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Budaun News: मरीज की मौत के बाद हॉस्पिटल के बाहर बवाल, दोनों पक्षों में पथराव
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सीओ सिटी राहुल पांडेय रामा हॉस्पिटल पहुंचे और मृतक के परिजनों से बात की। संवाद
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बदायूं। सड़क हादसे में घायल हुए राजवीर (40) की बुधवार देर शाम मौत हो गई। राजवीर के परिजनों ने देर रात इंदिरा चौक स्थित रामा हॉस्पिटल के गेट पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई। सिर में कीड़े तक पड़ गए थे। इसी दौरान दोनों पक्षों में पथराव हुआ। अस्पताल के शीशे भी टूट गए। बवाल की सूचना पर चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसपी सिटी, सीओ सिटी ने परिजनों को शांत कराया।
जगत क्षेत्र के गांव उपरैला निवासी राजवीर सड़क दुर्घटना में 18 जुलाई को घायल हो गए थे। सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजनों ने गंभीर हालत में 19 जुलाई को रामा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप था कि भर्ती करने के पहले ही दिन ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टरों ने उनसे 1.60 लाख रुपये जमा करा लिए थे। इलाज के दौरान भी रुपये जमा कराते रहे।
इस बीच राजवीर के परिजन ईएसआई कार्ड बनवाकर ले लाए। परिजनों का आरोप था कि ईएसआई कार्ड की जानकारी होने के बावजूद डॉक्टरों ने 28 जुलाई को पांच लाख रुपये और जमा करा लिए। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने बुधवार को अचानक मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। साथ ही मरीज को तुंरत ले जाने का दबाव बनाया। इस दौरान परिजनों ने मरीज को देखा तो उसके सिर में कीड़े पड़े हुए थे। हालत बेहद गंभीर थी।
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आरोप है कि कुछ देर बाद मरीज की मौत हो गई। इलाज में लापरवाही पर दोनों पक्षों में कहासुनी, गालीगलौज के बाद मामला पथराव तक पहुंच गया। हॉस्पिटल की छत से स्टाफ ने गेट पर मौजूद भीड़ पर पथराव किया। जवाब में भीड़ ने भी पत्थर फेंके। इसमें हॉस्पिटल के कई शीशे भी टूट गए। बवाल की सूचना पर कोतवाली, सिविल लाइंस, अलापुर और उसावां थानों की पुलिस पहुंच गई। एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह, सीओ सिटी राहुल पांडेय भी पहुंच गए। अफसरों ने परिजनों से बातचीत कर मामले को शांत कराया।
मेरे छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं, मैं क्या करूंगी : जूली
अस्पताल से राजवीर को बाहर निकालने का आरोप लगाते हुए पत्नी जूली ने रोते हुए बताया कि पति राजवीर को 12 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया था। मेरे तीन छोटे-छोटे बच्चे है, मैं क्या करूंगी अब।
19 जुलाई को मरीज भर्ती हुआ था। उसके सिर में गंभीर चोट थी। बुधवार दोपहर मरीज की ऑक्सीजन कम होने पर तबीयत बिगड़ी थी। वेंटीलेटर पर रखने व खर्च बढ़ने की बात पर परिजनों ने कहीं और ले जाने की बात कही। दोपहर बाद परिजन मरीज को बिना ऑक्सीजन वाली एंबुलेंस में बरेली ले गए थे। वहीं उसकी मृत्यु हुई। रात नौ बजे परिवार के लोग शव लेकर आए और हंगामा किया। इलाज और दवा के 3.50 लाख रुपये लिए गए थे। आरोप निराधार हैं। - डॉ. बीआर गुप्ता, संचालक रामा हॉस्पिटल
मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों और डॉक्टर से बात की। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच करने के बाद दोषियों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक कुमार सिंह, एसपी सिटी
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डाॅ. विकास शर्मा, सीएमओ
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जगत क्षेत्र के गांव उपरैला निवासी राजवीर सड़क दुर्घटना में 18 जुलाई को घायल हो गए थे। सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजनों ने गंभीर हालत में 19 जुलाई को रामा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप था कि भर्ती करने के पहले ही दिन ऑपरेशन के नाम पर डॉक्टरों ने उनसे 1.60 लाख रुपये जमा करा लिए थे। इलाज के दौरान भी रुपये जमा कराते रहे।
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इस बीच राजवीर के परिजन ईएसआई कार्ड बनवाकर ले लाए। परिजनों का आरोप था कि ईएसआई कार्ड की जानकारी होने के बावजूद डॉक्टरों ने 28 जुलाई को पांच लाख रुपये और जमा करा लिए। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने बुधवार को अचानक मरीज को डिस्चार्ज कर दिया। साथ ही मरीज को तुंरत ले जाने का दबाव बनाया। इस दौरान परिजनों ने मरीज को देखा तो उसके सिर में कीड़े पड़े हुए थे। हालत बेहद गंभीर थी।
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आरोप है कि कुछ देर बाद मरीज की मौत हो गई। इलाज में लापरवाही पर दोनों पक्षों में कहासुनी, गालीगलौज के बाद मामला पथराव तक पहुंच गया। हॉस्पिटल की छत से स्टाफ ने गेट पर मौजूद भीड़ पर पथराव किया। जवाब में भीड़ ने भी पत्थर फेंके। इसमें हॉस्पिटल के कई शीशे भी टूट गए। बवाल की सूचना पर कोतवाली, सिविल लाइंस, अलापुर और उसावां थानों की पुलिस पहुंच गई। एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह, सीओ सिटी राहुल पांडेय भी पहुंच गए। अफसरों ने परिजनों से बातचीत कर मामले को शांत कराया।
मेरे छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं, मैं क्या करूंगी : जूली
अस्पताल से राजवीर को बाहर निकालने का आरोप लगाते हुए पत्नी जूली ने रोते हुए बताया कि पति राजवीर को 12 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया था। मेरे तीन छोटे-छोटे बच्चे है, मैं क्या करूंगी अब।
19 जुलाई को मरीज भर्ती हुआ था। उसके सिर में गंभीर चोट थी। बुधवार दोपहर मरीज की ऑक्सीजन कम होने पर तबीयत बिगड़ी थी। वेंटीलेटर पर रखने व खर्च बढ़ने की बात पर परिजनों ने कहीं और ले जाने की बात कही। दोपहर बाद परिजन मरीज को बिना ऑक्सीजन वाली एंबुलेंस में बरेली ले गए थे। वहीं उसकी मृत्यु हुई। रात नौ बजे परिवार के लोग शव लेकर आए और हंगामा किया। इलाज और दवा के 3.50 लाख रुपये लिए गए थे। आरोप निराधार हैं। - डॉ. बीआर गुप्ता, संचालक रामा हॉस्पिटल
मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों और डॉक्टर से बात की। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच करने के बाद दोषियों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक कुमार सिंह, एसपी सिटी
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डाॅ. विकास शर्मा, सीएमओ

सीओ सिटी राहुल पांडेय रामा हॉस्पिटल पहुंचे और मृतक के परिजनों से बात की। संवाद

सीओ सिटी राहुल पांडेय रामा हॉस्पिटल पहुंचे और मृतक के परिजनों से बात की। संवाद

सीओ सिटी राहुल पांडेय रामा हॉस्पिटल पहुंचे और मृतक के परिजनों से बात की। संवाद