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Bulandshahar News: करप्शन की मंडी... सचिव एक लाख रुपये लेते गिरफ्तार
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खुर्जा नवीन मंडी से सचिव नाहर सिंह को गिरफ्तार कर थाने ले जाती एंटी करप्शन की टीम। संवाद
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खुर्जा। नवीन गल्ला, फल एवं सब्जी मंडी के सचिव नाहर सिंह को बुधवार को एंटी करप्शन मेरठ की टीम ने एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। टीम मंडी सचिव को खुर्जा कोतवाली लेकर पहुंची और वहां उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
कालिंदी कुंज कॉलोनी निवासी अतुल गुप्ता ने बताया कि नवीन मंडी में उनकी गेहूं व चावल की आढ़त है और दशहरा गांव में फ्लोर मिल है। मिल के लिए भी वे गेहूं की खरीदारी खुर्जा मंडी से करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडी सचिव नाहर सिंह पिछले एक महीने से उन पर लाइसेंस निरस्त करने के नाम पर दबाव बना रहे थे।
फ्लोर मिल संचालक गुप्ता ने बताया कि मंडी सचिव उनकी मिल में चावल की आवक और उसके स्टोर को लेकर आपत्ति दर्ज करा रहे थे। उन्हें नोटिस भी दिया गया था। उन्होंने नोटिस को माफ करने के लिए सचिव से मुलाकात की तो एक लाख रुपये की मांग की गई।
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एक लाख रुपये ज्यादा होने पर अतुल गुप्ता ने देने से इन्कार कर दिया। ज्यादा दबाव बनाने पर अतुल गुप्ता ने इसकी शिकायत एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री पोर्टल पर की। 19 जून को उनके पास एंटी करप्शन टीम मेरठ ने फोन करके घटनाक्रम की जानकारी ली।
फोन पर जानकारी के बाद एंटी करप्शन टीम के एक सदस्य ने खुर्जा पहुंचकर चार से पांच दिन तक जांच की। जांच के बाद सचिव को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई। बुधवार दोपहर में करीब एक बजे अतुल गुप्ता, दूसरे आढ़ती राजीव बंसल (इनका दो दिन पहले लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था) और एंटी करप्शन टीम का एक सदस्य सचिव के ऑफिस में रुपये लेकर गए।
अतुल ने सचिव को एक लाख रुपये दिए। उसने रख लिए। इसी दौरान एंटी करप्शन टीम के सदस्य ने गोपनीय कैमरे से गतिविधि रिकॉर्ड कर ली। इशारा मिलते ही बाहर घूम रहे टीम के अन्य सदस्य अंदर पहुंचे और सचिव को दबोच लिया। यह पूरा घटनाक्रम देख कार्यालय में मौजूद लिपिक, सहायक लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटर वहां से भाग गए।
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अन्य अधिकारियों के नाम पर की जा रही थी एक लाख की मांग
पीड़ित आढ़ती और फ्लोर मिल संचालक अतुल गुप्ता ने बताया कि नोटिस और अन्य सरकारी दबाव से बचने के लिए वह हर महीने 20 हजार रुपये सचिव को देते थे। अचानक उनसे एक लाख रुपये की मांग कर दी गई।
उन्होंने बताया कि करीब दस दिन पहले उन्होंने सचिव से मुलाकात की तो उनका कहना था कि रुपये अन्य अधिकारियों को भी भेजे जाते हैं, इसलिए ज्यादा रुपये मांगे गए हैं। आढ़ती राजीव बंसल का कहना था कि दो दिन पहले उनका भी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था, उसे बहाल करने के लिए दस हजार रुपये मांगे गए थे।
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शिकारपुर से छह दिन पहले पकड़ा गया था ऑपरेटर
