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Budaun News: एचपीसीएल दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह पर लगा रासुका
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 28 Apr 2026 01:53 AM IST
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बदायूं। दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई की गई है। डीएम ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा की रिपोर्ट के आधार पर इस कार्रवाई को मंजूरी दी।
यह घटना 12 मार्च 2026 को हुई थी। जब अजय प्रताप सिंह ने मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के बायोगैस प्लांट में घुसकर दो वरिष्ठ अधिकारियों को गोली मार दी थी। मृतकों की पहचान सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा के रूप में हुई थी। दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान भी आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, इसमें एक आरक्षी घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से अजय प्रताप सिंह भी घायल हुआ था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि यह वारदात एक आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा थी। इस मामले में मुनेंद्र विक्रम सिंह, धर्मेंद्र, अभय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू और केशव उर्फ मिचकू सहित चार अन्य सह-आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है, इसमें अवैध कब्जे और हिंसक घटनाएं शामिल हैं। प्रशासन ने उसकी लगातार आपराधिक गतिविधियों को समाज के लिए खतरा माना है। रासुका की कार्रवाई आरोपी की गतिविधियों को सामान्य कानून से नियंत्रित न हो पाने के कारण की गई है। दोहरे हत्याकांड, पुलिस पर हमला और लगातार आपराधिक गतिविधियां इसके मुख्य आधार रहे हैं।
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जघन्य हत्याकांड की आज भी गूंज रही आवाज
12 मार्च 2026 को सैजनी स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी अजय प्रताप सिंह ने दिनदहाड़े प्लांट में घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने बेहद करीब से गोलियां चलाई, जिससे दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे जिले में भय का माहौल बन गया था।
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चार आरोपी हत्या की साजिश के तहत जेल में
पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यह वारदात अकेले नहीं, बल्कि एक आपराधिक षड्यंत्र के तहत अंजाम दी गई थी। इस साजिश में शामिल मुनेंद्र विक्रम सिंह, धर्मेंद्र, अभय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू और केशव को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी सह-अभियुक्तों को जिला कारागार बदायूं भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड भी गंभीर रहा है, इसमें वर्ष 2016 में अवैध कब्जे और वर्ष 2026 में हत्या, हमला व पुलिस मुठभेड़ के मामले दर्ज हैं। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसक घटनाओं में उसकी संलिप्तता भी रिकॉर्ड पर है।
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रासुका लगाने का कारण
प्रशासन ने अजय प्रताप सिंह की गतिविधियों को लोक व्यवस्था के लिए खतरा मानते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत निरुद्ध करने का फैसला किया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आरोपी की गतिविधियां सामान्य कानून से नियंत्रित नहीं हो पा रही थीं। समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करने के कारण भी यह कदम उठाया गया।
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टाइम लाइन- एचपीसीएल हत्याकांड--
- 12 मार्च को सैजनी के एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या की गई।
- 13 मार्च को पुलिस मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी, एक सिपाही भी घायल हुआ।
- 13 मार्च एसएसपी डॉ बृजेश कुमार सिंह हटाए गए
- 14 मार्च को सीएम योगी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एसआईटी का गठन किया।
- 14 मार्च को सीओ उझानी को भी हटाकर लखनऊ भेजा गया
- 17 मार्च सैजनी के एचपीसीएल प्लांट में जांच के लिए एसआईटी पहुंची।
- 17 मार्च आरोपी की छह व उसके ताऊ की पांच दुकानों पर बुलडोजर चला।
- 18 मार्च सैजनी गांव में ग्राम समाज की भूमि पर बाजार लगवाकर आरोपी के परिवार की तह बाजारी वसूलने का मामला उजागर हुआ।
- 20 मार्च अजय के ताऊ राकेश पर 27 अवैध दुकानों का बेदखली का मुकदमा दातागंज तहसीलदार कोर्ट में दर्ज हुआ। 45 लाख 57 हजार जुर्माना लगा।
- 22 मार्च प्लांट कर्मियों के पुलिस ने बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की।
- 24 मार्च कंपनी के दो अफसरों के कोर्ट में बयान दर्ज हुए।
- 25 मार्च आरोपी अजय के ताऊ का सैजनी गांव में बना अवैध फार्म हाउस सील।
- 24 मार्च अजय व उसके पांच भाइयों पर कंपनी के कर्मचारी से मारपीट का एक और केस मूसाझाग थाने में दर्ज हुआ।
- 28 मार्च अवैध तरीके से तहबाजारी वसूलने के मामले में अजय के ताऊ व पिता व परिवारीजनो पर केस।
- 2 अप्रैल आरोपी अजय के पिता, ताऊ व करीबी पर जमीन कब्जाने का केस।
- 3 अप्रैल एचपीसीएल में दोबारा अफसरों की तैनाती हुई।
- 6 अप्रैल आरोपी अजय के सगे व तहेरे भाई का मुख्य हत्याकांड में नाम बढ़ा, इनाम घोषित हुआ।
- 8 अप्रैल आरोपी अजय के दो सगे भाईयों ने कोर्ट में सरेंडर किया।
- 9 अप्रैल आरोपी अजय को जेल से मेडिकल कॉलेज भेजने का मामला सामने आया।
- 27 अप्रैल मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ रासुका की कार्रवाई हुई।
