति संवेदनशील कदमनगला गांव में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। गंगा नदी की लहरें तेजी से भू-कटान कर रही हैं। यहां मेंथा प्लांट का भंडार गृह भी गंगा नदी में समा गया। अब सिर्फ उसके अवशेष नजर आ रहे हैं। छप्परनुमा मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
पूर्व में माध्यमिक विद्यालय का भवन गंगा नदी में समा गया था। ग्रामीण 20 दिनों से बाढ़ की मार झेल रहे हैं। हालांकि नदी का जलस्तर नहीं बढ़ा है, लेकिन कटान से तबाही बढ़ती जा रही है। वहीं, मंगलवार को प्रशासन ने गांव में कोई राहत शिविर नहीं लगाया, जबकि गांव में रह रहे ग्रामीणों के साथ पशुओं को भी जांच की जरूरत है।
कदमनगला गांव में देवेंद्र पाल सिंह का मेंथा प्लांट है। उसका भंडार गृह मंगलवार को गंगा नदी में समा गया। जलस्तर बढ़ते ही प्लांट को नुकसान पहुंचने की आशंका है। वहीं, बाढ़ की स्थिति गंभीर देखते हुए ग्रामीणों ने सभी घरों को खाली कर दिया है। घरों में सामान नहीं है लेकिन पशुओं को छोड़कर ग्रामीण कहीं जा नहीं रहे हैं।
प्रशासन की ओर से नहीं मिली राहत
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं मिल रही है और न ही कोई राहत शिविर लगाया गया है। ऐसे में सड़क किनारे खुले में रहना मजबूरी बनती जा रही है। गंगा नदी रोज कटान कर रही है। खेतिहर भूमि गंगा में समाती जा रही है। अब तक तीन सौ बीघा से ज्यादा कृषि भूमि गंगा में समा गई।
ग्रामीण बोले- हमारी पीड़ा कोई नहीं समझ रहा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कोई भी उनकी पीड़ा समझने को तैयार नहीं है। न जनप्रतिनिधि स्थिति देखने आ रहे हैं और न ही प्रशासन सुध ले रहा है। बाढ़ खंड़, प्रशासन के अधिकारी कई बार आए लेकिन गांव को बचाने की कोई पैरवी नहीं हुई है। गांव के लोग दहशत के बीच रहने को मजबूर हैं।