{"_id":"69dbd019d0d0574b850ac1f8","slug":"four-sugar-mills-purchased-sugarcane-worth-rs-980-crore-rs-90-crore-outstanding-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-151972-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: चार चीनी मिलों ने 980 करोड़ का गन्ना खरीदा, 90 करोड़ बकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: चार चीनी मिलों ने 980 करोड़ का गन्ना खरीदा, 90 करोड़ बकाया
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिले में संचालित चार चीनी मिलों में से दो का संचालन बंद हो गया है। दो का संचालन 15 अप्रैल तक जारी रहेगा। चारों चीनी मिलें अभी तक 962 करोड़ से अधिक की राशि का गन्ना खरीद कर चुकी हैं। मिलों पर किसानों का करीब 90 करोड़ रुपये गन्ना बकाया चल रहा है। डीसीओ के अनुसार जिले की चाराें चीनी मिलें गन्ना भुगतान में मेरठ मंडल में पहले स्थान पर चल रही हैं।
जिले में करीब 1.40 लाख गन्ना उत्पादक किसान हैं। इस बार जिले में 85 हजार हेक्टेयर गन्ने का रकबा रहा। इन सभी किसानों का जिले की चार और गैर जनपद की चार कुल आठ चीनी मिल गन्ना खरीद करती हैं। गैर जनपद की चीनी मिलों में हापुड़ की ब्रजनाथपुर व सिंभावली, अमरोहा की चंदनपुर और संभल की रजपुरा चीनी मिल शामिल हैं। जिले अनूपशहर, साबितगढ़, अनामिका और वेव शुगर मिल संचालित हैं। इनमें से अनूपशहर और अनामिका मिल में गन्ना पेराई सत्र संपन्न हो चुका है। वहीं, शेष बचे गन्ने की खरीद के लिए वेव और साबितगढ़ चीनी मिलों का संचालन जारी है। इनका संचालन 15 अप्रैल तक जारी रहेगा।
जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती बताया कि दो चीनी मिलों के क्षेत्र में गन्ना नहीं होने के कारण उन्हें बंद कर दिया गया है। जबकि दो चीनी मिलों का संचालन बचे गन्ने की पेराई के लिए जारी है। उन्होंने बताया कि इस बार जिले की चारों चीनी मिलों ने अभी तक करीब 980 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा है। इसमें से मिलों की ओर से लगभग 890 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने दावा किया शेष भुगतान भी चीनी मिलों की ओर से जल्द कर दिया जाएगा। साथ ही बताया कि जिले की चीनी मिल बकाया गन्ना भुगतान में मेरठ मंडल में पहले स्थान पर चल रही है। उनका यह भी दावा है कि किसानों का पूरा गन्ना खरीदा जाएगा। खास बात यह है कि साबितगढ़ चीनी मिल का बकाया भुगतान शेष नहीं है। मिल की ओर से किसानों का पूरा भुगतान समय पर किया जा रहा है।
Trending Videos
जिले में करीब 1.40 लाख गन्ना उत्पादक किसान हैं। इस बार जिले में 85 हजार हेक्टेयर गन्ने का रकबा रहा। इन सभी किसानों का जिले की चार और गैर जनपद की चार कुल आठ चीनी मिल गन्ना खरीद करती हैं। गैर जनपद की चीनी मिलों में हापुड़ की ब्रजनाथपुर व सिंभावली, अमरोहा की चंदनपुर और संभल की रजपुरा चीनी मिल शामिल हैं। जिले अनूपशहर, साबितगढ़, अनामिका और वेव शुगर मिल संचालित हैं। इनमें से अनूपशहर और अनामिका मिल में गन्ना पेराई सत्र संपन्न हो चुका है। वहीं, शेष बचे गन्ने की खरीद के लिए वेव और साबितगढ़ चीनी मिलों का संचालन जारी है। इनका संचालन 15 अप्रैल तक जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती बताया कि दो चीनी मिलों के क्षेत्र में गन्ना नहीं होने के कारण उन्हें बंद कर दिया गया है। जबकि दो चीनी मिलों का संचालन बचे गन्ने की पेराई के लिए जारी है। उन्होंने बताया कि इस बार जिले की चारों चीनी मिलों ने अभी तक करीब 980 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा है। इसमें से मिलों की ओर से लगभग 890 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने दावा किया शेष भुगतान भी चीनी मिलों की ओर से जल्द कर दिया जाएगा। साथ ही बताया कि जिले की चीनी मिल बकाया गन्ना भुगतान में मेरठ मंडल में पहले स्थान पर चल रही है। उनका यह भी दावा है कि किसानों का पूरा गन्ना खरीदा जाएगा। खास बात यह है कि साबितगढ़ चीनी मिल का बकाया भुगतान शेष नहीं है। मिल की ओर से किसानों का पूरा भुगतान समय पर किया जा रहा है।