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Bulandshahar News: हत्यारोपियों ने रोहताश पर की थी छह राउंड फायरिंग
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गुलावठी पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी। स्रोत: पुलिस
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बुलंदशहर/गुलावठी। रोहताश पर गिरफ्तार आरोपी पुष्पेंद्र और विपिन ने छह राउंड फायरिंग की थी। रोहताश को लगी चार गोलियों में दो गोली उसके सिर में लगी थी। एक गोली दाहिने ओर सीने में और दूसरी गोली बाएं हाथ में लगी थी। पुलिस ने आरोपी पुष्पेंद्र व विपिन को पूछताछ के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
गांव पारपा थाना कपूरपुर जनपद हापुड़ निवासी पुष्पेंद्र ने अपने पिता बलवीर की हत्या का बदला लेने के लिए चचेरे भाई विपिन के साथ मिलकर मंगलवार की शाम गांव निवासी रोहताश की गुलावठी में उस समय गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी, जब वह अपने ई-स्कूटी के शोरूम पर बैठे थे। मोहर्रम के जुलूस से लौट रहे निरीक्षक धमेंद्र शर्मा ने आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने रोहताश पर छह राउंड फायरिंग की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रोहताश को चार गोलियां लगी थीं। दो गोली उनके सिर में लगी थी। एक गोली पार निकल गई। वहीं, गोली सिर में ही रुक गई थी। उनके सीने में दाहिने ओर और बाएं हाथ में भी एक गोली मिली है। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त दो तमंचे दो खोखे, बाइक बरामद की गई है।
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आरोपियों ने लगाया सटीक निशाना
आरोपियों ने रोहताश पर सटीक निशाना लगाया था। किसी भी सूरत में आरोपी रोहताश को जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे। आरोपी जानते थे अगर हमले में रोहताश बच गया तो उनकी जान के लाले पड़ जाएंगे क्योंकि रोहताश गैंगस्टर था। बलबीर की हत्या के अलावा भी रोहताश पर अन्य आपराधिक मामले दर्ज थे। रोहताश के आपराधिक इतिहास और उसकी आपराधिक प्रवृति को देखते हुए हमलावर किसी भी तरह खतरा मोल नहीं लेना चाहते थे। इसलिए उन्होंने रोहताश पर सटीक वार किया। गोली सीधे उसके सिर में मारी।
रोहताश के भाई की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
पुलिस ने रोहताश के भाई मोनू की तहरीर पर गिरफ्तार आरोपी पुष्पेंद्र और विपिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मोनू ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनके भाई रोहताश कुछ दिनों से गुलावठी में रह रहे थे। कस्बे में गोगा इलेक्ट्रानिक के नाम से उन्होंने ई-स्कूटी का शोरूम खोला था।
मंगलवार की शाम करीब पांच बजे गांव पारपा निवासी पुष्पेंद्र व विपिन शोरूम पर पहुंचे और उनके भाई के साथ गालीगलौज करते हुए गोली मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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छोटी सी गलती, आरोपियों को पड़
रोहताश को गोली मारने के बाद हत्यारोपी पुष्पेंद्र व विपिन को एक छोटी सी गलती भारी पड़ गई। गोली मारने के बाद आरोपी भागने के इरादे से जिस गली में घुसे, वह आगे से बंद निकली। गली में घुसने के बाद आरोपी जैसे ही पीछे घूमे वैसे ही कोतवाल सहित पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
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बलवीर का भरोसेमंद था रोहताश,दोनों में थी गहरी दोस्ती
बुलंदशहर। मृतक रोहताश और बलवीर में गहरी दोस्ती थी। रोहताश बलवीर सिंह का भरोसेमंद था। वह उसका फाइनेंस और प्रॉपर्टी का कारोबार देखता था। ईंट-भट्ठों को ईंधन के रूप में तूड़ी उपलब्ध कराने के कारोबार के साथ-साथ वह प्रॉपर्टी के क्षेत्र में भी सक्रिय थे। पुलिस के अनुसार 25 लाख रुपये की मांग और आर्थिक विवाद के चलते रोहताश ने अपने साथियों के साथ मिलकर बलवीर सिंह की हत्या की थी।
बलवीर की हत्या में रोहताश समेत चार आरोपी जेल गए थे। जेल से छूटने के बाद रोहताश ने करीब 15 दिन पहले ही गुलावठी में कारोबार शुरू किया था। रंजिश को लेकर उसने गांव छोड़ दिया था लेकिन दूसरी ओर बलवीर सिंह के परिवार में उनकी हत्या का दर्द चिंगारी के रूप में धीरे-धीरे सुलग रहा था।
