बदायूं में निकली सामूहिक शवयात्रा: एक ही घर से उठीं सास संग दो बहुओं की अर्थियां, एक साथ जली चिता, हर आंख नम
हाईवे पर ट्रैक्टर रेस हादसे में जान गंवाने वाली एक ही परिवार की चार महिलाओं का बृहस्पतिवार को गंगाघाट पर अंतिम संस्कार हुआ। डालचंद्र के घर से तीन अर्थियां एक साथ उठीं।
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हाईवे पर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों की वजह से जान गंवाने वाली एक ही परिवार की चार महिलाओं के शवों का बृहस्पतिवार पूर्वाह्न कछला के गंगाघाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी चिताएं भी आसपास लगाई गईं। दाह संस्कार से पहले डालचंद्र के घर से पत्नी और दो बहुओं की अर्थियां एक साथ उठीं तो पूरा गांव सिहर उठा। नाते-रिश्तेदारों समेत शवयात्रा शामिल महिला-पुरुषों की आंखें भर आईं। भात मांगने की यात्रा से लेकर मौत, शवयात्रा...यहां तक कि उनकी अंतिम विदाई भी साथ हुई।
कछला निवासी डालचंद्र हादसे में घायल होने के कारण अपनी पत्नी राजकुमारी की चिता काे मुखाग्नि भी नहीं दे पाए। उनके घर से बृहस्पतिवार प्रात: करीब 10 बजे पत्नी राजकुमारी के साथ बड़े बेटे वीरपाल की पत्नी गंगाश्री उर्फ सरला और छोटी पुत्रवधू सरला पत्नी भोजराज की अर्थी एक साथ उठी तो परिवार में कोहराम मच गया। नाते- रिश्तेदारों में कोई बच्चों तो कोई उनके मायके पक्ष की महिलाओं को ढाढ़स बंधाते दिखा। घर से घाट तक तीनों अर्थियों पर जिस किसी की भी नजर गई, उसी की आंखें भर आईं।
कमोबेश ऐसा ही माहौल डालचंद्र के घर से करीब 25 मीटर दूर कुनबे ही रामचंद्र के घार आंगन से गृहस्वामिनी प्रेमा देवी की अर्थी के उठते समय नजर आया। प्रेमा की शवयात्रा करीब 15 मिनट बाद शुरू हुई। मोहल्ले के लोगों में कोई डालचंद्र परिवार की महिलाओं की अर्थी के साथ कोई प्रेमा देवी की शवयात्रा में शरीक हुआ। चारों अर्थियों को उनके परिजनों के अलावा नाते-रिश्तेदारों ने भी कांधा दिया।
गंगाघाट पर चारों महिलाओं के शव के दाह संस्कार को चिताएं भी आसपास लगाई गईं। उस वक्त तक गमगीन लोगों की संख्या सैकड़ों में पहुंच गई। राजकुमारी की चिता को बेटों में सबसे छोटे कुमरपाल ने मुखाग्नि दी। गंगाश्री का पति वीरपाल, सरला का पति भोजराज और प्रेमा का दाह संस्कार बड़े बेटे गंगाधर ने मुखाग्नि देकर कराया। नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश सिंह लौनिया चौहान, विधायक प्रतिनिधि नवनीत कुमार समेत भाजपा के स्थानीय नेताओं के साथ कछला के गण्यमान्य नागरिकों ने भी उन्हें नम आखों से अंतिम विदाई दी।
नारायणी देवी का ससुराल गंगागढ़ में हुआ दाह संस्कार
उझानी। पत्नी राजकुमारी के साथ पुत्रवधू गंगाश्री और सरला व बेटी नारायणी देवी को भी खोया है। नारायणी के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर पति सिपट्टर सिंह समेत परिजन अपने साथ कासगंज जिले के सोरों क्षेत्र के गांव गंगागढ़ ले गए थे। उनका दाह संस्कार बुधवार देर शाम ही गांव में ही कर दिया गया था। इसके अलावा कछला निवासी रेवती पत्नी रामचंद्र का भी गंगाघाट पर एक दिन पहले ही दाह संस्कार कर दिया गया था। रेवती के शव को मुखाग्नि उनके बेटे लीलाधर ने दी थी।