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Ganga Expressway: बदायूं के 195 गांवों से गुजरा है गंगा एक्सप्रेसवे, तीन इंटरचेंज, विकास को मिलेगी रफ्तार

संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: Mukesh Kumar Updated Tue, 28 Apr 2026 11:54 AM IST
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सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को हरदोई से गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। यह एक्सप्रेसवे बदायूं जिले के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। बदायूं में इसकी लंबाई लगभग 91 किलोमीटर है, जो 195 गांवों से होकर गुजरेगी। यह जिले की अर्थव्यवस्था और रोजगार की रीढ़ बनेगा।

Ganga Expressway passes through 195 villages in Budaun and features three interchanges
गंगा एक्सप्रेसवे - फोटो : संवाद
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विस्तार

उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई से इसका लोकार्पण करेंगे, इसके साथ ही बदायूं जिला भी विकास की मुख्यधारा से मजबूती से जुड़ जाएगा। यह एक्सप्रेसवे बदायूं के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा, जो अब तक अपेक्षाकृत पिछड़ा माना जाता था। यह केवल एक सड़क नहीं, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था, रोजगार, कृषि और औद्योगिक वृद्धि की रीढ़ बनेगा।

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गंगा एक्सप्रेसवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बदायूं जनपद से होकर गुजर रहा है, इससे यह जिला सीधे उच्च गति संपर्क से जुड़ जाएगा। जिले में इसकी कुल लंबाई लगभग 91 किलोमीटर है, जो 195 गांवों से होकर गुजरेगा। पापड़, वनकोटा और घटपुरी बरेली मार्ग पर तीन इंटरचेंज बनाए गए हैं, जो मेरठ से प्रयागराज तक सीधा मार्ग प्रदान करेंगे। यह बुनियादी ढांचा नेटवर्क जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों को पहली बार बड़े पैमाने पर जोड़ेगा। परियोजना के लिए बदायूं में करीब 3.42 लाख हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इन गांवों के किसानों ने अपनी कृषि भूमि इस परियोजना के लिए दी, जिससे एक्सप्रेसवे का निर्माण संभव हो पाया। प्रधानमंत्री मोदी ने 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर से इसका शिलान्यास किया था। निर्माण में लगभग पांच वर्ष का समय लगा है, और अब यह लोकार्पण के लिए तैयार है।
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निर्माण कार्य में सामने आईं कई चुनौतियां 
इतनी बड़ी परियोजना को जमीन पर उतारना आसान नहीं था और बदायूं में भी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती थी, जहां किसानों के विरोध और मुआवजे को लेकर असहमति ने प्रक्रिया को जटिल बना दिया। कानूनी प्रक्रियाओं में देरी भी एक बाधा थी। पर्यावरणीय और भौगोलिक बाधाओं में जलभराव वाले क्षेत्रों से निपटना और नदियों व नालों के ऊपर पुलों का निर्माण शामिल था। कोविड-19 महामारी ने निर्माण के शुरुआती वर्षों में काम को प्रभावित किया, जिससे मजदूरों की कमी और निर्माण सामग्री की आपूर्ति में व्यवधान आया। 

बारिश के मौसम में काम धीमा होना और भारी मशीनरी के संचालन में कठिनाई जैसी तकनीकी और मौसम संबंधी समस्याएं भी थीं। इन सभी चुनौतियों के बावजूद, परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया गया है। पर्यावरण का भी विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके तहत लाखों पौधों का रोपण किया जा रहा है। जल संचयन प्रणाली और हरित पट्टी का विकास भी इस परियोजना का  हिस्सा है।

लोकार्पण की तैयारियां तेज, जिले में बनाए गए हैं तीन इंटरचेंज
जिलाधिकारी अवनीश राय ने आगामी 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री द्वारा हरदोई में किए जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियों की सोमवार को समीक्षा की। इस अवसर पर जनपद के घटपुरी इंटरचेंज में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने आगंतुकों के बैठने, मंच संचालन, प्रचार-प्रसार, सुरक्षा, पार्किंग, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था सहित विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों को निर्देश दिए। 

हरदोई में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी बदायूं के कार्यक्रम स्थल पर किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा ने गंगा एक्सप्रेसवे के बारे में बताया कि एक्सप्रेसवे 12 जनपदों से होकर गुजरता है और इसमें 21 इंटरचेंज हैं। डीएम ने बताया कि बदायूं जिले में इसकी लंबाई करीब 91 किलोमीटर है, जो बिसौली से दातागंज तक फैला है। जिले में घटपुरी, बनकोटा और डहरपुर पापड़ में तीन महत्वपूर्ण इंटरचेंज बनाए गए हैं। 

किसानों को होगा फायदा, व्यापार को मिलेगी रफ्तार 
किसान ठाकुर विजेंद्र सिंह ने बताया कि हम आलू वाले किसान तो सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं। कोल्ड स्टोरेज तक पहुंचने में ही देर हो जाती है, कई बार माल खराब भी हो जाता है। लेकिन अब दूसरे जिलों व प्रदेश में भी आसानी से आलू पहुंचाकर बेंच सकेंगे। इससे फायदा होगा। व्यापारी विपिन अग्रवाल ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के निकट औद्योगिक गलियारे में उद्योग स्थापित होने से व्यापार को रफ्तार मिलेगी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा इससे विकास को गति मिलेगी और लोगों को सीधे फायदा होगा।    

व्यापारी प्रिंस मेहंदीरत्ता ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे से स्थानीय व्यापारियों को खासा लाभ मिलेगा। ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था सुंदर होगी साथ ही बड़े शहरों से व्यापार बढ़ेगा। इससे व्यापारी के साथ आम आदमी को भी काफी फायदा होगा। किसान हरीश ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने वाला है,अब तो लगता है हमारी गेहूं की फसल सीधे बड़े शहर तक जाएगी। इससे किसानों को सीधे लाभ होगा।

व्यापारी सलिल गुप्ता ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे से बदायूं पिछड़ापन खत्म होगा उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा मिलने से बदायूं विकसित शहरों में शामिल जाएगा। जनपद का बहुत बड़ा हिस्सा एक्सप्रेसवे से गुजर रहा है तो सीधे तौर पर व्यापारियों को व्यापार करने की सुगमता मिलेगी। 

व्यापारी अमित ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे लखनऊ, प्रयागराज एवं मेरठ ,दिल्ली की दूरी बहुत कम होने से कम समय में सफर पूरा हो जाएगा। साथ ही एक दिन में व्यापारी अपना व्यापार का कार्य पूर्ण करके वापस आ सकता है। निश्चित तौर पर व्यापारियों के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा।

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