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Budaun News: छह महीने में शांतिभंग तक की कार्रवाई नहीं, न दी गई अधिकारियों को सुरक्षा
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बदायूं। आरोपी और एचपीसीएल अधिकारियों के बीच पिछले छह महीने से दुश्मनी ठनी हुई थी। अधिकारियों पर जानलेवा होने के बाद पांच फरवरी को आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने आरोपी पर शांतिभंग तक की कार्रवाई नहीं की। यही वजह रही कि आरोपी के हौसले इतने बढ़ गए कि उसने दिनदहाड़े दोनों अधिकारियों की प्लांट के अंदर घुसकर हत्या कर दी।
हर्षित मिश्रा सुरक्षा की मांग भी पुलिस के अधिकारियों से कर चुके थे, लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। अगर पुलिस आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर देती तो आरोपी इस हद तक नहीं पहुंचता।
छह महीने पहले आरोपी को वित्तीय धांधलियों के चलते नौकरी से निकाल दिया गया था। तभी से अधिकारियों और आरोपी के बीच रंजिश थी। आरोपी ने छह महीने में कई बार प्लांट पर कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की, हालांकि कर्मचारियों ने उसकी शिकायत पुलिस से नहीं की। लेकिन चार फरवरी को आरोपी ने प्लांट में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया था। इस मामले में पांच फरवरी को अधिकारियों की ओर से आरोपी अजय प्रताप के खिलाफ मूसाझाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तब से अब तक पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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133 करोड़ की लागत से 50 एकड़ जमीन पर बना है प्लांट
गांव सैजनी से पांच किलोमीटर की दूरी पर प्लांट का निर्माण कराया गया था। इसे बनाने में 133 करोड़ की लागत आई थी। करीब 50 एकड़ जमीन पर प्लांट बनकर तैयार हुआ तो 27 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ इसका भव्य उद्घाटन किया था।
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आरोपी से था डर, मांगी थी सुरक्षा
-मोर्चरी पर पहुंचे एचपीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि दोनों अधिकारियों को आरोपी लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी को देखते हुए पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की गई थी। लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया और बृहस्पतिवार को यह बड़ी घटना हो गई।
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रोजाना थाने में बैठकर चाय पीता था आरोपी
-क्षेत्र के लोगों के मुताबिक आरोपी अजय रोजाना थाने में बैठकर चाय पीता था। यही वजह रही कि उसके खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। चर्चा यह भी घटना से पहले भी बृहस्पतिवार को आरोपी ने थाने में बैठकर चाय पार्टी की थी। हालांकि इसकी पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है।
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हर्षित मिश्रा सुरक्षा की मांग भी पुलिस के अधिकारियों से कर चुके थे, लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। अगर पुलिस आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर देती तो आरोपी इस हद तक नहीं पहुंचता।
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छह महीने पहले आरोपी को वित्तीय धांधलियों के चलते नौकरी से निकाल दिया गया था। तभी से अधिकारियों और आरोपी के बीच रंजिश थी। आरोपी ने छह महीने में कई बार प्लांट पर कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की, हालांकि कर्मचारियों ने उसकी शिकायत पुलिस से नहीं की। लेकिन चार फरवरी को आरोपी ने प्लांट में घुसकर जानलेवा हमला कर दिया था। इस मामले में पांच फरवरी को अधिकारियों की ओर से आरोपी अजय प्रताप के खिलाफ मूसाझाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तब से अब तक पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
133 करोड़ की लागत से 50 एकड़ जमीन पर बना है प्लांट
गांव सैजनी से पांच किलोमीटर की दूरी पर प्लांट का निर्माण कराया गया था। इसे बनाने में 133 करोड़ की लागत आई थी। करीब 50 एकड़ जमीन पर प्लांट बनकर तैयार हुआ तो 27 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ इसका भव्य उद्घाटन किया था।
आरोपी से था डर, मांगी थी सुरक्षा
-मोर्चरी पर पहुंचे एचपीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि दोनों अधिकारियों को आरोपी लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी को देखते हुए पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की गई थी। लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया और बृहस्पतिवार को यह बड़ी घटना हो गई।
रोजाना थाने में बैठकर चाय पीता था आरोपी
-क्षेत्र के लोगों के मुताबिक आरोपी अजय रोजाना थाने में बैठकर चाय पीता था। यही वजह रही कि उसके खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। चर्चा यह भी घटना से पहले भी बृहस्पतिवार को आरोपी ने थाने में बैठकर चाय पार्टी की थी। हालांकि इसकी पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है।