जैसे ही रोहताश जेल से छूटकर बाहर आया तो पिता की हत्या के बदले की आग में जल रहे बेटे पुष्पेंद्र ने रोहताश की हत्या की योजना बनाई। मंगलवार की शाम उसने अपने चचेरे भाई विपिन के साथ मिलकर पिता की हत्या का बदला लेने के लिए रोहताश की हत्या कर दी।
गांव पारपा थाना कपूरपुर जनपद हापुड़ निवासी पुष्पेंद्र ने अपने पिता बलवीर की हत्या का बदला लेने के लिए चचेरे भाई विपिन के साथ मिलकर मंगलवार की शाम गांव निवासी रोहताश की गुलावठी में उस समय गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी, जब वह अपने ई-स्कूटी के शोरूम पर बैठे थे। मोहर्रम के जुलूस से लौट रहे निरीक्षक धमेंद्र शर्मा ने आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था।
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कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने रोहताश पर छह राउंड फायरिंग की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रोहताश को चार गोलियां लगी थीं। दो गोली उनके सिर में लगी थी। एक गोली पार निकल गई। वहीं, गोली सिर में ही रुक गई थी। उनके सीने में दाहिने ओर और बाएं हाथ में भी एक गोली मिली है। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त दो तमंचे दो खोखे, बाइक बरामद की गई है।
आरोपियों ने लगाया सटीक निशाना
आरोपियों ने रोहताश पर सटीक निशाना लगाया था। किसी भी सूरत में आरोपी रोहताश को जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे। आरोपी जानते थे अगर हमले में रोहताश बच गया तो उनकी जान के लाले पड़ जाएंगे क्योंकि रोहताश गैंगस्टर था। बलबीर की हत्या के अलावा भी रोहताश पर अन्य आपराधिक मामले दर्ज थे। रोहताश के आपराधिक इतिहास और उसकी आपराधिक प्रवृति को देखते हुए हमलावर किसी भी तरह खतरा मोल नहीं लेना चाहते थे। इसलिए उन्होंने रोहताश पर सटीक वार किया। गोली सीधे उसके सिर में मारी।
रोहताश के भाई की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
पुलिस ने रोहताश के भाई मोनू की तहरीर पर गिरफ्तार आरोपी पुष्पेंद्र और विपिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मोनू ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनके भाई रोहताश कुछ दिनों से गुलावठी में रह रहे थे। कस्बे में गोगा इलेक्ट्रानिक के नाम से उन्होंने ई-स्कूटी का शोरूम खोला था।
मंगलवार की शाम करीब पांच बजे गांव पारपा निवासी पुष्पेंद्र व विपिन शोरूम पर पहुंचे और उनके भाई के साथ गालीगलौज करते हुए गोली मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
छोटी सी गलती, आरोपियों को पड़
रोहताश को गोली मारने के बाद हत्यारोपी पुष्पेंद्र व विपिन को एक छोटी सी गलती भारी पड़ गई। गोली मारने के बाद आरोपी भागने के इरादे से जिस गली में घुसे, वह आगे से बंद निकली। गली में घुसने के बाद आरोपी जैसे ही पीछे घूमे वैसे ही कोतवाल सहित पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
बलवीर का भरोसेमंद था रोहताश,दोनों में थी गहरी दोस्ती
बुलंदशहर। मृतक रोहताश और बलवीर में गहरी दोस्ती थी। रोहताश बलवीर सिंह का भरोसेमंद था। वह उसका फाइनेंस और प्रॉपर्टी का कारोबार देखता था। ईंट-भट्ठों को ईंधन के रूप में तूड़ी उपलब्ध कराने के कारोबार के साथ-साथ वह प्रॉपर्टी के क्षेत्र में भी सक्रिय थे। पुलिस के अनुसार 25 लाख रुपये की मांग और आर्थिक विवाद के चलते रोहताश ने अपने साथियों के साथ मिलकर बलवीर सिंह की हत्या की थी।
बलवीर की हत्या में रोहताश समेत चार आरोपी जेल गए थे। जेल से छूटने के बाद रोहताश ने करीब 15 दिन पहले ही गुलावठी में कारोबार शुरू किया था। रंजिश को लेकर उसने गांव छोड़ दिया था लेकिन दूसरी ओर बलवीर सिंह के परिवार में उनकी हत्या का दर्द चिंगारी के रूप में धीरे-धीरे सुलग रहा था।
जैसे ही रोहताश जेल से छूटकर बाहर आया तो पिता की हत्या के बदले की आग में जल रहे बेटे पुष्पेंद्र ने रोहताश की हत्या की योजना बनाई। मंगलवार की शाम उसने अपने चचेरे भाई विपिन के साथ मिलकर पिता की हत्या का बदला लेने के लिए रोहताश की हत्या कर दी।