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जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
एचपीसीएल दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ पुलिस ने रासुका के तहत कार्रवाई की है। इस मामले में जल्द ही चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल करने की तैयारी चल रही है। जो भी दोषी है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
अंकिता शर्मा, एसएसपी
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घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान भी आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, इसमें एक आरक्षी घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से अजय प्रताप सिंह भी घायल हुआ था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि यह वारदात एक आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा थी। इस मामले में मुनेंद्र विक्रम सिंह, धर्मेंद्र, अभय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू और केशव उर्फ मिचकू सहित चार अन्य सह-आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है, इसमें अवैध कब्जे और हिंसक घटनाएं शामिल हैं। प्रशासन ने उसकी लगातार आपराधिक गतिविधियों को समाज के लिए खतरा माना है। रासुका की कार्रवाई आरोपी की गतिविधियों को सामान्य कानून से नियंत्रित न हो पाने के कारण की गई है। दोहरे हत्याकांड, पुलिस पर हमला और लगातार आपराधिक गतिविधियां इसके मुख्य आधार रहे हैं।
जघन्य हत्याकांड की आज भी गूंज रही आवाज
12 मार्च 2026 को सैजनी स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी अजय प्रताप सिंह ने दिनदहाड़े प्लांट में घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी ने बेहद करीब से गोलियां चलाई, जिससे दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे जिले में भय का माहौल बन गया था।
चार आरोपी हत्या की साजिश के तहत जेल में
पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यह वारदात अकेले नहीं, बल्कि एक आपराधिक षड्यंत्र के तहत अंजाम दी गई थी। इस साजिश में शामिल मुनेंद्र विक्रम सिंह, धर्मेंद्र, अभय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू और केशव को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी सह-अभियुक्तों को जिला कारागार बदायूं भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड भी गंभीर रहा है, इसमें वर्ष 2016 में अवैध कब्जे और वर्ष 2026 में हत्या, हमला व पुलिस मुठभेड़ के मामले दर्ज हैं। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसक घटनाओं में उसकी संलिप्तता भी रिकॉर्ड पर है।
रासुका लगाने का कारण
प्रशासन ने अजय प्रताप सिंह की गतिविधियों को लोक व्यवस्था के लिए खतरा मानते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत निरुद्ध करने का फैसला किया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आरोपी की गतिविधियां सामान्य कानून से नियंत्रित नहीं हो पा रही थीं। समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करने के कारण भी यह कदम उठाया गया।
टाइम लाइन- एचपीसीएल हत्याकांड
- 12 मार्च को सैजनी के एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों सुधीर गुप्ता व हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या की गई।
- 13 मार्च को पुलिस मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी, एक सिपाही भी घायल हुआ।
- 13 मार्च एसएसपी डॉ बृजेश कुमार सिंह हटाए गए
- 14 मार्च को सीएम योगी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एसआईटी का गठन किया।
- 14 मार्च को सीओ उझानी को भी हटाकर लखनऊ भेजा गया
- 17 मार्च सैजनी के एचपीसीएल प्लांट में जांच के लिए एसआईटी पहुंची।
- 17 मार्च आरोपी की छह व उसके ताऊ की पांच दुकानों पर बुलडोजर चला।
- 18 मार्च सैजनी गांव में ग्राम समाज की भूमि पर बाजार लगवाकर आरोपी के परिवार की तह बाजारी वसूलने का मामला उजागर हुआ।
- 20 मार्च अजय के ताऊ राकेश पर 27 अवैध दुकानों का बेदखली का मुकदमा दातागंज तहसीलदार कोर्ट में दर्ज हुआ। 45 लाख 57 हजार जुर्माना लगा।
- 22 मार्च प्लांट कर्मियों के पुलिस ने बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की।
- 24 मार्च कंपनी के दो अफसरों के कोर्ट में बयान दर्ज हुए।
- 25 मार्च आरोपी अजय के ताऊ का सैजनी गांव में बना अवैध फार्म हाउस सील।
- 24 मार्च अजय व उसके पांच भाइयों पर कंपनी के कर्मचारी से मारपीट का एक और केस मूसाझाग थाने में दर्ज हुआ।
- 28 मार्च अवैध तरीके से तहबाजारी वसूलने के मामले में अजय के ताऊ व पिता व परिवारीजनो पर केस।
- 2 अप्रैल आरोपी अजय के पिता, ताऊ व करीबी पर जमीन कब्जाने का केस।
- 3 अप्रैल एचपीसीएल में दोबारा अफसरों की तैनाती हुई।
- 6 अप्रैल आरोपी अजय के सगे व तहेरे भाई का मुख्य हत्याकांड में नाम बढ़ा, इनाम घोषित हुआ।
- 8 अप्रैल आरोपी अजय के दो सगे भाईयों ने कोर्ट में सरेंडर किया।
- 9 अप्रैल आरोपी अजय को जेल से मेडिकल कॉलेज भेजने का मामला सामने आया।
- 27 अप्रैल मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ रासुका की कार्रवाई हुई।
जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
एचपीसीएल दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ पुलिस ने रासुका के तहत कार्रवाई की है। इस मामले में जल्द ही चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल करने की तैयारी चल रही है। जो भी दोषी है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
अंकिता शर्मा, एसएसपी

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