इससे पहले 18 जून को शिकारपुर की कृषि उत्पादन मंडी समिति का कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र कुमार दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। इसी प्रकरण में आरोपी मंडी सचिव भाग गया था।
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कोट :-
एंटी करप्शन टीम मेरठ के निरीक्षक योगेंद्र धामा की टीम ने खुर्जा मंडी सचिव को गिरफ्तार किया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। - शोभित कुमार, सीओ खुर्जा।
कालिंदी कुंज कॉलोनी निवासी अतुल गुप्ता ने बताया कि नवीन मंडी में उनकी गेहूं व चावल की आढ़त है और दशहरा गांव में फ्लोर मिल है। मिल के लिए भी वे गेहूं की खरीदारी खुर्जा मंडी से करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडी सचिव नाहर सिंह पिछले एक महीने से उन पर लाइसेंस निरस्त करने के नाम पर दबाव बना रहे थे।
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फ्लोर मिल संचालक गुप्ता ने बताया कि मंडी सचिव उनकी मिल में चावल की आवक और उसके स्टोर को लेकर आपत्ति दर्ज करा रहे थे। उन्हें नोटिस भी दिया गया था। उन्होंने नोटिस को माफ करने के लिए सचिव से मुलाकात की तो एक लाख रुपये की मांग की गई।
एक लाख रुपये ज्यादा होने पर अतुल गुप्ता ने देने से इन्कार कर दिया। ज्यादा दबाव बनाने पर अतुल गुप्ता ने इसकी शिकायत एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री पोर्टल पर की। 19 जून को उनके पास एंटी करप्शन टीम मेरठ ने फोन करके घटनाक्रम की जानकारी ली।
फोन पर जानकारी के बाद एंटी करप्शन टीम के एक सदस्य ने खुर्जा पहुंचकर चार से पांच दिन तक जांच की। जांच के बाद सचिव को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई। बुधवार दोपहर में करीब एक बजे अतुल गुप्ता, दूसरे आढ़ती राजीव बंसल (इनका दो दिन पहले लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था) और एंटी करप्शन टीम का एक सदस्य सचिव के ऑफिस में रुपये लेकर गए।
अतुल ने सचिव को एक लाख रुपये दिए। उसने रख लिए। इसी दौरान एंटी करप्शन टीम के सदस्य ने गोपनीय कैमरे से गतिविधि रिकॉर्ड कर ली। इशारा मिलते ही बाहर घूम रहे टीम के अन्य सदस्य अंदर पहुंचे और सचिव को दबोच लिया। यह पूरा घटनाक्रम देख कार्यालय में मौजूद लिपिक, सहायक लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटर वहां से भाग गए।
अन्य अधिकारियों के नाम पर की जा रही थी एक लाख की मांग
पीड़ित आढ़ती और फ्लोर मिल संचालक अतुल गुप्ता ने बताया कि नोटिस और अन्य सरकारी दबाव से बचने के लिए वह हर महीने 20 हजार रुपये सचिव को देते थे। अचानक उनसे एक लाख रुपये की मांग कर दी गई।
उन्होंने बताया कि करीब दस दिन पहले उन्होंने सचिव से मुलाकात की तो उनका कहना था कि रुपये अन्य अधिकारियों को भी भेजे जाते हैं, इसलिए ज्यादा रुपये मांगे गए हैं। आढ़ती राजीव बंसल का कहना था कि दो दिन पहले उनका भी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था, उसे बहाल करने के लिए दस हजार रुपये मांगे गए थे।
शिकारपुर से छह दिन पहले पकड़ा गया था ऑपरेटर
इससे पहले 18 जून को शिकारपुर की कृषि उत्पादन मंडी समिति का कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र कुमार दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। इसी प्रकरण में आरोपी मंडी सचिव भाग गया था।
कोट :-
एंटी करप्शन टीम मेरठ के निरीक्षक योगेंद्र धामा की टीम ने खुर्जा मंडी सचिव को गिरफ्तार किया है। मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। - शोभित कुमार, सीओ खुर्जा।