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Budaun News: कछला गंगा घाट पर पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, शुरू हो सकता है जल परिवहन
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कछला स्थित कछला घाट। संवाद
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बदायूं। जिले में गंगा होने कारण यहां जल परिवहन का लाभ मिलने की संभावना बढ़ गई है। कछला का गंगा घाट का पर्यटन विकास के लिए चयनित हो चुका है। इसके और ज्यादा विकास पर भी पूर्व में चर्चाएं हो चुकी हैं। बजट में जो प्रस्ताव शामिल हैं, उनमें इससे संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं। इससे बदायूं जिला भी बजट से इस क्षेत्र में लाभान्वित हो सकता है। जिले में गंगा घाट के अलावा तमाम पौराणिक स्थल होने के कारण पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।
जिले में गंगा घाट हैं और पर्यटन स्थल भी। पौराणिक स्थलों में सहसवान में सहस्त्रार्जुन का परशुराम द्वारा किया ध्वंस किला। सप्तस्रोत सरसोता, सूर्यकुंड, मुमताज की बहन का मकबरा आदि यहां के विशेष पर्यटन स्थल हैं। इसके साथ ही गंगा नदी जल परिवहन, इसके लिए बेहतर व सस्ता परिवहन यहां जिले के विकास का बड़ा स्रोत बन सकता है।
सोत नदी से परिवहन का इतिहास है पुराना
जल परिवहन का बदायूं में पुराना इतिहास रहा है। जिले की जीवनदायनी कही जाने वाली सोत नदी, हालांकि अभी विलुप्तप्राय है, का जल परिवहन का काफी पुराना इतिहास हैं। बुजुुर्ग बताते हैं कि अंग्रेजों के शासनकाल में जिले की सोत नदी से संभल और बदायूं के बीच नावों से व्यापार हुआ करता था। गंगा नदी भी जल परिवहन के लिए उपयोगी थी। आज भी गंगा और रामगंगा में नावों से कुछ लोग आसपास के जिलों को सामान की ढुलाई करते हैं, जो सड़क परिवहन से काफी सस्ता पड़ता है।
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सोत नदी से परिवहन का इतिहास है पुराना
जल परिवहन का बदायूं में पुराना इतिहास रहा है। जिले की जीवनदायनी कही जाने वाली सोत नदी, हालांकि अभी विलुप्तप्राय है, का जल परिवहन का काफी पुराना इतिहास हैं। बुजुुर्ग बताते हैं कि अंग्रेजों के शासनकाल में जिले की सोत नदी से संभल और बदायूं के बीच नावों से व्यापार हुआ करता था। गंगा नदी भी जल परिवहन के लिए उपयोगी थी। आज भी गंगा और रामगंगा में नावों से कुछ लोग आसपास के जिलों को सामान की ढुलाई करते हैं, जो सड़क परिवहन से काफी सस्ता पड़ता है।
