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Bulandshahar News: खुर्जा जंक्शन पर महिला प्रतीक्षालय को जीआरपी ने बना दिया बैरक
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खुर्जा जंक्शन। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया महिला प्रतीक्षालय अब जीआरपी के कब्जे में है। रेल प्रशासन ने प्लेटफॉर्म नंबर चार पर महिला यात्रियों की सुरक्षा और आराम के लिए अलग से प्रतीक्षालय का निर्माण कराया था, लेकिन दो साल पहले जीआरपी ने इसे अपना बैरक बना लिया।
स्थानीय निवासी आनंद सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में अमृत स्टेशन योजना के तहत खुर्जा जंक्शन पर नई इमारत का निर्माण शुरू किया गया था। इसके चलते जीआरपी के पुराने बने बैरक ध्वस्त किए गए थे। ऐसे में जीआरपी की ओर से प्लेटफॉर्म नंबर तीन - चार पर बने महिला प्रतीक्षालय को जीआरपी का बैरक बना दिया। जहां जीआरपी कर्मचारी अब इसी बैरक में ही ठहरते हैं।
महिला यात्रियों का कहना है कि रात के समय या ट्रेन का इंतजार करते वक्त उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। प्रतीक्षालय में जीआरपी जवानों का सामान, चारपाई और वर्दी रखी रहती है। कई बार जवान वहीं आराम करते मिलते हैं, जिससे महिलाएं अंदर जाने से कतराती हैं। मजबूरी में उन्हें प्लेटफॉर्म पर खुले में बैठकर या जनरल प्रतीक्षालय में पुरुष यात्रियों के बीच इंतजार करना पड़ता है।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर पहले से ही भीड़ ज्यादा रहती है। ऐसे में महिला प्रतीक्षालय बंद होने से दिक्कत और बढ़ गई है। बुजुर्ग महिलाओं, गर्भवती और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। त्योहारी सीजन में जब स्टेशन पर भीड़ दोगुनी हो जाती है, तब हालात और खराब हो जाते हैं।
इस मामले में जब जीआरपी अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि स्टाफ के बैठने और आराम करने के लिए कोई स्थायी बैरक नहीं है। जगह की कमी के कारण मजबूरी में प्रतीक्षालय का उपयोग करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि रेलवे बोर्ड ने महिला सुरक्षा को लेकर सभी स्टेशनों पर अलग प्रतीक्षालय, सीसीटीवी और महिला हेल्प डेस्क के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद खुर्जा जंक्शन पर नियमों की अनदेखी हो रही है।
स्टेशन के नव निर्माण के चलते अस्थाई रूप से जीआरपी का बैरक महिला प्रतीक्षालय में शिफ्ट किया गया है। जल्द नई इमारत में प्रतीक्षालय बनाया जाएगा। - घनश्याम मीणा, स्टेशन अधीक्षक
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स्थानीय निवासी आनंद सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में अमृत स्टेशन योजना के तहत खुर्जा जंक्शन पर नई इमारत का निर्माण शुरू किया गया था। इसके चलते जीआरपी के पुराने बने बैरक ध्वस्त किए गए थे। ऐसे में जीआरपी की ओर से प्लेटफॉर्म नंबर तीन - चार पर बने महिला प्रतीक्षालय को जीआरपी का बैरक बना दिया। जहां जीआरपी कर्मचारी अब इसी बैरक में ही ठहरते हैं।
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महिला यात्रियों का कहना है कि रात के समय या ट्रेन का इंतजार करते वक्त उन्हें सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। प्रतीक्षालय में जीआरपी जवानों का सामान, चारपाई और वर्दी रखी रहती है। कई बार जवान वहीं आराम करते मिलते हैं, जिससे महिलाएं अंदर जाने से कतराती हैं। मजबूरी में उन्हें प्लेटफॉर्म पर खुले में बैठकर या जनरल प्रतीक्षालय में पुरुष यात्रियों के बीच इंतजार करना पड़ता है।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर पहले से ही भीड़ ज्यादा रहती है। ऐसे में महिला प्रतीक्षालय बंद होने से दिक्कत और बढ़ गई है। बुजुर्ग महिलाओं, गर्भवती और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। त्योहारी सीजन में जब स्टेशन पर भीड़ दोगुनी हो जाती है, तब हालात और खराब हो जाते हैं।
इस मामले में जब जीआरपी अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि स्टाफ के बैठने और आराम करने के लिए कोई स्थायी बैरक नहीं है। जगह की कमी के कारण मजबूरी में प्रतीक्षालय का उपयोग करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि रेलवे बोर्ड ने महिला सुरक्षा को लेकर सभी स्टेशनों पर अलग प्रतीक्षालय, सीसीटीवी और महिला हेल्प डेस्क के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद खुर्जा जंक्शन पर नियमों की अनदेखी हो रही है।
स्टेशन के नव निर्माण के चलते अस्थाई रूप से जीआरपी का बैरक महिला प्रतीक्षालय में शिफ्ट किया गया है। जल्द नई इमारत में प्रतीक्षालय बनाया जाएगा। - घनश्याम मीणा, स्टेशन अधीक्षक