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Bulandshahar News: सरकार ने ईंधन में डीजल इस्तेमाल की दी अनुमति, पॉटरी उद्यमियों को मिली राहत

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2026 10:34 PM IST
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Government allows use of diesel as fuel, pottery entrepreneurs get relief
खुर्जा स्थित पॉटरी में भट्टी में पकने के लिए रखे उत्पाद। संवाद
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खुर्जा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से दिल्ली एनसीआर व आसपास के क्षेत्रों में उद्योग में ईंधन के लिए तेल / डीजल का प्रयोग करने की अनुमति दे दी गई है। इससे पॉटरी उद्यमियों ने राहत की सांस ली है। बीते 15 दिनों से ठप पड़े पॉटरी उद्योग में अब उत्पादन शुरू हो सकता है।
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खुर्जा पॉटरी एसोसिएशन के रवि राणा ने बताया कि अमेरिका इस्राइल और ईरान के बीच हो रहे युद्ध से देश भर में गैस को लेकर मारामारी देखने को मिल रही है। देश के प्रसिद्ध पॉटरी उद्योग को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में 400 पॉटरी इकाइयों का लगभग एक अरब रुपये का कारोबार ठप पड़ा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश बाद अब लोगों ने राहत की सांस ली है।
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वर्ष 2022 के बाद से दिल्ली एनसीआर क्षेत्र व उसके आस पास के इलाके में तेल ईंधन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। आयोग की ओर से शुक्रवार को आदेश जारी किया गया। इसमें कहा गया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग और प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से ईंधन के इस्तेमाल पर राहत दी गई है। ऐसे में अब आयोग की ओर ईंधन के लिए डीजल, बायोमास और आरडीएफ जो भी उपलब्ध हो वह औद्योगिक क्षेत्र, होटल, रेस्तरां और अन्य जगह वह इस्तेमाल हो सकते है। ऐसे में उपलब्धता के अनुसार अन्य ईंधन जैस कोयला और केरोसिन तेल का भी प्रयोग किया जा सकता है।


वापस पटरी पर आएगा कारोबार
यह सरकार का काफी अहम और सराहनीय निर्णय है। जो पॉटरी उद्योग 15 दिनों से ठप पड़ा था, वहां अब कारोबार शुरू हो सकेगा। पॉटरी का कारोबार वापस पटरी पर आएगा। एक महीने का समय दिया गया है। इसमें उद्यमी अपने उत्पाद तैयार कर सकते हैं और रुके हुए ऑर्डर पूरे कर सकते हैं। - अनुज गोयल, पॉटरी उद्यमी

नोजल व टैंकर की व्यवस्था बड़ी चुनौती
सरकार की ओर से ईंधन में डीजल व तेल की अनुमति दी गई है, जिससे राहत तो मिलेगी लेकिन उद्यमियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती पॉटरी इकाइयों में टैंकर की व्यवस्था करना है। तेल ईंधन प्रतिबंध के बाद सभी ने उपकरण व टैंकर हटा दिए थे। भट्टी में डीजल ईंधन के लिए लाखों रुपये के उपकरण लगेंगे। - विजय खुराना, पॉटरी उद्यमी
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