UP News: बदायूं दोहरे हत्याकांड में सियासी कनेक्शन गहराया, 200 बीघा जमीन के सौदे पर भी उठे सवाल
बदायूं में एचपीसीएल के दो अफसरों की हत्या के मामले में एसआईटी की जांच जारी है। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच में आरोपी के परिवार के कई सदस्यों के नाम सामने आए हैं। साथ ही एक नेता से इनकी नजदीकियों के भी संकेत मिले हैं। आरोपी अजय के परिवार पर 200 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप भी लग रहे हैं।
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बदायूं के सैंजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में 12 मार्च को दो अफसरों की हत्या के मामले में अब सियासी संरक्षण और आपराधिक गठजोड़ की परतें तेजी से खुलती नजर आ रही हैं। मामले के मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार और उसके करीबी लोगों पर शिकंजा कसता जा रहा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी के परिवार के लोग इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी हैं। उनकी गिरफ्तारी से कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार एसएसपी की बनाई एसआईटी की जांच में आरोपी के परिवार के कई सदस्यों के नाम सामने आए हैं। साथ ही एक नेता से इनकी नजदीकियों के भी संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि यदि परिवार के अन्य लोग पुलिस की गिरफ्त में आते है तो वे ऐसे राज उजागर कर सकते हैं, जो एक बड़े नेता के लिए गंभीर कानूनी संकट खड़ा कर सकते हैं। एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि इस मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आरामगाह बन गया था आलीशान आवास
सैंजनी गांव के लोगों के मुताबिक एचपीसीएल प्लांट से कुछ दूरी पर आरोपी अजय प्रताप सिंह के भाई का बनाया गया एक आवास लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र बना हुआ था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह स्थान आरामगाह बना हुआ था, जहां प्रभावशाली लोगों की खातिरदारी की जाती थी। बताया जा रहा है कि इसी ठिकाने से प्लांट से जुड़े कई फैसले और गतिविधियां भी संचालित होती थीं।
औद्योगिक गलियारे के नाम पर 200 बीघा जमीन पर कब्जे का आरोप
मामले में चौंकाने वाला एक और पहलू सामने आया है। कहा जा रहा है कि आरोपी अजय प्रताप सिंह और उसके परिवार ने एक प्रभावशाली नेता के साथ मिलकर ट्रस्ट के माध्यम से करीब 200 बीघा जमीन खरीदी थी। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को डराकर-धमकाकर उनकी जमीनें औने-पौने दामों में लिखवाई गईं। चर्चा है कि प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के चलते इस जमीन की कीमत करोड़ों में पहुंच सकती है, जिससे इस पूरे खेल के पीछे बड़े आर्थिक हित जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
जांच तेज, बड़े खुलासों की उम्मीद
फिलहाल पुलिस और एसआईटी मामले की गहनता से जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अन्य संदिग्धों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं अभय की गिरफ्तारी को इस पूरे मामले में ‘मास्टर-की’ माना जा रहा है, जिससे न केवल हत्याकांड की साजिश का पूरा सच सामने आएगा, बल्कि कथित सियासी संरक्षण और जमीन के खेल का भी पर्दाफाश हो सकता है।
पूर्व सांसद प्रतिनिधि ने बताई अजय व उसके ताऊ की हकीकत
दोहरे हत्याकांड के मामले में एक नया खुलासा सामने आया है। दातागंज क्षेत्र के रहने वाले भाजपा नेता व पूर्व सांसद प्रतिनिधि विनोद राठौर का एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उनके द्वारा सैजनी गांव निवासी आरोपी अजय प्रताप सिंह व उसके ताऊ राकेश सिंह समेत अन्य परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस परिवार ने हर गलत काम किया है।
जमीनों पर कब्जा करना, हत्या, दबंगई के चलते इनके खिलाफ कोई बोलता नहीं था। इनके द्वारा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पुलिस-प्रशासन से की गई है। बता दें कि भाजपा नेता को आरोपी अजय के परिजनों ने कुछ दिन पहले जान से मारने की धमकी दी थी। इसका वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।