Kanwar Yatra 2026: बदायूं के कछला गंगा घाट पर कांवड़ियों का सैलाब, चार किमी पहले ही रोके गए वाहन
बदायूं में रविवार सुबह से ही कछला गंगा घाट पर कांवड़ियों की भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार दोपहर घाट पर कुंभ जैसा नजारा दिखाई दिया। भीड़ के चलते गंगा घाट से चार किमी पहले ही वाहनों को रोक दिया गया है।
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सावन माह के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक के लिए बदायूं के कछला गंगा घाट पर लाखों कांवड़िये पहुंचे हैं। रविवार को कछला घाट पर कुंभ के संगम जैसा दृश्य नजर आया। हर तरफ आस्था का जनसैलाब दिखाई दिया। लगातार उमड़ रही कांवड़ियों की भीड़ से पिछले सारे रिकॉर्ड टूटने की संभावना है।
शनिवार शाम से रविवार सुबह तक करीब तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। प्रशासन ने भीड़ के चलते डीजे ट्रैक्टर-ट्रॉली, टेंपो और बाइक जैसे वाहनों को स्नान स्थल से चार किलोमीटर पहले ही रोक दिया है। कछला गंगा घाट पर बनी सभी पार्किंग खाली पड़ी हैं। किसी भी वाहन को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।
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इस कारण कांवड़ियों को चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। चार किलोमीटर पहले वाहन रोके जाने से कछला पुल से गंगा घाट तक लगी दुकानों पर बिक्री कम हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन के इस कदम से उनकी बिक्री प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि इस बार प्रशासन ने श्रद्धालुओं को काफी पहले रोक दिया है।
आपातकालीन सेवाओं में भी बाधा
दूसरे रविवार को हुई दिक्कतों को देखते हुए इस बार पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। नोडल अधिकारी महेश प्रताप सिंह को भी स्वास्थ्य केंद्र से अस्थायी अस्पताल जाते समय रोका गया। उन्हें गोविंद बल्लभ पंत महाविद्यालय के आगे रोका गया था। उझानी के सीओ से बात करने के बाद ही उन्हें जाने दिया गया। नगर पंचायत के एक कर्मचारी को भी सुबह रोका गया, जिसे अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद छोड़ा गया।
दूध और अन्य आवश्यक वाहनों को भी रोका
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को भी रोका जा रहा है। जबकि मार्ग परिवर्तन योजना में आपातकालीन सेवाओं को निकालने का जिक्र है। दूध की गाड़ियों और दूध देने जा रहे दूधियों को भी आगे नहीं जाने दिया गया। इस सख्ती से आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ा है।