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Bulandshahar News: जसर में पशु रोगों का कहर, खुरपका-मुंहपका की पुष्टि के लिए सैंपल एकत्रित

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 10:53 PM IST
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Animal diseases wreak havoc in Jassar, samples collected to confirm foot and mouth disease
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जहांगीराबाद। ब्लॉक जहांगीराबाद के गांव जसर में पशुओं में फैल रही संक्रामक बीमारियों से हो रही लगातार मौतों ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ के पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम ने गांव पहुंचकर प्रभावित पशुओं का विस्तृत निरीक्षण किया।
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जांच के दौरान खुरपका-मुंहपका रोग के लक्षणों के साथ गलघोटू व निमोनिया जैसी बीमारियों की आशंका भी सामने आई। विशेषज्ञों ने 20 बीमार पशुओं के मुंह के छालों, रक्त व इसोफैरिन्जियल द्रव के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट दो दिन में जिला पशु चिकित्सा विभाग को मिल जाएगी, इसके आधार पर आगे की रोकथाम रणनीति तय होगी।
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विशेषज्ञ दल में डॉ. अमित बालियान, डॉ. अमित कुमार वर्मा, डॉ. विकास जायसवाल, डॉ. रजत सिंह एवं डॉ. आशुतोष राय शामिल रहे। ग्राम प्रधान पवन कुमार ने टीम को बताया कि पिछले आठ दिनों में बीमारी की चपेट में आकर 150 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है, जब कि कई पशु अभी भी बीमार हैं।
मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार वर्मा ने पशुपालकों को प्राथमिक उपचार के उपाय बताते हुए मुंह के छालों पर भुना सुहागा-मक्खन लेप व पैरों के घावों को नीला थोथा घोल से धोने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि खुरपका-मुंहपका वायरस पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटा देता है, जिससे अन्य संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

पशुधन रोग नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमित बालियान ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इस रोग के मामले सामने आ रहे हैं और संक्रमण की पुष्टि भी हुई है। स्थानीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार व डॉ. पारुल को नियंत्रण व उपचार संबंधी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को तीन और पशुओं की मौत हो गई। एक मृत पशु का पोस्टमार्टम कराया गया है। विभाग ने रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित क्षेत्र में टीकाकरण व उपचार अभियान तेज करने की बात कही है, ताकि पशुधन को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।
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